शक, शव और सनसनी: पत्नी के दिव्यांग युवक से थे संबंध, पति ने खेत में बुलाकर दी ऐसी मौत, 37 दिन बाद सुलझी गुत्थी
सिंकू ने पत्नी से प्रेम प्रसंग के शक में दिव्यांग चंद्रप्रकाश की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। शव खेत में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी सिंकू को गिरफ्तार किया है।
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बदायूं के बिसौली थाना क्षेत्र के गांव गुलड़िया निवासी सिंकू उर्फ मुकेश ने पत्नी से प्रेम प्रसंग होने के शक में आंवला थाना क्षेत्र के आसपुर निवासी दिव्यांग चंद्रप्रकाश की रस्सी से गला कसकर हत्या की थी। हत्या के बाद शव खेत में फेंक दिया। पुलिस ने हत्यारोपी सिंकू को गिरफ्तार किया है। चंद्रप्रकाश का शव 37 दिन पहले सेंधी-ख्योराजपुर मार्ग पर गेहूं के खेत में मिला था। वह ई-रिक्शा चलाता था।
पुलिस के मुताबिक, 30 मार्च को गांव कीरतपुर निवासी विंद्र सिंह ने सोमपाल के खेत में शव मिलने की सूचना दी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया। शव की पहचान चंद्रप्रकाश के रूप में हुई। चंद्रप्रकाश के पिता वीरपाल की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। सिंकू की पत्नी शिवानी से संबंध था। इसी प्रेम प्रसंग को लेकर आरोपी सिंकू उससे रंजिश मानता था। सिंकू ने योजनाबद्ध तरीके से चंद्रप्रकाश की हत्या की।
पहले पिलाई शराब, फिर ली जान
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिंकू ने चंद्रप्रकाश को साथ ले जाकर शराब पिलाई। इसके बाद सिंकू ने चंद्रप्रकाश को अपनी पत्नी से बात करने से मना किया। इस पर दोनों में कहासुनी और गाली-गलौज हुई। गुस्से में सिंकू ने चंद्रप्रकाश को धक्का दिया और ई-रिक्शा में पड़ी रस्सी से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद शव खेत में फेंककर वह ई-रिक्शा के साथ बरेली भागा और बाद में दादरी चला गया। मुखबिर की सूचना पर सोमवार देर रात आरोपी को ग्राम सरदार नगर जाने वाले कट के पास से गिरफ्तार किया गया।
हत्यारोपी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर ई-रिक्शा बरामद किया गया है। - अंशिका वर्मा, एसपी दक्षिणी
गोली मारकर हत्या करने का आरोपी गिरफ्तार
गांव भीकमपुर में 18 अप्रैल को हुए कल्लू हत्याकांड में पुलिस ने एक आरोपी सतेंद्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर हत्या और जानलेवा हमले का आरोप है। पुलिस ने उसको मकरंदपुर रेलवे फाटक के पास से पकड़ा।
धर्मपाल पुत्र लखपत सिंह ने 18 अप्रैल को भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि फूलसिंह, सतेंद्र, जीराज, दीपक, सुनील, नरवीर और जोगेंद्र ने उनके भाई कल्लू उर्फ कल्याण सिंह (48) को गोली मार दी। गोली लगने से कल्लू की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के दौरान धर्मपाल पर भी फायरिंग की गई थी। पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस फूल सिंह, नरवीर और जोगेंद्र को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उनको जेल भेजा जा चुका है।
प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को मकरंदपुर रेलवे फाटक के पास घेराबंदी करके आरोपी सतेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनको जल्द गिरफ्तार करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रंजिश में की हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि कल्लू उर्फ कल्याण सिंह और आरोपी पक्ष के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी। करीब एक वर्ष पहले गांव के ही जीराज ने कल्याण सिंह के घर के पास जमीन खरीदी थी। इसी जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद रहने लगा था। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपी सतेंद्र के खिलाफ पहले से भी आपराधिक धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हैं।