फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Wood will be made from cow dung, the income of cattle herders will increase

Budaun News: गोबर से बनाई जाएगी लकड़ी, पशुपालकों की बढ़ेगी आय

Thu, 16 Mar 2023 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:45 AM IST
विज्ञापन
Wood will be made from cow dung, the income of cattle herders will increase
(15 बीडीएन-25)नगर पालिका की इसी गोशाला में लगेगा प्लांट।संवाद
- शहर में जगह-जगह फैल रही गंदगी को दूर करने के लिए पालिका प्रशासन ने बनाई रणनीति
विज्ञापन

- नगर पालिका की गोशाला में खाली पड़ी जगह पर लगाया जाएगा प्लांट, मशीनें खरीदी गईं
- शहर में 60 से ज्यादा स्थानों पर भैंस और गाय पालकर संचालित की जाती हैं डेयरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शहर में जगह-जगह खुलीं डेयरी से निकलने वाले गोबर को पशुपालक इधर-उधर फेंक देते हैं। इससे शहर में गंदगी भी फैलती है। बरसात में यह गोबर नाले और नालियों में बहता है तो समस्या और भी बढ़ जाती है। ऐसे में नगर पालिका प्रशासन ने उस गोबर से लकड़ी बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत गोबर से लकड़ी बनाने वाली मशीन भी खरीद ली गई है।
शहर में 60 से ज्यादा स्थानों पर भैंस और गाय पालन कर डेयरी संचालित की जा रही हैं। इन डेयरियों से रोजाना भारी मात्रा में गोबर निकलता है जिसको डेयरी संचालक इधर-उधर फेंक देते हैं, इस वजह से तमाम स्थानों पर गोबर के ढेर लग जाते हैं। आसपास के लोगों को इससे समस्याएं होती हैं। गोबर के ढेर की वजह से मच्छर भी पनपते हैं तो गंदगी भी फैलती रहती है। इसके अलावा नगर पालिका के अधीन ही एक गोशाला संचालित है, जिसमें काफी संख्या में गोवंश मौजूद हैं। वहां से भी काफी गोबर निकलता है। इस गोबर को भी डलावघर में फेंका जाता है।
विज्ञापन

अब नगर पालिका प्रशासन ने गोबर से लकड़ी बनाने की तैयारी की है। इसके लिए पशुपालकों से गोबर खरीदा जाएगा, जिससे उनकी आय भी बढ़ेगी। साथ ही सुबह-शाम गोबर उठने से गंदगी भी काफी हद तक दूर हो जाएगी। नगर पालिका गोबर की लकड़ी को बेचेगी, जिससे पालिका की भी आय बढ़ेगी। इस प्रोजेक्ट को जल्द ही शुरू किया जा रहा है। इस तैयारी के बीच नगर पालिका प्रशासन ने गोबर से लकड़ी बनाने वाली मशीन की खरीदारी कर ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शहर में नहीं होता है गोबर का निस्तारण,
नाले और नालियां हो जाते हैं चोक
ग्रामीण क्षेत्र में तो गोबर का काफी उपयोग होता है। गोबर से तैयार की गई खाद को किसान अपने खेतों में डालते हैं, इससे उनकी फसल बेहतर होती है। इसके अलावा गांव में उपले भी पाथे जाते हैं, लेकिन शहर में इसका निस्तारण नहीं हो पाता है। यहां पर गोबर निस्तारण के कोई इंतजाम भी नहीं हैं। इस वजह से यह गोबर नाले, नालियों के करीब डाल दिया जाता है जो बहकर नाले और नालियों में पहुंचता है, जिससे नाले, नाली चोक होते हैं।

शहर के किन स्थानों पर ज्यादा होता है दुधारू पशुओं का पालन
शहर में कई मोहल्ले ऐसे हैं जहां पर दुधारू पशुओं का पालन बड़ी संख्या में होता है इस वजह से उन इलाकों से गोबर ज्यादा निकलता है। शहर के मोहल्ला नेकपुर, ढाक वाली ज्यारत, गद्दी चौक, लोची नगला, नई सराय नई बस्ती, कबूलपुरा, गौटिया, ब्राह्मपुर इन स्थानों पर सबसे ज्यादा डेयरी संचालित हैं।


शहर में रोजाना कई टन गोबर पशुपालक इधर-उधर फेंक देते हैं, जिससे गंदगी फैलती है। इसके अलावा नगर पालिका की गोशाला से भी गोबर निकलता है, जिसका निस्तारण नहीं हो पा रहा था। साफ-सफाई के साथ ही पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए गोबर से लकड़ी बनाने का प्लांट शुरू किया जा रहा है। मशीन की खरीदारी की जा चुकी है। जल्द ही प्लांट शुरू हो जाएगा।
- डॉ. दीप कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed