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गेहूं को मिली संजीवनी, ‘सब्जियों के राजा’ पर संकट

Thu, 02 Mar 2017 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। Updated Thu, 02 Mar 2017 11:52 PM IST
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Wheat received lifesaving, "the king of vegetables' crisis
rain - फोटो : amar ujala
-बरसात की नमी से मुरझाए आलू उत्पादकों के चेहरे
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-खेतों में लहलहा उठी गेहूं की फसल


पिछले 24 घंटे में रुक-रुक कर हुई बरसात ने किसानों के घरों में कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल पैदा कर दिया। बरसात के रूप में संजीवनी मिलते ही खेतों में गेहूं की फसल लहलहा उठी। गेहूं की अच्छी पैदावार के संकेत के साथ ही आलू उत्पादक परेशान दिखे। खेतों में कहीं खुदाई को तैयार तो कहीं खुदे पड़े आलू पर बरसात ने नुकसान की आशंका बढ़ा दी है। खेतों पानी भरा तो आलू सड़ने के कगार पर पहुंच जाएगा।
पहले से ही रेट के संकट से जूझ रहे सब्जियों के राजा आलू को लेकर उत्पादकों की परेशानी उस वक्त ज्यादा बढ़ गई जब बुधवार रात और बृहस्पतिवार दिन में तीन-चार बार बरसात हुई।  किसानों की मानें तो आलू की फसल का करीब 50 फीसदी हिस्सा अभी खेतों में ही है। बाकी बचे हिस्से में खुदाई के बाद भी आलू अभी तक खेतों में ही पड़ा है। पैदावार हालांकि अच्छी रही लेकिन जिन खेतों में आलू खुदा पड़ा है या फिर खुदाई को तैयार है, वहीं बरसात का पानी भरा तो आलू सड़ सकता है। पक कर तैयार सरसों की फसल को आंशिक नुकसान हो सकता है। इसे विपरीत गेहूं को बरसात के रूप में मिली संजीवनी ने किसानों को राहत पहुंचाने का काम किया है। बरसात से गेहूं पर माहो का खतरा भी कम रहेगा। पैदावार अच्छी रहेगी। ओलावृष्टि की आशंका कम है लेकिन ओले पड़े तो गेहूं उत्पादकों के अरमानों पर भी पानी फिर जाएगा।
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सब्जी फसलों को भी फायदा
उझानी। बरसात होने से सब्जी फसलों को ज्यादा फायदा हुआ है। हरी सब्जियों को भी इन दिनों हल्की सिंचाई की जरूरत रही जो बरसात ने पूरी कर दी। कद्दू, लौकी, टमाटर, सेम और पत्ता गोभी के खेतों में हरियाली नजर आने लगी है। मटर की बंपर पैदावार होगी। पालेज के लिए किसानों को खेतों के तैयारी करने का मौका हमल गया है।
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धुल गया पौधों पर छाया कार्बन
उझानी। पिछले दिनों पछुवा बयार चलने से गेहूं समेत सब्जी फसलों पर धूल के साथ ही कार्बन का प्रकोप बढ़ गया था। बरसात की बूंदों ने कार्बन को धोने का काम किया। किसान कहते हैं कि जो फायदा सिंचाई करने फसल को नहीं हो सकता, वह उससे कहीं ज्यादा बरसात ने कर दिया है। इसका फायदा फल और फूलों वाले पेड़-पौधों को भी मिलेगा।


बरसात से फिलहाल आलू को कोई खास नुकसान नहीं होगा लेकिन अगर बरसात तेज हुई तो खेतों में पानी भर जाने से आलू खेत में ही सड़ जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि किसान निजी संसाधनों के जरिए खेतों से बरसात पानी के निकास के लिए तैयार रहें।
- डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक।
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