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वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच को बदायूं से आंदोलन
बदायूं
Updated Mon, 12 Jan 2015 08:01 PM IST
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केंद्र सरकार भले ही वादकारियों को सस्ते न्याय की बात कह रही हो, मगर
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जिले के वादकारी उनमें भी खासकर किसान 440 किलोमीटर दूर हाईकोर्ट इलाहाबाद
के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। अब वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की एक बेंच
स्थापित कराने को वही किसान अगुवाकार बनेंगे।
इसकी रणनीति लगभग तैयार हो चुकी है। बस देरी सिर्फ बिगुल बजने की है। इस पूरे आंदोलन में नायक की भूमिका निभाने को समाजसेवी रमाकांत मिश्र तैयार हैं। वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तक मांग बेहद मजबूती और तथ्यात्मक रूप से पहुंचा चुके हैं।
इसे पहले की सरकारों का पक्षपात नहीं तो और क्या कहेंगे कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट से मात्र 235 किमी दूर लखनऊ में एक और बेंच काम कर रही है। वहां के वादकारी सस्ता और सुलभ न्याय भी ले रहे हैं। जबकि वेस्ट यूपी के शाहजहांपुर से शुरू बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, अलीगढ़, आगरा और सहारनपुर मंडलों का क्षेत्रफल करीब 835 किमी का है।
यहां से इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी 440 किमी तक है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यही है सरकारों का सस्ता और सुलभ न्याय? वेस्ट यूपी के वादकारी उनमें भी खासकर किसान समय के साथ धन से भी बर्बाद हो रहे हैं। यह पक्षपात और सौतेले व्यवहार के साथ कथनी और करनी में अंतर को भी साफ दर्शाता है।
वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की बेंच बने, इसको तमाम आंदोलन भी चल रहे हैं, मगर अभी तक कारगर कोई नहीं हुआ। करीब तीन साल से इस आंदोलन को गति देने में जुटे समाजसेवी रमाकांत मिश्र ने अब ऐसे वर्ग को अपने साथ लिया है, जो आरपार की लड़ाई के मूड में है।
पश्चिमी यूपी में बेंच बने इसके लिए किसान संगठनों के नेताओं से तेजी से बात अंतिम दौर पर है। श्री मिश्र ने बताया कि इस पर शीघ्र ही अंतिम मुहर लगेगी। सबकुछ ठीकठाक रहा, तो बेंच स्थापना के लिए सरकार को मजबूर किया जाएगा।
‘राजघाट’ हाईकोर्ट बैंच के लिए सबसे उपयुक्त
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 516, बरेली मंडल से 70, चंदौसी से 49 किमी दूर राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 618, मुरादाबाद से 53, चंदौसी से 49 किमी राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 740, मेरठ से 132, अलीगढ़ से 49 किमी राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 835, सहारनपुर से 253, अलीगढ़ से 49 किमी राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 532, अलीगढ़ मंडल से 49 किमी राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 450, आगरा से 49 किमी राजघाट
-लखनऊ हाईकोर्ट बेंच से 451, अलीगढ़ जंक्शन से 49 किमी राजघाट
-दिल्ली सुप्रीम कोर्ट से 130, अलीगढ़ जंक्शन से 49 किमी राजघाट।
इसकी रणनीति लगभग तैयार हो चुकी है। बस देरी सिर्फ बिगुल बजने की है। इस पूरे आंदोलन में नायक की भूमिका निभाने को समाजसेवी रमाकांत मिश्र तैयार हैं। वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तक मांग बेहद मजबूती और तथ्यात्मक रूप से पहुंचा चुके हैं।
इसे पहले की सरकारों का पक्षपात नहीं तो और क्या कहेंगे कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट से मात्र 235 किमी दूर लखनऊ में एक और बेंच काम कर रही है। वहां के वादकारी सस्ता और सुलभ न्याय भी ले रहे हैं। जबकि वेस्ट यूपी के शाहजहांपुर से शुरू बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, अलीगढ़, आगरा और सहारनपुर मंडलों का क्षेत्रफल करीब 835 किमी का है।
यहां से इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी 440 किमी तक है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यही है सरकारों का सस्ता और सुलभ न्याय? वेस्ट यूपी के वादकारी उनमें भी खासकर किसान समय के साथ धन से भी बर्बाद हो रहे हैं। यह पक्षपात और सौतेले व्यवहार के साथ कथनी और करनी में अंतर को भी साफ दर्शाता है।
वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की बेंच बने, इसको तमाम आंदोलन भी चल रहे हैं, मगर अभी तक कारगर कोई नहीं हुआ। करीब तीन साल से इस आंदोलन को गति देने में जुटे समाजसेवी रमाकांत मिश्र ने अब ऐसे वर्ग को अपने साथ लिया है, जो आरपार की लड़ाई के मूड में है।
पश्चिमी यूपी में बेंच बने इसके लिए किसान संगठनों के नेताओं से तेजी से बात अंतिम दौर पर है। श्री मिश्र ने बताया कि इस पर शीघ्र ही अंतिम मुहर लगेगी। सबकुछ ठीकठाक रहा, तो बेंच स्थापना के लिए सरकार को मजबूर किया जाएगा।
‘राजघाट’ हाईकोर्ट बैंच के लिए सबसे उपयुक्त
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 516, बरेली मंडल से 70, चंदौसी से 49 किमी दूर राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 618, मुरादाबाद से 53, चंदौसी से 49 किमी राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 740, मेरठ से 132, अलीगढ़ से 49 किमी राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 835, सहारनपुर से 253, अलीगढ़ से 49 किमी राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 532, अलीगढ़ मंडल से 49 किमी राजघाट
-इलाहाबाद हाईकोर्ट से 450, आगरा से 49 किमी राजघाट
-लखनऊ हाईकोर्ट बेंच से 451, अलीगढ़ जंक्शन से 49 किमी राजघाट
-दिल्ली सुप्रीम कोर्ट से 130, अलीगढ़ जंक्शन से 49 किमी राजघाट।