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ओलंपिक में महिला खिलाड़ियों की सफलता छात्राओं में बढ़ा उत्साह
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बदायूं। ओलंपिक खेलों में महिला वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी मीराबाई चानू ने इस बार देश को पहला सिल्वर मेडल दिलाया था। इससे महिला खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ा। अब दूसरा ब्रांज मेडल भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने भारत के नाम किया है। इससे जिले की महिला खिलाड़ियों का हौसला और बढ़ा है।
तीरंदाजी, फुटबॉल और ताइक्वांडो समेत कई प्रतियोगिताओं में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में मेडल झटक चुकी हैं। राजकीय डिग्री कॉलेज की कई छात्राएं भी देश के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेलना चाहती है। ये छात्राएं खेलों के साथ-साथ अपनी कक्षा में मेधावी भी हैं। ओलंपिक खेलों में महिला खिलाड़ियों की सफलता से छात्राएं काफी खुश हैं।
राजकीय डिग्री कॉलेज की छात्रा रवीना एनसीसी कैडेट हैं। इसके अलावा वह ताइक्वांडो और फुटबॉल में भी पारंगत हैं। प्रदेश स्तर की कई प्रतियोगिताओं में वह कॉलेज के लिए मेडल जीत चुकी हैं। रूपलमान सिंह तो ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर तक खेल कर मेडल जीत चुकी हैं। अब वह अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना चाहती हैं। प्रगति शाक्य तो ताइक्वांडो के साथ फुटबॉल और तीरंदाजी में प्रदेश स्तर तक खेल कर मेडल जीत चुकी हैं। वैष्णवी गुप्ता ने भी प्रदेश स्तर की ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में मेडल जीते हैं। इन छात्राओं का कहना है कि ओलंपिक खेलों में भारतीय मिहिला खिलाड़ियों ने देश का नाम ऊंचा किया है। वह भी देश के लिए खेलना चाहती हैं।
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अगर कोई भी काम पूरी लगन के साथ किया जाए तो सफलता निश्चित है। छात्राएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं। खेल के क्षेत्र में सबसे जरूरी है कि उत्साह बना रहना चाहिए। कामयाबी मिलेगी। -रवीना, बीए द्वितीय वर्ष
ओलंपिक खेलों में भारत की महिला खिलाड़ियों ने देश की महिलाओं और बालिकाओं को संदेश दिया है कि वह किसी से पीछे नहीं हैं। बदायूं की बेटियां भी देश के लिए खेलना चाहती हैं।- रूपल मान सिंह, बीए प्रथम वर्ष
देश की महिला हॉकी टीम हो या फिर क्रिकेट या फिर अन्य खेल हों। महिला खिलाड़ी किसी खेल में पीछे नहीं हैं। ओलंपिक खेलों से साफ हो गया है कि महिलाएं भी देश के लिए मेडल जीत सकती हैं। - प्रगति शाक्य, बीए प्रथम वर्ष
हमारे कॉलेज की छात्राएं अभी तो राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक ही पहुंची हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम लोग अगर इसी लगन से लगे रहे तो आने वाले समय में देश के लिए खेलने का मौका भी मिलेगा। - वैष्णवी गुप्ता बीए द्वितीय वर्ष
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तीरंदाजी, फुटबॉल और ताइक्वांडो समेत कई प्रतियोगिताओं में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में मेडल झटक चुकी हैं। राजकीय डिग्री कॉलेज की कई छात्राएं भी देश के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेलना चाहती है। ये छात्राएं खेलों के साथ-साथ अपनी कक्षा में मेधावी भी हैं। ओलंपिक खेलों में महिला खिलाड़ियों की सफलता से छात्राएं काफी खुश हैं।
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राजकीय डिग्री कॉलेज की छात्रा रवीना एनसीसी कैडेट हैं। इसके अलावा वह ताइक्वांडो और फुटबॉल में भी पारंगत हैं। प्रदेश स्तर की कई प्रतियोगिताओं में वह कॉलेज के लिए मेडल जीत चुकी हैं। रूपलमान सिंह तो ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर तक खेल कर मेडल जीत चुकी हैं। अब वह अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना चाहती हैं। प्रगति शाक्य तो ताइक्वांडो के साथ फुटबॉल और तीरंदाजी में प्रदेश स्तर तक खेल कर मेडल जीत चुकी हैं। वैष्णवी गुप्ता ने भी प्रदेश स्तर की ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में मेडल जीते हैं। इन छात्राओं का कहना है कि ओलंपिक खेलों में भारतीय मिहिला खिलाड़ियों ने देश का नाम ऊंचा किया है। वह भी देश के लिए खेलना चाहती हैं।
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अगर कोई भी काम पूरी लगन के साथ किया जाए तो सफलता निश्चित है। छात्राएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं। खेल के क्षेत्र में सबसे जरूरी है कि उत्साह बना रहना चाहिए। कामयाबी मिलेगी। -रवीना, बीए द्वितीय वर्ष
ओलंपिक खेलों में भारत की महिला खिलाड़ियों ने देश की महिलाओं और बालिकाओं को संदेश दिया है कि वह किसी से पीछे नहीं हैं। बदायूं की बेटियां भी देश के लिए खेलना चाहती हैं।- रूपल मान सिंह, बीए प्रथम वर्ष
देश की महिला हॉकी टीम हो या फिर क्रिकेट या फिर अन्य खेल हों। महिला खिलाड़ी किसी खेल में पीछे नहीं हैं। ओलंपिक खेलों से साफ हो गया है कि महिलाएं भी देश के लिए मेडल जीत सकती हैं। - प्रगति शाक्य, बीए प्रथम वर्ष
हमारे कॉलेज की छात्राएं अभी तो राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक ही पहुंची हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम लोग अगर इसी लगन से लगे रहे तो आने वाले समय में देश के लिए खेलने का मौका भी मिलेगा। - वैष्णवी गुप्ता बीए द्वितीय वर्ष