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...अभी बाकी है फर्जी सूचियों की जांच
बदायूं।
Updated Mon, 20 Apr 2015 11:59 PM IST
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जिले में उप्र कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (पीसीएफ) में 1.91 करोड़ के बीज घोटाले उजागर होने के बाद से यहां बचाव की रणनीति पर धड़ाधड़ सूचियां बनाई गईं। फर्जी सूचियों की जांच अभी बाकी है। जांच शुरू होने के पहले ही समितियाें ने सूचियां बनाकर भेजनी शुरू कर दी थीं। अक्तूबर और नवंबर में बांटे गए बीज की सूचियां बाद में तैयार होना भी घोटाले की ओर इंगित करती हैं। पीसीएफ अनुदान की राशि लेने के प्रयास में इस नाटक को बर्दास्त कर रही है। जांच में अभी इस विषय को शामिल नहीं किया गया है और न उन किसानों से कोई पूछताछ हुई है, जिन्हें बीज वितरण दिखाया गया है।
तत्कालीन एआर कोआपरेटिव सतीश चंद्र श्रीवास्तव की रिपोर्ट पर शासन ने पीसीएफ के लखनऊ कार्यालय को कार्रवाई के लिए उसकी प्रति भेज दी थी। पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक स्मृति लाल यादव ने अपने अधीनस्थ अधिकारी नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में जांच कराई। पीसीएफ के मौजूदा जिला प्रबंधक बलवंत ने उस समय अपना बचाव करते हुए भंडार नायक उमेश सिंह और एकाउंटेंट विद्याराम शर्मा को नोटिस थमाकर जवाब मांग लिया था। हालांकि ये दोनों कहते रहे कि उनके स्तर से कोई मतलब नहीं है। यह अधिकारी स्तर का मामला है। उन्हें बेवजह इसमें घसीटा जा रहा है।
सपा नेताओं के अधिपत्य वाली समितियों को सबसे अधिक बीज
पीसीएफ वितरण नियमों को बलाए ताक कर बीज उन समितियों को सर्वाधिक दिया है, जो सपा नेताओं के अधिपत्य वाली हैं। इन समितियों पर जिले के कद्दावर सपा नेता के परिवार से जुड़े लोग और अति करीबी लोग काबिज हैं। जिले के अफसरों पर भी इनका खासा प्रभाव माना जाता है।
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किसान संगठनों में हुई प्रतिक्रिया
अमर उजाला में बीज घोटाले के भंडाफोड़ के बाद भाकियू और बीकेडी भी इसे मुद्दा बनाया। इस प्रकरण में बहुजन किसान दल के जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा है कि पीसीएफ घोटाले का केंद्र बन गया है। बीज का वितरण न किए जाने की शिकायत उन्होंने पहले ही किसान दिवस में की थी। उन्होंने इस प्रकरण को लेकर पीसीएफ प्रबंधक का घेराव भी किया था।
बीज वितरण का रिकार्ड
समिति बीज वितरण (क्विंटल) में
पैक्स समितियां 5919.20
क्रय विक्रय समिति 970.00
डीसीएफ 3150.00
केेंद्रीय उपभोक्ता 2854.80
पीसीएफ सेवा केंद्र 706.00
इफ्को बिसौली 150.00
इन जगहों से आया था अक्तूबर-नवंबर में बीज (क्विंटल) में
राम नगर से 3250
जसपुर से 1000
पीलीभीत से 7500
रामपुर से 1000
काशीपुर से 1000
कुल बीज 13750
बीज की कुल कीमत- 1,91,12,500 रुपये
तत्कालीन एआर सतीश चंद्र श्रीवास्तव के निर्देश पर उनके सहायक के रूप में उन्होंने ही पहली जांच की थी। जांच रिपोर्ट डीएम ने शासन तक पहुंचाई। इसके बाद इस पर बड़ी कार्रवाई हुई है।
- अंबिका प्रसाद सिंह, प्रभारी एआर, सहकारिता
और घोटाले के बाद भी पीसीएफ पर जिम्मेदारी
पीसीएफ के जिला प्रबंधक बलवंत ने बताया कि गेहूं खरीद की बड़ी जिम्मेदारी उनके विभाग पर है। बीज घोटाले में कर्मचारियों पर कार्रवाई हो जाने के बाद उन्हें कम स्टाफ की समस्या सता रही है। यही वजह है कि उनके कई क्रय केंद्र शुरू नहीं हो सके हैं। गेहूं खरीद में पीसीएफ को सर्वाधिक 45 क्रय केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि पीसीएफ के कई केंद्र अभी चालू तक नहीं हो सके हैं। पीसीएफ पर विशेष कृपा क्यों हो रही है? इसे लेकर कइ चर्चाएं हैं।
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तत्कालीन एआर कोआपरेटिव सतीश चंद्र श्रीवास्तव की रिपोर्ट पर शासन ने पीसीएफ के लखनऊ कार्यालय को कार्रवाई के लिए उसकी प्रति भेज दी थी। पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक स्मृति लाल यादव ने अपने अधीनस्थ अधिकारी नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में जांच कराई। पीसीएफ के मौजूदा जिला प्रबंधक बलवंत ने उस समय अपना बचाव करते हुए भंडार नायक उमेश सिंह और एकाउंटेंट विद्याराम शर्मा को नोटिस थमाकर जवाब मांग लिया था। हालांकि ये दोनों कहते रहे कि उनके स्तर से कोई मतलब नहीं है। यह अधिकारी स्तर का मामला है। उन्हें बेवजह इसमें घसीटा जा रहा है।
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सपा नेताओं के अधिपत्य वाली समितियों को सबसे अधिक बीज
पीसीएफ वितरण नियमों को बलाए ताक कर बीज उन समितियों को सर्वाधिक दिया है, जो सपा नेताओं के अधिपत्य वाली हैं। इन समितियों पर जिले के कद्दावर सपा नेता के परिवार से जुड़े लोग और अति करीबी लोग काबिज हैं। जिले के अफसरों पर भी इनका खासा प्रभाव माना जाता है।
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किसान संगठनों में हुई प्रतिक्रिया
अमर उजाला में बीज घोटाले के भंडाफोड़ के बाद भाकियू और बीकेडी भी इसे मुद्दा बनाया। इस प्रकरण में बहुजन किसान दल के जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा है कि पीसीएफ घोटाले का केंद्र बन गया है। बीज का वितरण न किए जाने की शिकायत उन्होंने पहले ही किसान दिवस में की थी। उन्होंने इस प्रकरण को लेकर पीसीएफ प्रबंधक का घेराव भी किया था।
बीज वितरण का रिकार्ड
समिति बीज वितरण (क्विंटल) में
पैक्स समितियां 5919.20
क्रय विक्रय समिति 970.00
डीसीएफ 3150.00
केेंद्रीय उपभोक्ता 2854.80
पीसीएफ सेवा केंद्र 706.00
इफ्को बिसौली 150.00
इन जगहों से आया था अक्तूबर-नवंबर में बीज (क्विंटल) में
राम नगर से 3250
जसपुर से 1000
पीलीभीत से 7500
रामपुर से 1000
काशीपुर से 1000
कुल बीज 13750
बीज की कुल कीमत- 1,91,12,500 रुपये
तत्कालीन एआर सतीश चंद्र श्रीवास्तव के निर्देश पर उनके सहायक के रूप में उन्होंने ही पहली जांच की थी। जांच रिपोर्ट डीएम ने शासन तक पहुंचाई। इसके बाद इस पर बड़ी कार्रवाई हुई है।
- अंबिका प्रसाद सिंह, प्रभारी एआर, सहकारिता
और घोटाले के बाद भी पीसीएफ पर जिम्मेदारी
पीसीएफ के जिला प्रबंधक बलवंत ने बताया कि गेहूं खरीद की बड़ी जिम्मेदारी उनके विभाग पर है। बीज घोटाले में कर्मचारियों पर कार्रवाई हो जाने के बाद उन्हें कम स्टाफ की समस्या सता रही है। यही वजह है कि उनके कई क्रय केंद्र शुरू नहीं हो सके हैं। गेहूं खरीद में पीसीएफ को सर्वाधिक 45 क्रय केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि पीसीएफ के कई केंद्र अभी चालू तक नहीं हो सके हैं। पीसीएफ पर विशेष कृपा क्यों हो रही है? इसे लेकर कइ चर्चाएं हैं।