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शीतलहर और कोहरे में स्नोफीलिया व सांस संबंधी मरीज बढ़े
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बदायूं। लगातार बढ़ रही ठंड और गलन लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। मौसम के तेजी से बदलते रुख से सर्द हवाएं लोगों को बीमार कर रहीं हैं। ठंडी हवाएं, गलन और लगातार गिरते तापमान से लोग सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। स्नोफीलिया, अस्थमा रोगियों को भी इस मौसम में परेशानी हो रही है। वहीं गलत खानपान की वजह से पेट संबंधी बीमारियों के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
शनिवार को ठंड में होने वाली बीमारियों से पीड़ित काफी संख्या में मरीज ओपीडी पहुंचे। हालांकि, संक्रामक रोगों के सीजन के मुकाबले इन दिनों ओपीडी में ज्यादा भीड़ नहीं उमड़ रही है। लेकिन सर्दी में सावधानी न बरतने को लेकर लोग खांसी, जुकाम और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी पहुंचने वाले सांस रोग संबंधी मरीजों की संख्या ज्यादा है। कोहरे और शीतलहर की वजह से लोग स्नोफीलिया और अस्थमा संबंधी रोगों की चपेट में आसानी से आ रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि सांस संबंधी रोगियों में बुजुर्गों के साथ ही बच्चों की संख्या भी बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में विंटर डायरिया का भी खतरा रहता है। हालांकि, अब तक यहां विंटर डायरिया के मरीज नहीं आ रहे हैं। काफी संख्या में बुजुर्ग जोड़ों के दर्द की शिकायत के साथ भी जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। खानपान में लापरवाही की वजह से पेट संबंधी बीमारियां भी लोगों को घेर रही हैं।
विशेषज्ञ चिकित्सक की बात
यूं तो सर्दियों का मौसम हेल्दी होता है। लेकिन सावधानी न बरती जाए तो मुश्किल हो सकती है। खासकर हृदय और सांस संबंधी रोगियों को सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे रोगी ज्यादा जरूरी होने पर ही घर से निकलें। घर से निकलने पर गर्म कपड़ों के साथ मास्क का इस्तेमाल करें। कोहरे के समय घर से न निकलना ही बेहतर है। पीने में गर्मपानी का इस्तेमाल करना चाहिए। ताजा खाद्य और पेय पदार्थों का ही सेवन करें। ज्यादा सर्दी में मार्निंग वॉक पर भी न जाएं तो बेहतर है। इन दिनों सर्दी जुकाम के साथ स्नोफीलिया, सांस संबंधी मरीजों के साथ जोड़ों में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह भी दी जाती है।
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- डॉ. राजेश वर्मा, वरिष्ठ फिजीशियन जिला अस्पताल
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शनिवार को ठंड में होने वाली बीमारियों से पीड़ित काफी संख्या में मरीज ओपीडी पहुंचे। हालांकि, संक्रामक रोगों के सीजन के मुकाबले इन दिनों ओपीडी में ज्यादा भीड़ नहीं उमड़ रही है। लेकिन सर्दी में सावधानी न बरतने को लेकर लोग खांसी, जुकाम और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी पहुंचने वाले सांस रोग संबंधी मरीजों की संख्या ज्यादा है। कोहरे और शीतलहर की वजह से लोग स्नोफीलिया और अस्थमा संबंधी रोगों की चपेट में आसानी से आ रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि सांस संबंधी रोगियों में बुजुर्गों के साथ ही बच्चों की संख्या भी बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में विंटर डायरिया का भी खतरा रहता है। हालांकि, अब तक यहां विंटर डायरिया के मरीज नहीं आ रहे हैं। काफी संख्या में बुजुर्ग जोड़ों के दर्द की शिकायत के साथ भी जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। खानपान में लापरवाही की वजह से पेट संबंधी बीमारियां भी लोगों को घेर रही हैं।
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विशेषज्ञ चिकित्सक की बात
यूं तो सर्दियों का मौसम हेल्दी होता है। लेकिन सावधानी न बरती जाए तो मुश्किल हो सकती है। खासकर हृदय और सांस संबंधी रोगियों को सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे रोगी ज्यादा जरूरी होने पर ही घर से निकलें। घर से निकलने पर गर्म कपड़ों के साथ मास्क का इस्तेमाल करें। कोहरे के समय घर से न निकलना ही बेहतर है। पीने में गर्मपानी का इस्तेमाल करना चाहिए। ताजा खाद्य और पेय पदार्थों का ही सेवन करें। ज्यादा सर्दी में मार्निंग वॉक पर भी न जाएं तो बेहतर है। इन दिनों सर्दी जुकाम के साथ स्नोफीलिया, सांस संबंधी मरीजों के साथ जोड़ों में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह भी दी जाती है।
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- डॉ. राजेश वर्मा, वरिष्ठ फिजीशियन जिला अस्पताल