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जानलेवा हुईं अंडरग्राउंड बिजली केबल, आए दिन हादसे

Wed, 14 Feb 2018 06:58 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं Updated Wed, 14 Feb 2018 06:58 PM IST
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underground electricity cable giving invitations to accidents
सड़कों के किनारे शहर भर में धमनियों की तरह बिछाई जा चुकीं अंडरग्राउंड बिजली केबल जानलेवा होती जा रही है। जमीन से जरा सा नीचे बिछाई गई यह केबल कई जगह से कटी-फटी है तो केबल बॉक्स भी काफी नीचे लगे हैं। हल्की बरसात या जलभराव से केबल तेज करंट छोड़ रही है। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। बुधवार को ऐसी ही एक घटना शहर के नेकपुर मोहल्ले में हुई। केबल बॉक्स से तेज करंट लगा और गाय की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बच्चों को उधर जाने से रोक लिया जिसकी वजह से बड़ा हादसा टल गया। लोगों में दोनों विभागों के खिलाफ काफी गुस्सा दिखा। 
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नेकपुर गली नंबर पांच निवासी मुकेश सिंह गोपालक हैं। बुधवार सुबह छह बजे वह अपनी गाय को खूंटे से बांध रहे थे, तभी गाय रस्सी झटककर घर के बाहर चली गई। मुकेश ने सोचा कि गाय खुद ही चरकर थोड़ी देर में आ जाएगी। करीब आठ बजे पड़ोस के लोगों ने उन्हें बताया कि उनकी गाय करंट लगने से मर गई है। उनके साथ मुकेश घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि उनके घर से 150 मीटर की दूरी पर बन रहे नए प्लॉटों के पास उनकी गाय पड़ी हुई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि अंडरग्राउंड केबल के बॉक्स से गाय अपने शरीर को रगड़ रही थी। अचानक वह रंभाने लगी और उसकी तड़पकर मौत हो गई। मुकेश की सूचना पर पहुंचे वार्ड सभासद राजपाल फौजी, मनोज चंदेल आदि ने गाय के शव को किसी तरह खींचकर बॉक्स से अलग किया। इन्होंने डॉक्टर को बुलाकर दिखाया पर गाय को मृत घोषित कर दिया गया। गाय की मौत का मामला आस्था से जुड़ा होने के कारण मौके पर काफी भीड़ लग गई। बाद में पास में ही गड्ढा करके शव को दबा दिया गया। चूंकि मोहल्ले वालों ने पालिका चेयरमैन दीपमाला गोयल को भी खबर की थी। इसलिए उनके न आने से लोगों में काफी गुस्सा था। सभासद इसके लिए बिजली विभाग को दोषी ठहरा रहे थे। कह रहे थे कि अनियमित तरीके से लाइन बिछाने से यह हादसे हो रहे हैं। वह इसके खिलाफ जनता के साथ मिलकर आंदोलन छेड़ेंगे। 
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साढ़े चार करोड़ से ज्यादा खर्च पर नतीजा सिफर 
 नगर पालिका के पिछले कार्यकाल में शहर में अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम हुआ था। इसे लेकर सत्तापक्ष के ही दो नेताओं में रार का किस्सा भी सार्वजनिक हुआ। तब बिजली विभाग ने एक खास फर्म को इसका ठेका दिया था और सड़कों की मरम्मत के नाम पर पालिका प्रशासन को 4.59 करोड़ रुपये का चेक भी दिया था। तब लाइन को कम गहराई में मानक के विपरीत लगाना बताकर नेताओं और पब्लिक ने खासा बवाल किया था। बावजूद सत्तापक्ष के नेता से जुड़े संबंधित फर्म मालिक ने मनमानी से काम करते हुए लाइन बिछा दी। अधिकतर स्थानों पर इस लाइन से कनेक्शन भी हो चुके हैं तो कुछ जगह काम बाकी है। हालांकि नई चेयरमैन दीपमाला गोयल पुराने काम को अधोमानक बताते हुए नया काम नहीं होने दे रहीं। बिजली विभाग अपने काम को ओके बता रहा है। दो विभागों की लड़ाई में न तो अंडरग्राउंड लाइन की व्यवस्था ही ओके हो रही है और न ही शहर में बिजली पोल और तारों का जंजाल खत्म हो रहा है। 
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मुख्यमंत्री कार्यालय से हो रही जांच 
आरटीआई एक्टीविस्ट व अधिवक्ता कौशल गुप्ता ने शहर में बिछाई गई बिजली लाइन के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी। आरोप था कि अंडरग्राउंड बिजली केबल का काम शहर में कहीं भी संतोषजनक तरीके से नहीं किया गया है। इसे कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है। इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच मुख्यमंत्री कार्यालय को दी गई है। इसके अलावा कौशल ने ही बिजली विभाग से लाइन के बारे में कुछ जानकारी मांगी थी। इसमें शहर के अधिशाषी अभियंता की ओर से लाइन को ओके बताया गया है। 

मानक के मुताबिक है अंडरग्राउंड लाइन 
अंडरग्राउंड केबल मानक के मुताबिक ही लगाई गई है। इनमें एक केबल जमीन से तीस इंच नीचे तो दूसरा अधिकतम सत्तर इंच नीचे होना चाहिए। इसकी जांच की गई तो पाया कि कहीं तो मानक से भी ज्यादा गहराई पर लाइन 
बिछाई गई है। केबल बॉक्स भी सही लगे हैं। 
करंट लगने के दूसरे कारण रहे होंगे। पालिका सहयोग नही दे रही। सहयोग मिले तो शहर से पोल, तारों का जंजाल और बिजली चोरी के साथ ही फिजूल की ट्रिपिंग जड़ से खत्म हो जाए। 
- मधुप श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग 

सर्वे भी गलत आया पर मानते नहीं बिजली वाले 
लाइन के संबंध में शिकायतें लंबे समय से हैं। इसे लेकर सर्वे हुआ जो मानक के विपरीत काम होने का दावा करता है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर गलती मान भी ली और दोबारा से मरम्मत कराने का वादा किया पर हुआ कुछ नहीं। शहर में जिस तरह से लाइन बिछाई है, पूरी सप्लाई शुरू होते ही बड़े हादसे हो सकते हैं। 
- दीपमाला, पालिका चेयरमैन 

क्या कहते हैं स्थानीय लोग 

शहर में बिजली केबल बिछाने का काम काफी घटिया क्वालिटी का है। इसमें जो पाइप इस्तेमाल किए गए हैं वह मानक के विपरीत और कमजोर हैं। इन्हें जमीन से जरा सा नीचे ही दबाकर छोड़ दिया गया। भविष्य में हल्की सी चोट या बरसात से केबलों में करंट दौड़ सकता है। 

- सुंदरम ठाकुर 

- केबल बॉक्स कम ऊंचाई पर लगाए गए हैं। जमीन से इनमें आकर जुड़ने वाले तार भी पतले और खुले हुए रहते हैं। हालात यह हैं कि बच्चे भी इन्हें आसानी से छू सकते हैं। यही सारी चीजें घटनाओं की वजह बन रही हैं। कई और जानवर भी हाल फिलहाल करंट से मरे हैं। 
- शोभित गुप्ता
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