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हम पर भी तरस खाओ...बहुत तप जाते हैं घर तक आते-आते
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:47 AM IST
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धूप
- फोटो : अमर उजाला
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निजी स्कूलों का नहीं बदला गया समय तो बच्चे होंगे बीमार
परिषदीय स्कूल कल से खुलेंगे सुबह सात बजे से
आसमान से बरस रही आग ने सभी को परेशान कर दिया है। सुबह नौ-दस बजे के बाद से ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। भीषण गर्मी और तपिश के कारण बेसिक के स्कूलों का समय बदल दिया गया है,लेकिन शहर समेत जिले भर में निजी, कांवेंट स्कूलों का समय पुराना ही है। सो उन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का बुराहाल हो जाता है।
अप्रैल माह में आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी और धूप से बचने के लिए हर कोई गमछा या अन्य कपड़ों का सहारा ले रहा है। साथ में प्यास बुझाने को पानी की बोतल भी रहती है। धूप की वजह से सड़कों पर शाम चार बजे तक सन्नाटा पसरा रहता है। यहां बता दें कि प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन द्वारा स्कूलों का समय परिवर्तित कर दिए जाने के बाद बीएसए पीसी यादव ने यहां पर भी सोमवार से स्कूलों का समय बदल दिया है। जिसके तहत स्कूल सुबह सात बजे खुलेंगे और 12 बजे छुट्टी होगी। परिषदीय स्कूलों में तो समय बदल गया है, लेकिन निजी स्कूलों में नहीं बदला है। सो देखा गया है कि इन स्कूलों में दोपहर दो-ढाई बजे छुट्टी होने के बाद बच्चों की हालत बहुत खराब हो जाती है। धूप से बचने को रिक्शों पर सवार बच्चे अपने बैग का सहारा लेते हैं। वाहनों से आने वाले बच्चों की और भी ज्यादा स्थिति खरीब रहती है। बावजूद इसके निजी स्कूल वाले समय नहीं बदल रहे हैं। कई बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि जब तक गर्मी पड़ रही है तब तक स्कूलों का समय सुबह 6.30 से अधिकतम 12 बजे का रहना चाहिए। इसके लिए तत्काल प्रभाव से जिलाधिकारी या स्कूल प्रबंध तंत्र को कदम उठाना चाहिए। नहीं तो बच्चों को ज्यादा दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
परिषदीय स्कूल कल से खुलेंगे सुबह सात बजे से
आसमान से बरस रही आग ने सभी को परेशान कर दिया है। सुबह नौ-दस बजे के बाद से ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। भीषण गर्मी और तपिश के कारण बेसिक के स्कूलों का समय बदल दिया गया है,लेकिन शहर समेत जिले भर में निजी, कांवेंट स्कूलों का समय पुराना ही है। सो उन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का बुराहाल हो जाता है।
अप्रैल माह में आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी और धूप से बचने के लिए हर कोई गमछा या अन्य कपड़ों का सहारा ले रहा है। साथ में प्यास बुझाने को पानी की बोतल भी रहती है। धूप की वजह से सड़कों पर शाम चार बजे तक सन्नाटा पसरा रहता है। यहां बता दें कि प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन द्वारा स्कूलों का समय परिवर्तित कर दिए जाने के बाद बीएसए पीसी यादव ने यहां पर भी सोमवार से स्कूलों का समय बदल दिया है। जिसके तहत स्कूल सुबह सात बजे खुलेंगे और 12 बजे छुट्टी होगी। परिषदीय स्कूलों में तो समय बदल गया है, लेकिन निजी स्कूलों में नहीं बदला है। सो देखा गया है कि इन स्कूलों में दोपहर दो-ढाई बजे छुट्टी होने के बाद बच्चों की हालत बहुत खराब हो जाती है। धूप से बचने को रिक्शों पर सवार बच्चे अपने बैग का सहारा लेते हैं। वाहनों से आने वाले बच्चों की और भी ज्यादा स्थिति खरीब रहती है। बावजूद इसके निजी स्कूल वाले समय नहीं बदल रहे हैं। कई बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि जब तक गर्मी पड़ रही है तब तक स्कूलों का समय सुबह 6.30 से अधिकतम 12 बजे का रहना चाहिए। इसके लिए तत्काल प्रभाव से जिलाधिकारी या स्कूल प्रबंध तंत्र को कदम उठाना चाहिए। नहीं तो बच्चों को ज्यादा दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
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