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नियुक्त पत्र के नाम पर अवैध उगाही, सीडीओ ने लिया संज्ञान
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:55 PM IST
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नियुक्ति पत्र के नाम पर हो रही अवैध उगाही
डीआईओएस कार्यालय में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने के नाम पर अवैध उगाही होने की चर्चा है। मामला संज्ञान में आने पर सीडीओ ने जांच करवाने की बात कही है। वहीं डीआईओएस ने अवैध उगाही के आरोपोें को सिरे से खारिज कर दिया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में आयोग की ओर से हाल में शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। इसमें से विभिन्न विषयों के 50 से अधिक शिक्षक जिले के विद्यालयों में तैनात किए गए हैं। आयोग द्वारा नियुक्त किए गए इन शिक्षकों को डीआईओएस कार्यालय की ओर से नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं।
जिन नए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं वह पिछले काफी समय से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि पहले तो उन्हें अफसर टरकाते रहे और फिर 15 हजार रुपये की मांग की गई। इस पर किसी ने 10 तो किसी ने 15 हजार रुपये दे दिए।
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बावजूद इसके अभी तक अधिकतर शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए जा रहे। इससे उनमें रोष तो हैं मगर, वह चाहकर भी अपनी शिकायत नहीं करना चाहते। यह मामला सीडीओ जसजीत कौर के संज्ञान में पहुंच गया है।
उनका कहना है कि अवैध वसूली के आरोपों की जांच करवाई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो इसमें शािमल अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, दूसरी ओर डीआईओएस मनोज कुमार आर्य का कहना है कि नियुक्ति पत्र के मामले में किसी तरह की अवैध वसूली नहीं की जा रही।
यदि किसी शिक्षक ने किसी अफसर अथवा कर्मचारी को नियुक्ति पत्र की एवज में रुपये दिए हैं तो वह उनसे आकर शिकायत करें। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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डीआईओएस कार्यालय में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने के नाम पर अवैध उगाही होने की चर्चा है। मामला संज्ञान में आने पर सीडीओ ने जांच करवाने की बात कही है। वहीं डीआईओएस ने अवैध उगाही के आरोपोें को सिरे से खारिज कर दिया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में आयोग की ओर से हाल में शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। इसमें से विभिन्न विषयों के 50 से अधिक शिक्षक जिले के विद्यालयों में तैनात किए गए हैं। आयोग द्वारा नियुक्त किए गए इन शिक्षकों को डीआईओएस कार्यालय की ओर से नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं।
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जिन नए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं वह पिछले काफी समय से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि पहले तो उन्हें अफसर टरकाते रहे और फिर 15 हजार रुपये की मांग की गई। इस पर किसी ने 10 तो किसी ने 15 हजार रुपये दे दिए।
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बावजूद इसके अभी तक अधिकतर शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए जा रहे। इससे उनमें रोष तो हैं मगर, वह चाहकर भी अपनी शिकायत नहीं करना चाहते। यह मामला सीडीओ जसजीत कौर के संज्ञान में पहुंच गया है।
उनका कहना है कि अवैध वसूली के आरोपों की जांच करवाई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो इसमें शािमल अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, दूसरी ओर डीआईओएस मनोज कुमार आर्य का कहना है कि नियुक्ति पत्र के मामले में किसी तरह की अवैध वसूली नहीं की जा रही।
यदि किसी शिक्षक ने किसी अफसर अथवा कर्मचारी को नियुक्ति पत्र की एवज में रुपये दिए हैं तो वह उनसे आकर शिकायत करें। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।