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लापरवाही: चार दिन से अस्पताल में भर्ती प्रसूता ने अस्पताल गेट पर जन्मा बच्चा

Tue, 18 Oct 2022 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2022 12:48 AM IST
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Was pregnant for four days, delivery took place at the hospital gate
महिला अस्पताल के गेट पर बच्चे को जन्म देने वाली नसरीन के परिवार वाले नवजात के साथ। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। एक प्रसूता ने सोमवार दोपहर जिला महिला अस्पताल के गेट पर खुले में बच्ची को जन्म दिया। प्रसूता चार दिन से अस्पताल में भर्ती थी। सोमवार दोपहर ही उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। अब उसे फिर से भर्ती कर लिया गया है।
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शहर से सटे गांव आरिफपुर नवादा निवासी आजम ने पत्नी नसरीन को चार दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिवार वालों का कहना है कि भर्ती करते समय डॉक्टर ने सामान्य प्रसव की बात कही थी। यह भी कहा था कि दो से तीन दिन में प्रसव हो जाएगा। बाद में कह दिया कि ऑपरेशन होगा। परिवार वालों ने ऑपरेशन के लिए भी हामी भर दी। बकौल आजम सोमवार को कहा गया कि गर्भस्थ शिशु को नहीं बचाया जा सकता। जच्चा की जान को भी खतरा हो सकता है। अब कुछ नहीं हो सकता। दोपहर में आजम से कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए और नसरीन को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
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गर्भवती नसरीन को परिवार वाले बरेली ले जाने की तैयारी कर रहे थे। जिला महिला अस्पताल से नसरीन परिवार वालों के साथ बाहर निकली, तभी उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। कुछ ही देर में नसरीन ने महिला अस्पताल के गेट पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। इस मामले में अब स्टाफ के लोग अपनी गर्दन बचाने में लगे हुए हैं। हालांकि जच्चा-बच्चा को फिर से भर्ती कर लिया गया है और दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। सीएमएस डॉ. पुष्पा पंत त्रिपाठी ने बताया कि वह विभागीय काम से बाहर हैं। लौटने पर मामले की जांच के बाद कार्रवाई करेंगी।
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अक्सर विवादों में रहता है महिला अस्पताल
जिला महिला अस्पताल अक्सर विवादों में रहता है। कभी यहां स्टाफ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं तो कभी जिला महिला अस्पताल से प्रसूताओं को निजी अस्पतालों में भेजने के मामले सामने आते हैं। प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के तीमारदारों से उगाही के मामले भी सामने आते रहे हैं। अक्सर डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप के बाद तीमारदारों का हंगामा भी होता है। शासन स्तर से सख्ती के बावजूद यहां व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है।
अगर डॉक्टर या स्टाफ ने लापरवाही की है तो इस संबंध में जांच और कार्रवाई के लिए सीएमएस को लिखा जाएगा। जिला महिला अस्पताल में चार दिन भर्ती रहने के बावजूद प्रसूता ने अस्पताल के गेट पर बच्चे को जन्म दिया यह काफी गंभीर मामला है। -डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ

रेफर की गई प्रसूता का एंबुलेंस में प्रसव
बदायूं। बिल्सी के मोहल्ला नंबर पांच के विकास की पत्नी सरोज को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार वाले बिल्सी सीएचसी ले गए। यहां क्रिटिकल केस बताकर सरोज को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला महिला अस्पताल में भी डॉक्टर ने हालत गंभीर बताई और जच्चा-बच्चा की जान को खतरा बताते हुए रेफर कर दिया। परिजन निजी एंबुलेंस से उसे बरेली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही प्रसव हो गया। जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। संवाद
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