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स्कूल की करतूत से अवसाद में पहुंचा छात्र
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:32 AM IST
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स्कूल की करतूत से अवसाद में पहुंचा छात्र
जहांगीराबाद स्थित एक पब्लिक स्कूल की करतूत के चलते 12वीं का एक छात्र अवसाद में पहुंच गया। परिजनों की मानें तो सभी विषयों में फेल होने के कारण छात्र ने आत्महत्या की कोशिश की।
आरोप है कि स्कूल ने 12वीं में अच्छे अंक से पास कराने के नाम पर छात्र से हजारों रुपये एेंठ लिए। पीड़ित छात्र के परिजनों ने जिलाधिकारी से स्कूल के खिलाफ कार्रवाई के लिए गुहार लगाई है। कार्रवाई न होने पर पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
अनूपशहर के गांव जिनाई निवासी मोहित कुमार ने बताया कि उनके भाई अंकित चौधरी ने जहांगीराबाद स्थित एक स्कूल में 11वीं में एडमिशन लिया था।
आरोप है कि स्कूल के प्रबंधक ने 5वीं तक यूपी बोर्ड स्कूल तथा उसके बाद 12वीं तक सीबीएसई बोर्ड बताई थी। आरोप है कि 80 प्रतिशत अंक दिलाने के नाम पर 11वीं और 12वीं में 80 हजार रुपये फीस लिए गए और प्रेक्टिकल के नाम पर 20 हजार रुपये लिए गए।
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छात्र अंकित के भाई मोहित ने बताया कि किसी तरह उन्होंने कर्ज आदि लेकर फीस भरी। 12वीं का रिजल्ट आने पर अंकित समेत स्कूल में पढ़ने वाले सभी छात्र फेल हो गए।
सभी विषयों में फेल होने के कारण अंकित अवसाद में चला गया और आत्महत्या की कोशिश की। पीड़ित छात्र के भाई ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए स्कूल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं स्कूल प्रबंधन ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
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जहांगीराबाद स्थित एक पब्लिक स्कूल की करतूत के चलते 12वीं का एक छात्र अवसाद में पहुंच गया। परिजनों की मानें तो सभी विषयों में फेल होने के कारण छात्र ने आत्महत्या की कोशिश की।
आरोप है कि स्कूल ने 12वीं में अच्छे अंक से पास कराने के नाम पर छात्र से हजारों रुपये एेंठ लिए। पीड़ित छात्र के परिजनों ने जिलाधिकारी से स्कूल के खिलाफ कार्रवाई के लिए गुहार लगाई है। कार्रवाई न होने पर पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
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अनूपशहर के गांव जिनाई निवासी मोहित कुमार ने बताया कि उनके भाई अंकित चौधरी ने जहांगीराबाद स्थित एक स्कूल में 11वीं में एडमिशन लिया था।
आरोप है कि स्कूल के प्रबंधक ने 5वीं तक यूपी बोर्ड स्कूल तथा उसके बाद 12वीं तक सीबीएसई बोर्ड बताई थी। आरोप है कि 80 प्रतिशत अंक दिलाने के नाम पर 11वीं और 12वीं में 80 हजार रुपये फीस लिए गए और प्रेक्टिकल के नाम पर 20 हजार रुपये लिए गए।
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छात्र अंकित के भाई मोहित ने बताया कि किसी तरह उन्होंने कर्ज आदि लेकर फीस भरी। 12वीं का रिजल्ट आने पर अंकित समेत स्कूल में पढ़ने वाले सभी छात्र फेल हो गए।
सभी विषयों में फेल होने के कारण अंकित अवसाद में चला गया और आत्महत्या की कोशिश की। पीड़ित छात्र के भाई ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए स्कूल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं स्कूल प्रबंधन ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।