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बनाना था सुलभ शौचालय, बना दिया खंडहर
अमर उजाला ब्यूरो दातागंज।
Updated Tue, 04 Apr 2017 11:19 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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-डूडा ने दातागंज में लाखों रुपये खर्च करने के बाद आधा-अधूरा निर्माण कराकर छोड़ दिया
सुलभ शौचालय उपलब्ध कराने के लिए सात साल पहले डूडा ने कस्बा दातागंज के कस्बा परा में आधी-अधूरी बिल्डिंग बनवाकर छोड़ दी। लगभग 15 लाख रुपये कागजों में खर्च कर अफसर चुप बैठे हैं और बिल्डिंग खंडहर में तब्दील होती जा रही है।
दातागंज नगर के मोहल्ला परा में करीब 22 लाख रुपये की लागत से सुलभ शौचालय कांपलेक्स के निर्माण का काम मंजूर हुआ था, जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। दातागंज कस्बे में नगरीय विकास योजना में वर्ष 2010 में सुलभ शौचालय कांपलेक्स की मंजूरी हुई थी। नगर के मोहल्ला परा में 15 लाख रुपये की लागत से शौचालयों का निर्माण होना था, इसकी जिम्मेदारी डूडा को दी गई थी। शौचालय निर्माण के लिए प्रदेश सरकार से बजट जारी हो गया। गौर करने वाली बात यह है कि 15 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी आज तक शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। हालांकि जानकारों का कहना है कि उस समय 15 लाख का बजट कम पड़ गया था, बाद में निर्माण के लिए सात लाख रुपये और मांगे गए थे लेकिन वह नहीं मिल पाए। नतीजतन, डूडा ने सुलभ शौचालय का निर्माण अधूरा ही छोड़ दिया। इस तरह 15 लाख रुपये खर्च कर डूडा भी चुप बैठ गया। सात साल बाद भी उसने सुलभ शौचालय की सुध नहीं ली है। जबकि इसके लिए आधी-अधूरी बनी खड़ी बिल्डिंग खंडहर में तब्दील होती जा रही है। डूडा को निर्माण पूरा कराकर सुलभ शौचालय नगर पालिका दातागंज को हैंडओवर करना था। इसके लिए पालिका ने डूडा को कई बार लिखा लेकिन निर्माण अधूरा होने की बात कहकर डूडा ने थोड़ा इंतजार करने को कहा लेकिन सात साल में भी डूडा निर्माण पूरा नहीं करा पाया है। जबकि डूडा में कई अफसर आए और चले गए। सूत्रों का कहना है कि अब तो इसके निर्माण की फाइल भी ढूंढवानी पड़ेगी। अफसर इस बारे में कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं।
इस संबंध में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। जानकारी जुटाने के बाद दिखवाया जाएगा कि आखिर शौचालय अब तक नगर पालिका दातागंज को हैंडओवर क्यों नहीं किए गए हैं। अगर कहीं पर कोई कमी है तो जांच कराकर कर्रवाई की जाएगी।
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-बीबी सिंह, परियोजना निदेशक डूडा
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सुलभ शौचालय उपलब्ध कराने के लिए सात साल पहले डूडा ने कस्बा दातागंज के कस्बा परा में आधी-अधूरी बिल्डिंग बनवाकर छोड़ दी। लगभग 15 लाख रुपये कागजों में खर्च कर अफसर चुप बैठे हैं और बिल्डिंग खंडहर में तब्दील होती जा रही है।
दातागंज नगर के मोहल्ला परा में करीब 22 लाख रुपये की लागत से सुलभ शौचालय कांपलेक्स के निर्माण का काम मंजूर हुआ था, जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। दातागंज कस्बे में नगरीय विकास योजना में वर्ष 2010 में सुलभ शौचालय कांपलेक्स की मंजूरी हुई थी। नगर के मोहल्ला परा में 15 लाख रुपये की लागत से शौचालयों का निर्माण होना था, इसकी जिम्मेदारी डूडा को दी गई थी। शौचालय निर्माण के लिए प्रदेश सरकार से बजट जारी हो गया। गौर करने वाली बात यह है कि 15 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी आज तक शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। हालांकि जानकारों का कहना है कि उस समय 15 लाख का बजट कम पड़ गया था, बाद में निर्माण के लिए सात लाख रुपये और मांगे गए थे लेकिन वह नहीं मिल पाए। नतीजतन, डूडा ने सुलभ शौचालय का निर्माण अधूरा ही छोड़ दिया। इस तरह 15 लाख रुपये खर्च कर डूडा भी चुप बैठ गया। सात साल बाद भी उसने सुलभ शौचालय की सुध नहीं ली है। जबकि इसके लिए आधी-अधूरी बनी खड़ी बिल्डिंग खंडहर में तब्दील होती जा रही है। डूडा को निर्माण पूरा कराकर सुलभ शौचालय नगर पालिका दातागंज को हैंडओवर करना था। इसके लिए पालिका ने डूडा को कई बार लिखा लेकिन निर्माण अधूरा होने की बात कहकर डूडा ने थोड़ा इंतजार करने को कहा लेकिन सात साल में भी डूडा निर्माण पूरा नहीं करा पाया है। जबकि डूडा में कई अफसर आए और चले गए। सूत्रों का कहना है कि अब तो इसके निर्माण की फाइल भी ढूंढवानी पड़ेगी। अफसर इस बारे में कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं।
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इस संबंध में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। जानकारी जुटाने के बाद दिखवाया जाएगा कि आखिर शौचालय अब तक नगर पालिका दातागंज को हैंडओवर क्यों नहीं किए गए हैं। अगर कहीं पर कोई कमी है तो जांच कराकर कर्रवाई की जाएगी।
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-बीबी सिंह, परियोजना निदेशक डूडा