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Budaun News: पांच मौतों का जिम्मेदार कौन... लोनिवि, परिवहन विभाग या स्कूल संचालक

Wed, 01 Nov 2023 12:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 01 Nov 2023 12:50 AM IST
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Who is responsible for five deaths, PWD, Transport Department or school director?
बदायूं। उसावां इलाके में स्कूल बस और वैन की टक्कर में चार बच्चों और वैन चालक की मौत होने की वैसे तो कई वजह सामने आईं हैं लेकिन इसका मुख्य रूप से जिम्मेदार कौन है। इसमें सबसे ज्यादा लापरवाही किसकी रही है। यह जांच का विषय है। हालांकि डीएम ने जांच कमेटी गठित कर दी है। सात दिन के अंदर क्या रिपोर्ट आती है और उसमें किसकी लापरवाही पाई जाती है, यह तो समय ही बताएगा।
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हादसे को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि अगर सड़क किनारे गड्ढा नहीं होता तो शायद हादसा नहीं होता। तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मारुति वैन में क्षमता से ज्यादा बच्चे सवार थे। अगर उसमें मानक के अनुसार बच्चे बैठे होते तो शायद चालक भी वैन को नियंत्रित कर सकता था, लेकिन मौके पर जो हालात देखने को मिले हैं, उनके आधार पर पीडब्ल्यूडी भी जिम्मेदार है और परिवहन विभाग भी।
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पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने यह भी नहीं देखा कि जिस मोड़ पर हादसा हुआ है, वहां सड़क किनारे जल जीवन मिशन के तहत खोदा गया गड्ढा जानलेवा था। अगर वहां गड्ढा न होता तो शायद चालक को बस निकालने में आसानी होती और उसे बस को सड़क की तरफ करने की जरूरत नहीं पड़ती। कहीं न कहीं यह गड्ढा ही जानलेवा साबित हुआ है। अगर वैन की बात करें तो उसमें सवार बच्चों की संख्या से ही लोग चौंक रहे हैं। इससे सिर्फ लोग ही हैरान नहीं हैं बल्कि जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी भी हैरान हैं।
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आठ सीटर गाड़ी में 26 बच्चों को बैठाना मामूली बात नहीं है। इन सबके बावजूद परिवहन विभाग क्या कर रहा था। आखिर इलाके में आकर ऐसे वाहनों की चेकिंग क्यों नहीं की गई। यह केवल स्कूल वाहन का मामला नहीं था। इलाके में बहुत से ऐसे वाहन चल रहे हैं, जिनमें सवारियों को ठूंस ठूंस भरकर लाया ले जाया जा रहा है। उनका भी कभी-कभी हादसा हो सकता है।
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तीन माह पहले की गई थी स्कूल वाहनों की चेकिंग
- परिवहन विभाग की ओर से तीन माह पहले भी स्कूल वाहनों की चेकिंग की गई थी। अधिकारियों का दावा था कि स्कूलों में जाकर वाहनों को चेक किया गया था। उस दौरान भी तमाम अनफिट वाहन पाए गए थे। कई चालकों के पास तो लाइसेंस तक नहीं मिला था। उस दौरान सभी को नोटिस दे दिया गया था। अगर उस दौरान ग्रामीण इलाके में वाहनों को चेक किया गया होता तो शायद एसआरपीएस इंग्लिश मीडियम की वैन भी पकड़ी जाती।

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वैन में लगा था गैस सिलिंडर, लग सकती थी आग
- जिस वैन से हादसा हुआ है। उसमें गैस सिलिंडर लगा हुआ था। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि वैन को एलपीजी डालकर चलाया जा रहा था। उसका परमिट भी नहीं था। अगर उसमें आग लग जाती तो और बड़ा हादसा हो सकता था।
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