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बारिश ने दिलाई राहत, फिर उमस ने बढ़ाई आफत
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:47 PM IST
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बारिश ने दिलाई राहत, उमस ने बढ़ाई आफत
पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से बृहस्पतिवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने राहत दिलाई। मगर, कुछ समय बाद धूप निकलने पर उमस ने आफत बढ़ा दी। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए, क्योंकि फसलों को फायदा हुआ। वहीं, मौसम वैज्ञानिक फिर से बारिश के आसार जता रहे हैं।
इस बार मानसून समय पर आया और शुरूआत में अच्छी बारिश हुई। मगर, इसके बाद जहां-तहां बारिश होने और पिछले कई दिन से बारिश नहीं होने पर सभी की चिंता बढ़ गई। तापमान बढ़ने से उमस अपना रंग दिखाने लगी।
इस समय धान की फसल को पानी की सबसे अधिक जरूरत है। ऐसा नहीं रहा कि कई बार बादल न छाए हो। मगर, बिन बरसे ही लौटते रहे। मौसम वैज्ञानिकों ने भी बारिश के आसार कम होने की बात कही।
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इसी बीच बुधवार की रात्रि से ही आसमान में बादल छाने लगे और ठंडी हवा भी शुरू हो गई। बारिश होने के कुछ समय बाद धूप निकली और फिर उमस ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। बारिश होने के बाद बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 37 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि मौसम बार-बार रंगत बदल रहा है।
ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण बिगड़ना चिंता का विषय है। पिछले काफी दिनों से बदलते मौसम को लेकर बारिश के चांस बहुत कम बन रहे थे। मगर, अचानक बारिश होने से सबसे अधिक फायदा किसानों को हुआ है।
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पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से बृहस्पतिवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने राहत दिलाई। मगर, कुछ समय बाद धूप निकलने पर उमस ने आफत बढ़ा दी। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए, क्योंकि फसलों को फायदा हुआ। वहीं, मौसम वैज्ञानिक फिर से बारिश के आसार जता रहे हैं।
इस बार मानसून समय पर आया और शुरूआत में अच्छी बारिश हुई। मगर, इसके बाद जहां-तहां बारिश होने और पिछले कई दिन से बारिश नहीं होने पर सभी की चिंता बढ़ गई। तापमान बढ़ने से उमस अपना रंग दिखाने लगी।
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इस समय धान की फसल को पानी की सबसे अधिक जरूरत है। ऐसा नहीं रहा कि कई बार बादल न छाए हो। मगर, बिन बरसे ही लौटते रहे। मौसम वैज्ञानिकों ने भी बारिश के आसार कम होने की बात कही।
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इसी बीच बुधवार की रात्रि से ही आसमान में बादल छाने लगे और ठंडी हवा भी शुरू हो गई। बारिश होने के कुछ समय बाद धूप निकली और फिर उमस ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। बारिश होने के बाद बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 37 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि मौसम बार-बार रंगत बदल रहा है।
ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण बिगड़ना चिंता का विषय है। पिछले काफी दिनों से बदलते मौसम को लेकर बारिश के चांस बहुत कम बन रहे थे। मगर, अचानक बारिश होने से सबसे अधिक फायदा किसानों को हुआ है।