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Budaun News: वार्ड बॉय चला रहे ऑक्सीजन प्लांट.... चार साल से नहीं मिले टेक्नीशियन

Tue, 27 May 2025 12:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 27 May 2025 12:37 AM IST
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Ward boys are running oxygen plants.... Technicians have not been found for four years
जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
बदायूं। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बाद जिले में चार करोड़ रुपये की लागत से पांच ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। इनके संचालन के टेक्नीशियन की तैनाती अब तक नहीं की गई है। इसलिए सीएचसी के प्लांट बंद हैं। वहीं, जिला अस्पताल के प्लांट को वार्ड बाॅय से चलवाया जा रहा है।
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साल 2020 में कोरोना महामारी आई तो बदायूं में पहला मरीज छह अप्रैल 2020 को मिला था। उसके बाद महामारी ने कहर बरपाया था। फिर डेल्टा वैरिएंट फैलने पर बदायूं में 18411 मरीज सामने आए थे। विभागीय आंकड़ाें के अनुसार कोरोना से जिले में 101 लोगों की मौत हुई थी। उस समय आक्सीजन का भारी संकट था। आक्सीजन न मिलने से अधिकतर मरीजों की मौत हो गई थी। इसलिए उस समय जिले में पांच आक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनी। उसके लिए चार करोड़ रुपये मिले। उस धनराशि से जिला अस्पताल में एक, मेडिकल कॉलेज में दो आक्सीजन प्लांट लगाए गए। इसके अलावा रुदायन व बिनावर सीएचसी पर एक-एक प्लांट लगाए गए। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के प्लांट की क्षमता एक हजार एलपीएम और रुदायन में लगे प्लांट की क्षमता 45 एलपीएम व विनावर की 165 लीटर पर मिनट (एलपीएम) है। इसके संचालन के लिए अब तक कोई टेक्नीशियन नहीं मिला। ऐसे में मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल का प्लांट बार्ड बॉय से चलवाया जा रहा है।प्लांट लगने के बाद से सीएचसी में भर्ती किसी मरीज को आक्सीजन की जरूरत हीं नहीं पड़ी, इसलिए उन्हें चलाया हीं नहीं गया। इसके अलावा आसफपुर सीएचसी में प्लांट लगाने को मंजूरी मिले लेकिन दो साल नहीं लनाया गया है।
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शासन ने जारी की कोरोनागाइड लाइन
सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि शासन से दो दिन पहले कोरोना गाइड लाइन जारी कर दी गई है। इसमें लोगों को मास्क और दो गज की दूरी जैसे नियमों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर कोरोना की जांच शुरू की जाएगी। ऑक्सीजन प्लांट सक्रिय हैं। टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। अस्पताल के स्टाफ से ही काम चलाया जा रहा है।
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फैक्ट फाइल
42 लाख अनुमानित आबादी है जिले की वर्तमान में
27.79 लाख लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज ली थी
26.75 लाख लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज ली थी
7.58 लाख लोगों ने लगवाई थी बूस्टर डोज
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मास्क पहनें, खुद भी बचें और दूसरों को भी बचाएं
- कोरोना काल में मास्क अनिवार्य कर दिया गया था। अब इक्का-दुक्का लोग ही मास्क लगाते हैं। कोरोना के नए मरीज दिल्ली एनसीआर में मिलने के बाद डॉक्टर ने लोगों को मास्क पहनकर ही घर से निकलने की सलाह दे रहे हैं।


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- जिले में पांच ऑक्सीजन प्लांट संचालित हो रहे हैं। टेक्नीशियन नहीं है इसलिए मौजूदा स्टाफ से इनको चलवाया जा रहा है। टेक्नीशियन की तैनाती के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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