{"_id":"5c65b9e2bdec22077e436ade","slug":"101550170594-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चचेरे भाईयों की मौत से उजड़ गई दो परिवारों की ‘खुशियां’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चचेरे भाईयों की मौत से उजड़ गई दो परिवारों की ‘खुशियां’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चचेरे भाइयों की मौत से उजड़ गई दो परिवारों की खुशियां
औरंगाबाद। हापुड़ क्षेत्र में बृहस्पतिवार को सड़क हादसे का शिकार हुए दो चचेरे भाई अपनी बहन की डोली विदा करने से पहले ही दुनिया से रुखसत हो गए। हादसे में सिर्फ दो युवकों की मौत ही नहीं हुई, बल्कि दोनों के परिवारों की सारी खुशियां भी उजड़ गई हैं। एक के घर में बहन की शादी होने वाली थी तो दूसरा परिवार अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के सपने संजोये था। दोनों की मौत के बाद गांव भी गम में डूब गया है।
अगौता थाना क्षेत्र के गांव सीही निवासी रामप्रताप की सबसे बड़ी पुत्री अंकिता की आठ मार्च को शादी है। रामप्रताप का 19 वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ बाइक से अपनी बहन की शादी के कार्ड बांटने के लिए लिए अपने तहेरे भाई विशाल पुत्र दिनेश (20) के साथ हापुड़ और मेरठ जा रहे थे। विशाल का बृहस्पतिवार को मेरठ में एसएससी जीडी का पेपर था। दोनों सुबह करीब साढ़े छह बजे बाइक से निकले थे। परिजनों के अनुसार 7.30 बजे हाफिजपुर थाने से एक पुलिसकर्मी ने फोन करके रोडवेज बस की टक्कर से दोनों की मौत होने की सूचना दी। विशाल और सिद्धार्थ की मौत की खबर से दोनों परिवारों के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। गांव में चचेरे भाइयों की मौत की सूचना मिलते ही सन्नाटा छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि विशाल पुलिस फोर्स में नौकरी पाने का सपना संजोए हुए था। वह पिछले एक साल में कई भर्तियाें में शामिल हो चुका था। शाम करीब पांच बजे जैसे ही दोनों के शव गांव पहुंचे तो गांव में मातम छा गया। घर के साथ ही गांव की महिलाओं का भी रो रोकर बुरा हाल था। सिद्धार्थ की बहन अंकिता रोते-रोते बार-बार बेसुध हो रही थी।
इकलौता पुत्र था सिद्धार्थ
मृतक सिद्धार्थ अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था। उसके चले जाने के बाद इस परिवार का चिराग बुझ गया है। सिद्धार्थ अपनी दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। दोनों बहनें उसे बहुत लाड़ प्यार से रखती थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
औरंगाबाद। हापुड़ क्षेत्र में बृहस्पतिवार को सड़क हादसे का शिकार हुए दो चचेरे भाई अपनी बहन की डोली विदा करने से पहले ही दुनिया से रुखसत हो गए। हादसे में सिर्फ दो युवकों की मौत ही नहीं हुई, बल्कि दोनों के परिवारों की सारी खुशियां भी उजड़ गई हैं। एक के घर में बहन की शादी होने वाली थी तो दूसरा परिवार अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के सपने संजोये था। दोनों की मौत के बाद गांव भी गम में डूब गया है।
अगौता थाना क्षेत्र के गांव सीही निवासी रामप्रताप की सबसे बड़ी पुत्री अंकिता की आठ मार्च को शादी है। रामप्रताप का 19 वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ बाइक से अपनी बहन की शादी के कार्ड बांटने के लिए लिए अपने तहेरे भाई विशाल पुत्र दिनेश (20) के साथ हापुड़ और मेरठ जा रहे थे। विशाल का बृहस्पतिवार को मेरठ में एसएससी जीडी का पेपर था। दोनों सुबह करीब साढ़े छह बजे बाइक से निकले थे। परिजनों के अनुसार 7.30 बजे हाफिजपुर थाने से एक पुलिसकर्मी ने फोन करके रोडवेज बस की टक्कर से दोनों की मौत होने की सूचना दी। विशाल और सिद्धार्थ की मौत की खबर से दोनों परिवारों के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। गांव में चचेरे भाइयों की मौत की सूचना मिलते ही सन्नाटा छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि विशाल पुलिस फोर्स में नौकरी पाने का सपना संजोए हुए था। वह पिछले एक साल में कई भर्तियाें में शामिल हो चुका था। शाम करीब पांच बजे जैसे ही दोनों के शव गांव पहुंचे तो गांव में मातम छा गया। घर के साथ ही गांव की महिलाओं का भी रो रोकर बुरा हाल था। सिद्धार्थ की बहन अंकिता रोते-रोते बार-बार बेसुध हो रही थी।
विज्ञापन
इकलौता पुत्र था सिद्धार्थ
मृतक सिद्धार्थ अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था। उसके चले जाने के बाद इस परिवार का चिराग बुझ गया है। सिद्धार्थ अपनी दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। दोनों बहनें उसे बहुत लाड़ प्यार से रखती थीं।
विज्ञापन