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Budaun News: डीएपी आने की खबर मिली तो समितियाें पर टूट पड़ा पूरा गांव

Fri, 22 Nov 2024 11:35 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2024 11:35 PM IST
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When the news of DAP arrival was received, the whole village attacked the committees
जरीफनगर के रसूलपुर कला के सहकारी समिति पर डीएपी लेने को लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद
बदायूं। दहगवां और जरीफनगर की सहकारी समिति पर शुक्रवार को भी डीएपी वितरण की भनक लगते ही पूरा गांव वहां उमड़ पड़ा। समितियों पर पांच-छह सौ लागों की भीड़ देख सचिव को पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। पुलिस के आने पर ही खाद बांटी जा सकी। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी लाइन में लगीं थीं। डीएपी को लेकर आपस में धक्का-मुक्की हुई। शाम तीन बजे तक समितियों पर डीएपी खत्म हो गई। काफी संख्या में किसान बिना डीएपी लिए ही बैरंग हुए।
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जिले में आलू व गेहूं की बोआई चल रही है। ऐसे में किसानों को डीएपी की ज्यादा जरूरत है। जिले में जहां पर भी किसानों को डीएपी के बारे में जानकारी मिलती है वह तुरंत वहां पहुंच जा रहे हैं। जिले में दो दिन पहले एनएफएल की 343 एमटी डीएपी आई थी, जिसे 28 सहकारी केंद्राें पर भेज दिया गया।
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बृहस्पतिवार से इसका वितरण शुरू हुआ। शुक्रवार को जरीफनगर, दहगवां में डीएपी का वितरण किया गया। यहां हाल यह था कि सुबह में करीब पांच-छह सौ लोग पहुंच गए। किसानों की भीड़ को देखकर सचिव को पुलिस फोर्स बुलानी पड़ गई। इसके बाद डीएपी का वितरण शुरू हुआ। ऐसे में किसानों को एक-एक कट्टा डीएपी का दिया गया। दहगवां में 240 कट्टे, जरीफनगर में 260 कट्टे बांटे गए।
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किसान बोले- चार कट्टों की जरूरत थी, मिला सिर्फ एक
सुबह पांच बजे से लाइन में लगे दहगवां के नरौतम का कहना है कि उनको चार कट्टोंं की जरूरत थी। इसके लिए सुबह ही लाइन में लग गए थे, लेकिन एक ही कट्टा दिया गया। यही हाल जरीफनगर में शांतो का था। उन्हें भी तीन कट्टा डीएपी की जरूरत थी, लेकिन उनको भी एक ही कट्टा मिल सका। वह भी मिलने पर दोपहर हो गई है।

खाना-पीना छोड़कर सुबह पांच बजे ही लग गए लाइन में
सहकारी समिति दहगवां पर पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी लंबी लाइन लग गई। डीएपी का कट्टा पाने के चक्कर में बिना कुछ खाए-पीए ही किसान सुबह पांच बजे ही घर से चले आए। पहले कट्टा लेने के चक्कर में किसान खिड़की के पास पहुंचना चाह रहे थे। ऐसे में वहां पर जमकर धक्का-मुक्की हुई। एक कट्टा खाद लेकर किसान दोपहर बाद घर लौट पाए।


मुसिया नगला में फोर्स न मिलने से दूसरे दिन भी नहीं बंट सकी खाद
दबतोरी। सहकारी समिति मुसिया नगला पर पिछले कई दिन से डीएपी के कट्टे रखे हुए हैं। रोजाना किसान डीएपी लेने के लिए लाइन में लगते हैं, लेकिन बाद में सचिव नहीं आने की सूचना पर किसानों को खाली हाथ वापस होना होता है। पिछले चार दिन से यहां पर खाद नहीं बंट पाई है। सचिव नेम सिंह का कहना है कि पुलिस फोर्स की मांग की गई है। पुलिस के आने पर ही डीएपी बांटी जाएगी। संवाद



उझानी में डीएपी न मिलने से किसान परेशान, बोले- सूख रहा खेत
उझानी। डीएपी को लेकर किल्लत के बीच समितियों पर भी सभी किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। तीन दिन बाद खाली हाथ घर लौटे किसानों में शामिल चेतूनगला गांव के राजीव सिंह ने समितियों पर वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। राजीव ने बताया कि उसके पिता ब्रजेंद्र शारीरिक रूप से कमजोर हैं। चार दिन पहले बुटला समिति पर डीएपी का वितरण हुआ तो वह सुबह से लाइन में लग गया। उसका नंबर आता, उससे पहले कर्मचारियों ने स्टॉक खत्म हो जाने की बात कहकर लौटा दिया। इसके बाद वह दो दिन उझानी की क्रय-विक्रय समिति पर लाइन में लगा। खसरा खतौनी भी दिखाए, दोनों दिन उसे खाली हाथ घर लौटना पड़ा। ऐसे में बोआई के लिए तैयार खेत भी सूख गया।

किसानों में सेठपाल ने बताया कि अधिकतर समितियों पर मनमाने ढंग से डीएपी का वितरण किया जा रहा है। रकबा के हिसाब से डीएपी नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि कुछेक सचिव और कर्मचारियों के पास राजनीतिक पैरोकारों के जरिये पर्चियां पहुंच जाती हैं। ऐसे लोगों को डीएपी बिना लाइन में लगे ही मुहैया करा दी जाती है। संवाद

जरीफनगर के रसूलपुर कला के सहकारी समिति पर डीएपी लेने को लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद

जरीफनगर के रसूलपुर कला के सहकारी समिति पर डीएपी लेने को लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद

जरीफनगर के रसूलपुर कला के सहकारी समिति पर डीएपी लेने को लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद

जरीफनगर के रसूलपुर कला के सहकारी समिति पर डीएपी लेने को लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद

जरीफनगर के रसूलपुर कला के सहकारी समिति पर डीएपी लेने को लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद

जरीफनगर के रसूलपुर कला के सहकारी समिति पर डीएपी लेने को लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद

जरीफनगर के रसूलपुर कला के सहकारी समिति पर डीएपी लेने को लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद

जरीफनगर के रसूलपुर कला के सहकारी समिति पर डीएपी लेने को लगी किसानों और महिलाओं की भीड़। संवाद

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