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डीएम ने किया कलक्ट्रेट का निरीक्षण, सिटी मजिस्ट्रेट का दफ्तर बदला
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:15 AM IST
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डीएम ने किया कलक्ट्रेट का निरीक्षण, सिटी मजिस्ट्रेट का दफ्तर बदला
बुलंदशहर डीएम द्वारा कलक्ट्रेट परिसर स्थित दफ्तरों का निरीक्षण किया गया तो दफ्तर के अफसर कर्मचारियों में खलबली मच गई। दफ्तर में हाजिरी लगाकर इधर-उधर टहल रहे बाबू-कर्मचारियों को डीएम ने जमकर खरीखोटी सुनाई।
इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट दफ्तर पहुंची डीएम को साहब की कई शिकायतें मिली, तो डीएम आग बबूला हो गई।
उन्होंने तत्काल सिटी मजिस्ट्रेट का दफ्तर बदलकर अपने दफ्तर के बराबर में कर लिया और सिटी मजिस्ट्रेट के दफ्तर को एमडीएम (न्यायिक) को सौंप दिया। इसके अलावा डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट से कई अतिरिक्त चार्ज भी हटा दिए हैं।
जानकारी के अनुसार डीएम ने दो दिन पूर्व कलक्ट्रेट स्थित दफ्तरों का निरीक्षण किया। दफ्तरों के निरीक्षण के दौरान डीएम सिटी मजिस्ट्रेट दफ्तर पहुंची तो वहां फरियादियों की लाइन लगी थी।
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डीएम के पहुंचते ही फरियादियों ने शिकायतों का अंबार लगाना शुरू कर दिया। शिकायतों पर डीएम ने पूछताछ की तो पता चला कि सिटी मजिस्ट्रेट फरियादियों की शिकायत पर हस्ताक्षर करने से बचते हैं।
डीएम ने आनन फानन में उनका दफ्तर बदलने के आदेश जारी कर दिए। उक्त स्थान पर अब एडीएम (न्यायिक) का दफ्तर बनाया गया है।
इसके अलावा सिटी मजिस्ट्रेट से ओसी आर्म्स, इमरजेंसी पोस्टमार्टम, केन्द्रीय विद्यालय की गतिविधि समेत आधा दर्जन से अधिक अतिरिक्त चार्जों को एडीएम प्रशासन को सौंपी है।
डीएम की कार्रवाई से कलक्ट्रेट परिसर स्थित दफ्तर में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, डीएम डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि यह रूटीन की प्रक्रिया है।
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बुलंदशहर डीएम द्वारा कलक्ट्रेट परिसर स्थित दफ्तरों का निरीक्षण किया गया तो दफ्तर के अफसर कर्मचारियों में खलबली मच गई। दफ्तर में हाजिरी लगाकर इधर-उधर टहल रहे बाबू-कर्मचारियों को डीएम ने जमकर खरीखोटी सुनाई।
इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट दफ्तर पहुंची डीएम को साहब की कई शिकायतें मिली, तो डीएम आग बबूला हो गई।
उन्होंने तत्काल सिटी मजिस्ट्रेट का दफ्तर बदलकर अपने दफ्तर के बराबर में कर लिया और सिटी मजिस्ट्रेट के दफ्तर को एमडीएम (न्यायिक) को सौंप दिया। इसके अलावा डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट से कई अतिरिक्त चार्ज भी हटा दिए हैं।
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जानकारी के अनुसार डीएम ने दो दिन पूर्व कलक्ट्रेट स्थित दफ्तरों का निरीक्षण किया। दफ्तरों के निरीक्षण के दौरान डीएम सिटी मजिस्ट्रेट दफ्तर पहुंची तो वहां फरियादियों की लाइन लगी थी।
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डीएम के पहुंचते ही फरियादियों ने शिकायतों का अंबार लगाना शुरू कर दिया। शिकायतों पर डीएम ने पूछताछ की तो पता चला कि सिटी मजिस्ट्रेट फरियादियों की शिकायत पर हस्ताक्षर करने से बचते हैं।
डीएम ने आनन फानन में उनका दफ्तर बदलने के आदेश जारी कर दिए। उक्त स्थान पर अब एडीएम (न्यायिक) का दफ्तर बनाया गया है।
इसके अलावा सिटी मजिस्ट्रेट से ओसी आर्म्स, इमरजेंसी पोस्टमार्टम, केन्द्रीय विद्यालय की गतिविधि समेत आधा दर्जन से अधिक अतिरिक्त चार्जों को एडीएम प्रशासन को सौंपी है।
डीएम की कार्रवाई से कलक्ट्रेट परिसर स्थित दफ्तर में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, डीएम डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि यह रूटीन की प्रक्रिया है।