फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Unknown wild animal has killed 45 sheep in two days in budaun

Budaun News: दो दिन में 45 भेड़ों को मार चुका है अज्ञात जंगली जानवर, रोटा गांव में दहशत का माहौल

Sat, 11 Mar 2023 01:08 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 11 Mar 2023 01:08 PM IST
सार

गांव रोटा निवासी विनोद कुमार भेड़ पालन करते हैं। उनके पास कुल 55 भेड़ थीं। इनमें 45 भेड़ों को किसी जंगली जानवर ने मार दिया है। वन विभाग अब तक यह पता नहीं लगा सका है कि किस जानवर ने भेड़ों को मारा है। 
 

विज्ञापन
Unknown wild animal has killed 45 sheep in two days in budaun
रोटा गांव के ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं के वजीरगंज क्षेत्र के रोटा गांव में 45 भेड़ों को मारने वाले जंगली जानवर का शुक्रवार को भी सुराग नहीं लग सका। वन विभाग के अधिकारी यह तक पता नहीं लगा सके हैं कि आखिर भेड़ों को किस जानवर ने मारा था। ग्रामीण भालू होने का दावा कर रहे हैं लेकिन वन विभाग इसकी भी पुष्टि नहीं कर रहा है।

विज्ञापन

 
जंगली जानवर रोटा गांव के विनोद कुमार की 45 भेड़ों को मार चुका है। पांच मार्च को उसने 25 भेड़ों को मार डाला था। आठ मार्च को 20 भेड़ों को और मार दिया। फिर भी वन विभाग के अधिकारी अलर्ट नहीं हुए। जब डीएम मनोज कुमार और एसडीएम ज्योति शर्मा ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। 
विज्ञापन


वन विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजा गया। तब गुरुवार को वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने पीलीभीत से एक पिंजड़ा मंगवाया। उसे रोटा गांव के जंगल में लगा दिया गया है। कुछ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। वहीं अज्ञात जानवर को लेकर ग्रामीणों में दहशत है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

नहीं मिले जानवर के पगचिन्ह

रातभर अधिकारी जानवर को तलाशने का दावा करते रहे लेकिन शुक्रवार शाम तक सारे प्रयास विफल रहे। डिप्टी रेंजर हासिर खान ने बताया कि टीम अपना काम कर रही है। अभी यह पता नहीं चला है कि आखिर कौन सा जानवर था। उसके पगचिह्न नहीं मिले हैं।

एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा ने कहा कि रोटा गांव में जंगली जानवर दो बार हमला कर चुका है। अगर उसे भेड़ नहीं मिलेगी या कोई और जानवर नहीं मिलेगा तो वह लोगों पर हमला करेगा। इसमें वन विभाग की लापरवाही रही। पत्र देने पर ही गांव में पिंजड़ा लगवाया गया। अगर सख्ती से काम लिया होता तो शायद जानवर पकड़ा जाता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed