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Budaun News: फर्जी बैनामों पर जांच शुरू हुई तो फंसने के डर से लेखपाल ने एसडीएम को भेज दी गलत रिपोर्ट
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बदायूं। ग्राम पंचायत सुजावली के मझरा पावड़ पुख्ता में करोड़ों रुपये कीमत की 1.194 हेक्टेयर जमीन के फर्जी बैनामा कराने के बाद इस खेल को छिपाने के लिए भी बड़ी साजिश रची गई। प्रकरण में प्रशासक की शिकायत पर कुछ माह पहले एसडीएम ने जांच बैठाई, लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल ने फंसने के डर से फर्जी रिपोर्ट तैयार की और एसडीएम को भेज दी। इससे मामला वहीं का वहीं दबा रह गया। इसके बाद प्रशासक को कार्रवाई कराने के लिए तहसील से लेकर जिला मुख्यालय के कई चक्कर काटने पड़े। जब प्रशासन से न्याय नहीं मिला, तब प्रशासक को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी थी।
तहसील सहसवान की ग्राम पंचायत सुजावली के प्रशासक ब्रह्मचारी ने बताया कि गांव में फर्जीवाड़े का उन्हें पता चला तो इसकी कड़ियां जोड़कर दस्तावेज जुटाना शुरू किए। इसकी शिकायत उन्होंने तहसील में एसडीएम के पास की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कई बार जाने पर एक बार जांच कराई गई तो लेखपाल ने गलत रिपोर्ट लगाकर अधिकारी को गुमराह कर दिया।
इसके बाद अधिकारी उन्हें यह कह देते थे कि आप इस मामले को लेकर इतना परेशान क्यों हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि भाग दौड़ करने पर एक बार कोर्ट के आदेश पर बैनामा निरस्त करा दिया था, लेकिन इसी बीच अधिकारियों ने गुमराह करते हुए फर्जी बैनामा कराकर दाखिल खारिज करा लिया था।
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प्रशासक ने बताया कि कई बार चक्कर काटने के बाद जब परेशान हो गया तो मुझे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन सहसवान के तहसीलदार हरीश चंद्र, नायाब तहसीलदार अनगराज और क्षेत्रीय लेखपाल अच्छेलाल के साथ मिलकर कुंवरपाल, लालाराम, नेत्रपाल व लालाराम उर्फ लालू के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई तो लगा आज मेहनत सफल हो गई। इधर, एडीएम प्रशासन मानवेंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय के बाद पर केस दर्ज हुआ है, इस मामले को देखने के लिए एसडीएम को निर्देश दिए हैं।
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जांच में गांव में तीन और निकलेंगे फर्जी बैनामा
प्रशासक ब्रह्मचारी के अनुसार, अभी गांव में तीन जमीनों पर और फर्जी बैनामे कराकर लोगों ने कब्जा कर रखा है। वह दस्तावेज एकत्र करने में लगे हुए हैं। उनका कहना है दस्तावेज जुटाने के बाद भी कार्रवाई के लिए बहुत भटकना पड़ा है, फिर भी वह हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वह इन फर्जी बैनामा के दस्तावेज तैयार होने के अधिकारियों से मिलेंगे। उनका कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच कराई जाए तो गांव में कई और ऐसे मामले में निकल सकते हैं।
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तहसील सहसवान की ग्राम पंचायत सुजावली के प्रशासक ब्रह्मचारी ने बताया कि गांव में फर्जीवाड़े का उन्हें पता चला तो इसकी कड़ियां जोड़कर दस्तावेज जुटाना शुरू किए। इसकी शिकायत उन्होंने तहसील में एसडीएम के पास की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कई बार जाने पर एक बार जांच कराई गई तो लेखपाल ने गलत रिपोर्ट लगाकर अधिकारी को गुमराह कर दिया।
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इसके बाद अधिकारी उन्हें यह कह देते थे कि आप इस मामले को लेकर इतना परेशान क्यों हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि भाग दौड़ करने पर एक बार कोर्ट के आदेश पर बैनामा निरस्त करा दिया था, लेकिन इसी बीच अधिकारियों ने गुमराह करते हुए फर्जी बैनामा कराकर दाखिल खारिज करा लिया था।
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प्रशासक ने बताया कि कई बार चक्कर काटने के बाद जब परेशान हो गया तो मुझे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन सहसवान के तहसीलदार हरीश चंद्र, नायाब तहसीलदार अनगराज और क्षेत्रीय लेखपाल अच्छेलाल के साथ मिलकर कुंवरपाल, लालाराम, नेत्रपाल व लालाराम उर्फ लालू के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई तो लगा आज मेहनत सफल हो गई। इधर, एडीएम प्रशासन मानवेंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय के बाद पर केस दर्ज हुआ है, इस मामले को देखने के लिए एसडीएम को निर्देश दिए हैं।
जांच में गांव में तीन और निकलेंगे फर्जी बैनामा
प्रशासक ब्रह्मचारी के अनुसार, अभी गांव में तीन जमीनों पर और फर्जी बैनामे कराकर लोगों ने कब्जा कर रखा है। वह दस्तावेज एकत्र करने में लगे हुए हैं। उनका कहना है दस्तावेज जुटाने के बाद भी कार्रवाई के लिए बहुत भटकना पड़ा है, फिर भी वह हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वह इन फर्जी बैनामा के दस्तावेज तैयार होने के अधिकारियों से मिलेंगे। उनका कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच कराई जाए तो गांव में कई और ऐसे मामले में निकल सकते हैं।