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हौसला पोषण क्रियान्वित होने में सामंजस्य की रहेगी कमी
अमर उजाला ब्यूरो कादरचौक।
Updated Fri, 29 Jul 2016 10:56 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आंगनबाड़ी और ग्राम प्रधानों में मचेगी खीचतान
आगनबाड़ी केंद्रों पर भेजे घी और दूध के पैकेट
गर्भवती महिलाओं और अतिकुपोषित बच्चों को इससे बचाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की जा रही महत्वाकांक्षी हौसला पोषण योजना के क्रियान्वयन में सामंजस्य की कमी रहेगी। क्योंकि इस योजना का संचालन ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी वर्कर के द्वारा किया जाएगा। इन लोगों में सामंजस्य की कमी की वजह से योजना प्रभावित होगी।
प्रत्येग गांव में ग्राम प्रधान के द्वारा गर्भवती महिलाओं को पका हुआ भोजन दिया जाएगा, जिसे तैयार कराने की जिम्मेदारी भी प्रधान की होगी। इसमे मिड डे मील के मेन्यु के अनुसार भोजन और मौसमी फलों को भी दिया जाएगा। प्रत्येक गर्भवती महिला के भोजन पर औसतन 18 रुपये खर्च होंगे। ग्राम प्रधान इसको परिषदीय स्कूलों में बनवाएंगे। मेन्यू में दूध और दही हेतु पीसीडीएफ इकाई के द्वारा मिलेगा। सात माह से तीन वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों को दूध, घी, मौसमी फल भी दिए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी मुख्य सेविका और आंगनबाड़ी वर्कर की होगी। दुग्ध विकास विभाग नोडल अधिकारी डीपी यादव ने एक सप्ताह के लिए सूखा पाउडर दूध और घी के पैकेट सभी आंगनबाडी केंद्रों पर भेज दिए गए हैं। ब्लाक कादरचौक में 2513 गर्भवती महिलाएं और 613 अतिकुपोषित बच्चों की संख्या है। प्रधान और आंगनबाड़ी के संयुक्त खाते के माध्यम से यह योजना चलेगी, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में कई कार्यकत्री प्रधान के साथ खाता संचालन करने में परेशानी समझ रही हैं।
आगनबाड़ी केंद्रों पर भेजे घी और दूध के पैकेट
गर्भवती महिलाओं और अतिकुपोषित बच्चों को इससे बचाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की जा रही महत्वाकांक्षी हौसला पोषण योजना के क्रियान्वयन में सामंजस्य की कमी रहेगी। क्योंकि इस योजना का संचालन ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी वर्कर के द्वारा किया जाएगा। इन लोगों में सामंजस्य की कमी की वजह से योजना प्रभावित होगी।
प्रत्येग गांव में ग्राम प्रधान के द्वारा गर्भवती महिलाओं को पका हुआ भोजन दिया जाएगा, जिसे तैयार कराने की जिम्मेदारी भी प्रधान की होगी। इसमे मिड डे मील के मेन्यु के अनुसार भोजन और मौसमी फलों को भी दिया जाएगा। प्रत्येक गर्भवती महिला के भोजन पर औसतन 18 रुपये खर्च होंगे। ग्राम प्रधान इसको परिषदीय स्कूलों में बनवाएंगे। मेन्यू में दूध और दही हेतु पीसीडीएफ इकाई के द्वारा मिलेगा। सात माह से तीन वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों को दूध, घी, मौसमी फल भी दिए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी मुख्य सेविका और आंगनबाड़ी वर्कर की होगी। दुग्ध विकास विभाग नोडल अधिकारी डीपी यादव ने एक सप्ताह के लिए सूखा पाउडर दूध और घी के पैकेट सभी आंगनबाडी केंद्रों पर भेज दिए गए हैं। ब्लाक कादरचौक में 2513 गर्भवती महिलाएं और 613 अतिकुपोषित बच्चों की संख्या है। प्रधान और आंगनबाड़ी के संयुक्त खाते के माध्यम से यह योजना चलेगी, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में कई कार्यकत्री प्रधान के साथ खाता संचालन करने में परेशानी समझ रही हैं।
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