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Budaun News: दवा दिलाने के बहाने बेटे ने मां से अपने नाम कराई संपत्ति
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म्याऊं। अलापुर थाना क्षेत्र के गांव रूपामई में धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने अपने भाई पर आरोप लगाया है कि उसनेे 70 वर्षीय बीमार मां को दवा दिलाने के बहाने तहसील ले जाकर उनकी पूरी संपत्ति अपने नाम करवा ली है, जबकि अन्य भाईयों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी।
पीडि़त कोकराम पुत्र नन्हे लाल ने थाना अलापुर में दी गई तहरीर में कहा है कि उनकी मां ईश्वरवती (70 वर्ष) मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ रहती हैं। आरोप है कि अच्छे इलाज का झांसा देकर भाई अजयराम मां को अपने साथ तहसील ले गया और धोखे से उनसे ‘दानपत्र’ पर अंगूठा लगवा लिया।
आरोप है कि अजयराम ने आर्थिक लेनदेन में भी गंभीर हेराफेरी की है। गांव के ही हरिद्वारी पुत्र सियाराम को 3 बिस्वा जमीन बेची गई थी, जिसकी कीमत 1 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। जमीन के रुपये मां को देने के बजाय अजयराम ने खुद हड़प लिए। इसके अलावा अजयराम ने मां को गुमराह कर 1 बीघा 5 बिस्वा भूमि का बैनामा भी अपने पक्ष में करा लिया।
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कोकराम ने बताया कि वह और किशनलाल मेरठ और हापुड़ में नौकरी करते हैं, जबकि महेश चंद्र गांव में रहकर खेती की देखरेख करते हैं। आरोप है कि अजयराम ने जानबूझकर गांव में रहने वाले भाई महेश चंद्र और बाहर नौकरी कर रहे भाइयों को पूरी प्रक्रिया से दूर रखा। इस कथित जालसाजी में गांव के ही हरिद्वारी और रामनारायण ने गवाह बनकर उसका साथ दिया।
पीडि़त भाइयों का कहना है कि कहना है कि ईश्वरवती को जमीन की बिक्री या बैनामे की एक भी राशि नहीं मिली है। उन्हें अच्छी दवा दिलाने के नाम पर ठगा गया है। परिवार ने जिला प्रशासन और थाना प्रभारी से मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही फर्जी दानपत्र और बैनामे को निरस्त कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
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पीडि़त कोकराम पुत्र नन्हे लाल ने थाना अलापुर में दी गई तहरीर में कहा है कि उनकी मां ईश्वरवती (70 वर्ष) मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ रहती हैं। आरोप है कि अच्छे इलाज का झांसा देकर भाई अजयराम मां को अपने साथ तहसील ले गया और धोखे से उनसे ‘दानपत्र’ पर अंगूठा लगवा लिया।
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आरोप है कि अजयराम ने आर्थिक लेनदेन में भी गंभीर हेराफेरी की है। गांव के ही हरिद्वारी पुत्र सियाराम को 3 बिस्वा जमीन बेची गई थी, जिसकी कीमत 1 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। जमीन के रुपये मां को देने के बजाय अजयराम ने खुद हड़प लिए। इसके अलावा अजयराम ने मां को गुमराह कर 1 बीघा 5 बिस्वा भूमि का बैनामा भी अपने पक्ष में करा लिया।
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कोकराम ने बताया कि वह और किशनलाल मेरठ और हापुड़ में नौकरी करते हैं, जबकि महेश चंद्र गांव में रहकर खेती की देखरेख करते हैं। आरोप है कि अजयराम ने जानबूझकर गांव में रहने वाले भाई महेश चंद्र और बाहर नौकरी कर रहे भाइयों को पूरी प्रक्रिया से दूर रखा। इस कथित जालसाजी में गांव के ही हरिद्वारी और रामनारायण ने गवाह बनकर उसका साथ दिया।
पीडि़त भाइयों का कहना है कि कहना है कि ईश्वरवती को जमीन की बिक्री या बैनामे की एक भी राशि नहीं मिली है। उन्हें अच्छी दवा दिलाने के नाम पर ठगा गया है। परिवार ने जिला प्रशासन और थाना प्रभारी से मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही फर्जी दानपत्र और बैनामे को निरस्त कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।