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खून के रिश्ते की ‘जिद’ ने थाने पहुंचाया वृद्धा का शव

Sat, 22 Apr 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ उझानी (बदायूं)।
अमर उजाला ब्यूरो/ उझानी (बदायूं)। Updated Sat, 22 Apr 2017 12:05 AM IST
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'Zid' carried blood transplant in police station
औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था। - फोटो : Demo Pic
खून के रिश्ते की ‘जिद’ ने थाने पहुंचाया वृद्धा का शव
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मायके में रह रही भूदेवी की बृहस्पतिवार शाम हुई थी मौत      
24 घंटे में कई बार ठिकाने बदले फिर देर शाम हुआ अंतिम संस्कार 

बृहस्पतिवार को एक वृद्धा की स्वाभाविक मौत ने खून के रिश्ते को भी फेर में डाल दिया। मायके में मौत होने की वजह से मृतका के भतीजे ने अंतिम संस्कार खुद करने की जिद पकड़ी तो दूर अपने पैतृक गांव में बैठा बेटा रूठ गया। अर्थी काफी देर तक कोतवाली गेट पर रखी रही। इसे लेकर पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो शुक्रवार शाम को उसका अंतिम संस्कार हो पाया।      

खून के रिश्तों में दरार का यह मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव पटपरागंज का है। 70 वर्षीय भूदेवी पिछले कई महीनों से पटपरागंज में अपने मायके यानी भतीजे हीरालाल के घर रह रहीं थीं। उनकी ससुराल सहसवान क्षेत्र के गांव अलैहदासपुर में थी। उनके पति रायसिंह की मौत हो चुकी है। भूदेवी की दो संतानों में एक बेटा और बेेटी है। बेटी ब्याह के बाद अपनी ससुराल में रहती है। बेटा उदयभान अलैहदासपुर में रहता है। भूदेवी के भतीजे हीरालाल के बेटे बिजनेश ने बताया कि भूदेवी की मृत्यु की खबर बृहस्पतिवार शाम को उदयभान को भेज दी गई लेकिन वह पटपरागंज नहीं आया लेकिन उदयभान नहीं चाहता था कि हीरालाल उनकी मां का अंतिम संस्कार करे, लेकिन इसके लिए वह खुद पटपटागंज नहीं पहुंचा बल्कि शव अपने गांव अलैहादासपुर भेजनेे की जिद पर अड़ गया। शुक्रवार सुबह उदयभान ने कोतवाली आकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। कहा कि उसकी मां का शव उनके भतीजे उसको सौंप नहीं रहे हैं। इस पर सब इंसपेक्टर सत्येद्र बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने हीरालाल समेत ग्रामीणों से जानकारी की। सत्येंद्र ने फोन पर उदयभान का भी पक्ष सुना। फिर भी बात नहीं बनी तो हीरालाल और उसके घरवाले वृद्धा के शव को अर्थी पर रखकर कोतवाली पहुंच गए। अर्थी कोतवाली गेट पर भी करीब दो घंटा तक रखी रही। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप का शव कछला पहुंचवाया। घाट पर पहले से मौजूद बेटे उदयभान ने शव का अंतिम संस्कार किया तब कहीं जाकर मामला निपटा। वृद्धा के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
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