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यूपी बोर्ड परीक्षा 2020: सरल आया हिंदी का पेपर तो खिले उठे परीक्षार्थियों के चेहरे
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बदायूं। यूपी बोर्ड परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के पेपर के साथ हुई। पेपर परीक्षार्थियों के उम्मीदों के हिसाब से आया तो उनके चेहरे खिल उठे। पहली पाली में हाईस्कूूल के 30477 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी जबकि 2674 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। इंटर की परीक्षा में 23450 परीक्षार्थी शामिल हुए जबकि 1663 अनुपस्थित रहे। जबकि इंटरमीडिएट में 15619 छात्र व 9494 छात्राएं पंजीकृत थीं। इनमें 14452 छात्र व 8998 छात्राओं ने परीक्षा दी। सुरक्षा की दृष्टि से हर केंद्र पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गईं। पहले दिन सुबह की पाली में हाईस्कूल और दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की हिंदी और प्रारंभिक हिंदी विषय की परीक्षा हुई। बोर्ड परीक्षाओं का जायजा लेने को सचल दल ने कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा शुरू होने से पूर्व सभी केंद्रों पर पुलिसकर्मी पहुंच गए, जिन्होंने केंद्रों के बाहर बेवजह की भीड़ नहीं लगने दी। सुबह की पाली में 20818 छात्र और 12333 छात्राएं समेत कुल 33151 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 18844 छात्र और 11633 छात्राएं मिलाकर कुल 30477 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। डीएम कुमार प्रशांत और एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने राजकीय इंटर कॉलेज और उझानी के महात्मा गांधी पालिका इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। यहां पर डीएम ने सीसीटीवी की लाइव फुटेज का निरीक्षण करते हुए केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि सीसीटीवी निरंतर चलते रहें। कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार की डिजिटल डिवाइस लेकर न आने पाए। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी रहनी चाहिए। परीक्षा को पारदर्शी व नकलविहीन संपन्न कराया जाए।
सुबह सात बजे ही केंद्रों पर पहुंच गए परीक्षार्थी
बोर्ड की तरफ से परीक्षा का समय सुबह आठ बजे निर्धारित किया गया था, लेकिन अधिकांश परीक्षार्थी सुबह सात बजे से ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। गले में आई कार्ड , हाथों में पैन और प्रवेश पत्र लिए परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े परीक्षार्थी काफी नर्वस नजर आ रहे थे। उनके चेहरे पर एक अलग सी बैचनी दिखाई दे रही थी। भीड़ होने होने की वजह से परीक्षा केंद्रों पर लगे सिटिंग प्लान की चस्पा लिस्ट में अपना रोल नंबर तलाशने में परीक्षार्थियों को काफी परेशानी हुई। परीक्षा केंद्रों के गेट अपने निर्धारित समय से खोले गए। यहां पर परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली गई। उसके उपरांत उन्हें कक्षा में प्रवेश करने दिया। इस दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की लंबी लाइन लग गई थी।
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मोबाइल लेकर परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी
बोर्ड की परीक्षाओं में इलेक्ट्रॉनिक चीजों पर पाबंदी है। इसके बावजूद कुछ परीक्षार्थियों की परीक्षा केंद्र पर जब तलाशी ली गई, तो उनके पास मोबाइल फोन मिले। इस पर तैनात शिक्षकों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मोबाइल को जब्त कर लिया, जिन्हें परीक्षा खत्म होने बाद वापस लेने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि आगामी परीक्षा में अगर किसी के पास मोबाइल मिलता है, तो वह वापस नहीं दिया जाएगा।
कंट्रोल रूम का नहीं उठा नंबर
सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कंट्रोल रूम खोला गया है। जो केवल कागजों पर ही चलता नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि कंट्रोल रूम नंबर 05832-220156 पर घंटी जा रही है। लेकिन कंट्रोल रूम में किसी भी व्यक्ति उसे रिसीव करना तक जरूरी नहीं समझा। हालांकि राजकीय इंटर कॉलेज में बने कंट्रोल रूम का नंबर 05832-267500 समय-समय पर उठता रहा।
कोठार में जमा की गईं उत्तर पुस्तिकाएं
पहले दिन की परीक्षा खत्म होने के बाद सभी केंद्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को राजकीय इंटर कॉलेज में स्थित कोठार में जमा किया गया। यहां पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के बीच में उत्तर पुस्तिकाओं को रखा गया है। साथ ही दो पुलिसकर्मी यहां पर तैनात किए गए हैं, जो 24 घंटे यहां नजर रखेंगे।
केंद्रों पर नहीं पहुंचे शिक्षक
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन अधिकांश केंद्रों पर शिक्षक नहीं पहुंचे। इसकी वजह से केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसको लेकर केंद्र व्यस्थापकों ने अपनी-अपनी शिकायतें डीआईओएस और संबंधित एसडीएम को दी है। हालांकि विभाग की तरफ से गैरहाजिर रहे शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
बोली छात्राएं.....
पेपर मिलने से पहले थोड़ा नर्वस थी, लेकिन जब पेपर देखा, तो राहत मिली। क्योंकि पेपर को लेकर जो तैयारी की थी, वह उसी के अनुरूप आया। ऐसे में पेपर देते समय कोई दिक्कत नहीं हुई।
- मनीषा, कक्षा 10
परीक्षा को लेकर शुरू से तैयारी कर रही थी। इसलिए पेपर देने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। पेपर वैसे ही काफी सरल था। ऐसे में समय से पहले ही पूरा कर लिया था।
- नीलम, कक्षा 10
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गईं। पहले दिन सुबह की पाली में हाईस्कूल और दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की हिंदी और प्रारंभिक हिंदी विषय की परीक्षा हुई। बोर्ड परीक्षाओं का जायजा लेने को सचल दल ने कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा शुरू होने से पूर्व सभी केंद्रों पर पुलिसकर्मी पहुंच गए, जिन्होंने केंद्रों के बाहर बेवजह की भीड़ नहीं लगने दी। सुबह की पाली में 20818 छात्र और 12333 छात्राएं समेत कुल 33151 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 18844 छात्र और 11633 छात्राएं मिलाकर कुल 30477 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। डीएम कुमार प्रशांत और एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने राजकीय इंटर कॉलेज और उझानी के महात्मा गांधी पालिका इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। यहां पर डीएम ने सीसीटीवी की लाइव फुटेज का निरीक्षण करते हुए केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि सीसीटीवी निरंतर चलते रहें। कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार की डिजिटल डिवाइस लेकर न आने पाए। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी रहनी चाहिए। परीक्षा को पारदर्शी व नकलविहीन संपन्न कराया जाए।
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सुबह सात बजे ही केंद्रों पर पहुंच गए परीक्षार्थी
बोर्ड की तरफ से परीक्षा का समय सुबह आठ बजे निर्धारित किया गया था, लेकिन अधिकांश परीक्षार्थी सुबह सात बजे से ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। गले में आई कार्ड , हाथों में पैन और प्रवेश पत्र लिए परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े परीक्षार्थी काफी नर्वस नजर आ रहे थे। उनके चेहरे पर एक अलग सी बैचनी दिखाई दे रही थी। भीड़ होने होने की वजह से परीक्षा केंद्रों पर लगे सिटिंग प्लान की चस्पा लिस्ट में अपना रोल नंबर तलाशने में परीक्षार्थियों को काफी परेशानी हुई। परीक्षा केंद्रों के गेट अपने निर्धारित समय से खोले गए। यहां पर परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली गई। उसके उपरांत उन्हें कक्षा में प्रवेश करने दिया। इस दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की लंबी लाइन लग गई थी।
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मोबाइल लेकर परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी
बोर्ड की परीक्षाओं में इलेक्ट्रॉनिक चीजों पर पाबंदी है। इसके बावजूद कुछ परीक्षार्थियों की परीक्षा केंद्र पर जब तलाशी ली गई, तो उनके पास मोबाइल फोन मिले। इस पर तैनात शिक्षकों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मोबाइल को जब्त कर लिया, जिन्हें परीक्षा खत्म होने बाद वापस लेने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि आगामी परीक्षा में अगर किसी के पास मोबाइल मिलता है, तो वह वापस नहीं दिया जाएगा।
कंट्रोल रूम का नहीं उठा नंबर
सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कंट्रोल रूम खोला गया है। जो केवल कागजों पर ही चलता नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि कंट्रोल रूम नंबर 05832-220156 पर घंटी जा रही है। लेकिन कंट्रोल रूम में किसी भी व्यक्ति उसे रिसीव करना तक जरूरी नहीं समझा। हालांकि राजकीय इंटर कॉलेज में बने कंट्रोल रूम का नंबर 05832-267500 समय-समय पर उठता रहा।
कोठार में जमा की गईं उत्तर पुस्तिकाएं
पहले दिन की परीक्षा खत्म होने के बाद सभी केंद्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को राजकीय इंटर कॉलेज में स्थित कोठार में जमा किया गया। यहां पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के बीच में उत्तर पुस्तिकाओं को रखा गया है। साथ ही दो पुलिसकर्मी यहां पर तैनात किए गए हैं, जो 24 घंटे यहां नजर रखेंगे।
केंद्रों पर नहीं पहुंचे शिक्षक
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन अधिकांश केंद्रों पर शिक्षक नहीं पहुंचे। इसकी वजह से केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसको लेकर केंद्र व्यस्थापकों ने अपनी-अपनी शिकायतें डीआईओएस और संबंधित एसडीएम को दी है। हालांकि विभाग की तरफ से गैरहाजिर रहे शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
बोली छात्राएं.....
पेपर मिलने से पहले थोड़ा नर्वस थी, लेकिन जब पेपर देखा, तो राहत मिली। क्योंकि पेपर को लेकर जो तैयारी की थी, वह उसी के अनुरूप आया। ऐसे में पेपर देते समय कोई दिक्कत नहीं हुई।
- मनीषा, कक्षा 10
परीक्षा को लेकर शुरू से तैयारी कर रही थी। इसलिए पेपर देने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। पेपर वैसे ही काफी सरल था। ऐसे में समय से पहले ही पूरा कर लिया था।
- नीलम, कक्षा 10

राजकीय इंटर कॉले से पेपर देकर निकलतीं छात्राएं- फोटो : BADAUN

जिले में बने मॉनीटरिंग सेल का निरीक्षण करते डीएम- फोटो : BADAUN

शहर के जीआईसी में बने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करते डीएम व एसएसपी- फोटो : BADAUN

राजकीय इंटर कॉलेज से पेपर देकर निकलतीं छात्राएं- फोटो : BADAUN