{"_id":"624358ad3d5fea038b12ea2b","slug":"water-badaun-news-bly4797420189","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी बढ़ी और प्यास भी... यहां तो टोटियां ही सूखी हुई हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी बढ़ी और प्यास भी... यहां तो टोटियां ही सूखी हुई हैं
विज्ञापन
रोडवेज बस स्टैंड पर गंदगी के बीच लगा हैंडपंप। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। मार्च में ही गर्मी इस बार मई-जून का अहसास कराने लगी है। सूरज के तेवर इस तरह तल्ख हैं कि दोपहर में घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। तापमान में इजाफा होने से गला भी सू्खने लगा है। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर हालात ऐसे हैं कि दो घूंट स्वच्छ पानी मिलना मुश्किल हो रहा है। जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और रोडवेज बस स्टैंड पर काफी बुरा हाल है। यात्रियों और तीमारदारों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
जिला और महिला अस्पताल में आरओ खराब पड़े हैं। पीने के पानी की टंकियों की टोटियां सूखी हैं, वहीं हैंडपंप मरम्मत के इंतजार में हैं। ऐसे में प्यास बुझाने का बस यही तरीका है कि अपनी जेब ढीली करके पानी की बोतल लेकर अपनी प्यास बुझा ली जाए। इसी तरह जिला अस्पताल में लगी टोटियों में बूंद-बूंद कर पानी आ रहा है तो रोडवेज परिसर में लगे शीतल जल के प्याऊ की टोंटियों का हलक खुद ही सूखा है। यहीं हाल महिला अस्पताल में लगे आरओ और वॉटर कूलर का है। ऐसे में काफी लोग पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं, लेकिन रिक्शा चालक, राहगीर, मजदूर, अन्य गरीब तबके के लोगों को प्यास बुझाने के लिए जेब ढीली करने में कठिनाई हो रही है।
-
जिला अस्पताल : हैंडल मारते रहो, मगर नहीं आता पानी
जिला अस्पताल का आरओ काफी समय से खराब पड़ा है। आरओ के पास ही एक इंडिया मार्क हैंडपंप लगा है। इस हैंडपंप में कई बार हैंडल मारने के बाद भी दो घूंट पानी नहीं निकलता। जिला अस्पताल में दवा लेने आए ग्रामीण सुखलाल ने बताया कि शुद्ध पेयजल की बहुत किल्लत है। मजबूरन पानी पीने के लिए या तो बोतल खरीदनी पड़ती है या फिर अस्पताल के बाहर पीने का पानी तलाश करना पड़ता है। तीमारदारों और रोगियों को भी पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। जिला महिला अस्पताल में ही यही हाल है। यहां भी आरओ खराब है। एकाध टोंटी से सामान्य पानी आ रहा है पर गंदगी बदस्तूर है। अस्पताल परिसर में आस-पास कोई हैंडपंप भी नजर नहीं जाता। ऐसे में काफी समस्या हो रही है।
विज्ञापन
-
रोडवेज परिसर : आरओ खराब, हैंडपंप के पास गंदगी
रोडवेज परिसर में यात्री सुविधाओं की बात छोड़िए। यहां पीने का पानी भी मयस्सर नहीं है। परिसर में एक इंडिया मार्क हैंडपंप चालू हालत में है, लेकिन इसके आस-पास गंदगी होने के कारण यात्रियों को खरीदकर ही पीना पड़ता है। एआरएम ऑफिस के बाहर चार टंकियां लगी हैं। इनमें किसी में पानी नहीं आ रहा है। पुराने भवन के बाहर आरओ लगा है, इसका भी हलक सूख चुका है। रोडवेज बस स्टैंड पर बस का ही इंतजार कर रहे अर्जुन ने बात करने पर कहा कि इस स्टैंड में पेयजल तक उपलब्ध नहीं है। पेयजल का उचित प्रबंध होना जरूरी है। परिवहन विभाग को पानी का इंतजाम सुनिश्चित करना चाहिए। जिससे गरीब तबके के लोगों को प्यास बुझाने के लिए पानी खरीदकर न पीना पड़े।
यात्री और रोगी बोले-भटकते हैं, पर नहीं मिलता पानी
रोडवेज बस स्टैंड पर पीने के पानी के कोई इंतजाम नहीं हैं। गर्मी में यात्रियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। हैंडपंप के पास भी काफी गंदगी है।
-अजय, यात्री
-
रोडवेज बस स्टैंड पर रोज हजारों यात्री आते-जाते हैं। प्रबंधन को यात्री सुविधाओं का ध्यान रखने के साथ गर्मी में पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने की जरूरत है।
-अर्जुन सिंह, यात्री
-
अस्पताल में आरओ सिस्टम खराब है। हैंडपंप में हैंडल मारते रहो पर पानी आता ही नहीं। काफी देर अस्पताल परिसर में घूमने के बाद भी कहीं पीने का पानी नहीं मिल सका।
-सलमान, रोगी
-
गर्मियों में कम से कम पीने के पानी की व्यवस्था तो ठीक होनी चाहिए। बार-बार आने पर तो डॉक्टर मिलते हैं। घंटों इंतजार करना होता है, इस दौरान प्यास लगे तो पानी भी नहीं मिलता।
-सुखलाल, रोगी
-
पीने के पानी की उपलब्धता के लिए आरओ ठीक कराया जा रहा है। पिछले दिनों समरसेबिल खराब होने के बाद नया बोरिंग भी करा दिया गया है। गर्मियों में यात्रियों को पेयजल की समस्या न हो इसके लिए काम किया जा रहा है।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो
-
आरओ में अगर कोई खराबी है तो उसे ठीक कराया जाएगा। इंडिया मार्क हैंडपंप ठीक कराने के लिए लिखा गया है। अस्पताल परिसर में कई और भी हैंडपंप हैं जो चालू हालत में हैं। अगर कहीं पर कोई समस्या है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
जिला और महिला अस्पताल में आरओ खराब पड़े हैं। पीने के पानी की टंकियों की टोटियां सूखी हैं, वहीं हैंडपंप मरम्मत के इंतजार में हैं। ऐसे में प्यास बुझाने का बस यही तरीका है कि अपनी जेब ढीली करके पानी की बोतल लेकर अपनी प्यास बुझा ली जाए। इसी तरह जिला अस्पताल में लगी टोटियों में बूंद-बूंद कर पानी आ रहा है तो रोडवेज परिसर में लगे शीतल जल के प्याऊ की टोंटियों का हलक खुद ही सूखा है। यहीं हाल महिला अस्पताल में लगे आरओ और वॉटर कूलर का है। ऐसे में काफी लोग पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं, लेकिन रिक्शा चालक, राहगीर, मजदूर, अन्य गरीब तबके के लोगों को प्यास बुझाने के लिए जेब ढीली करने में कठिनाई हो रही है।
विज्ञापन
-
जिला अस्पताल : हैंडल मारते रहो, मगर नहीं आता पानी
जिला अस्पताल का आरओ काफी समय से खराब पड़ा है। आरओ के पास ही एक इंडिया मार्क हैंडपंप लगा है। इस हैंडपंप में कई बार हैंडल मारने के बाद भी दो घूंट पानी नहीं निकलता। जिला अस्पताल में दवा लेने आए ग्रामीण सुखलाल ने बताया कि शुद्ध पेयजल की बहुत किल्लत है। मजबूरन पानी पीने के लिए या तो बोतल खरीदनी पड़ती है या फिर अस्पताल के बाहर पीने का पानी तलाश करना पड़ता है। तीमारदारों और रोगियों को भी पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। जिला महिला अस्पताल में ही यही हाल है। यहां भी आरओ खराब है। एकाध टोंटी से सामान्य पानी आ रहा है पर गंदगी बदस्तूर है। अस्पताल परिसर में आस-पास कोई हैंडपंप भी नजर नहीं जाता। ऐसे में काफी समस्या हो रही है।
विज्ञापन
-
रोडवेज परिसर : आरओ खराब, हैंडपंप के पास गंदगी
रोडवेज परिसर में यात्री सुविधाओं की बात छोड़िए। यहां पीने का पानी भी मयस्सर नहीं है। परिसर में एक इंडिया मार्क हैंडपंप चालू हालत में है, लेकिन इसके आस-पास गंदगी होने के कारण यात्रियों को खरीदकर ही पीना पड़ता है। एआरएम ऑफिस के बाहर चार टंकियां लगी हैं। इनमें किसी में पानी नहीं आ रहा है। पुराने भवन के बाहर आरओ लगा है, इसका भी हलक सूख चुका है। रोडवेज बस स्टैंड पर बस का ही इंतजार कर रहे अर्जुन ने बात करने पर कहा कि इस स्टैंड में पेयजल तक उपलब्ध नहीं है। पेयजल का उचित प्रबंध होना जरूरी है। परिवहन विभाग को पानी का इंतजाम सुनिश्चित करना चाहिए। जिससे गरीब तबके के लोगों को प्यास बुझाने के लिए पानी खरीदकर न पीना पड़े।
यात्री और रोगी बोले-भटकते हैं, पर नहीं मिलता पानी
रोडवेज बस स्टैंड पर पीने के पानी के कोई इंतजाम नहीं हैं। गर्मी में यात्रियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। हैंडपंप के पास भी काफी गंदगी है।
-अजय, यात्री
-
रोडवेज बस स्टैंड पर रोज हजारों यात्री आते-जाते हैं। प्रबंधन को यात्री सुविधाओं का ध्यान रखने के साथ गर्मी में पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने की जरूरत है।
-अर्जुन सिंह, यात्री
-
अस्पताल में आरओ सिस्टम खराब है। हैंडपंप में हैंडल मारते रहो पर पानी आता ही नहीं। काफी देर अस्पताल परिसर में घूमने के बाद भी कहीं पीने का पानी नहीं मिल सका।
-सलमान, रोगी
-
गर्मियों में कम से कम पीने के पानी की व्यवस्था तो ठीक होनी चाहिए। बार-बार आने पर तो डॉक्टर मिलते हैं। घंटों इंतजार करना होता है, इस दौरान प्यास लगे तो पानी भी नहीं मिलता।
-सुखलाल, रोगी
-
पीने के पानी की उपलब्धता के लिए आरओ ठीक कराया जा रहा है। पिछले दिनों समरसेबिल खराब होने के बाद नया बोरिंग भी करा दिया गया है। गर्मियों में यात्रियों को पेयजल की समस्या न हो इसके लिए काम किया जा रहा है।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो
-
आरओ में अगर कोई खराबी है तो उसे ठीक कराया जाएगा। इंडिया मार्क हैंडपंप ठीक कराने के लिए लिखा गया है। अस्पताल परिसर में कई और भी हैंडपंप हैं जो चालू हालत में हैं। अगर कहीं पर कोई समस्या है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस, जिला अस्पताल

जिला अस्पताल में खराब पड़ा इंडिया मार्क हैंडपंप। संवाद- फोटो : BADAUN