फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Ukraine crisis

डेनीप्रो से बस बुक करके निकले, रास्ते में कई जगह खतरों को पार किया

Tue, 08 Mar 2022 02:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 02:14 AM IST
विज्ञापन
Ukraine crisis
परिवार के साथ सोई आश्रम पहुंचे आनंद यादव। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। यूक्रेन से घर लौटे इस्लामनगर के इमरान और तौहीद आलम ने डेनीप्रो से हंगरी तक के सफर में हुईं मुश्किलों के बारे में बताया। इमरान, तौहीद आलम और ओसामा डीनेप्रो से 50 छात्र-छात्राओं के ग्रुप के साथ बस बुक करके हंगारी को निकले थे। लंबा सफर तय करने के बाद उनको घंटों बॉर्डर पर लाइन में लगना पड़ा। ओसामा रविवार को ही घर लौट आए थे। इमरान और तौहीद की घर वापसी सोमवार को हुई।
विज्ञापन

इमरान और तौहीद ने बताया कि शून्य से चार-पांच डिग्री तापमान नीचे बीच खुले आसमान के नीचे रहना और मिसाइल गिरने के खतरों के बीच वहां से निकला काफी मुश्किल था। सफर में कई बार उनको खतरों को पार करना पड़ा। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंचने के बाद खतरा टला, लेकिन समस्या यहां भी रही। भूखा रहना पड़ा। पानी की कुछ बोतलें उन लोगों ने साथ रख ली थीं। कुछ बिस्कुट के पैकेट और स्नेक्स के जरिये काम चलाया।
विज्ञापन

छात्रों ने बताया कि हमलों के बीच कोई किसी की मदद करने वाला नहीं था। भारतीय छात्र-छात्राएं ही एक दूसरे की मदद कर रहे थे। तीन दिन हंगरी में रहने के बाद उनको वहां से मुंबई की फ्लाइट मिली। मुंबई पहुंचने के बाद राहत महसूस हुई। मुंबई पहुंच कर खाना भी खाया। बाद में दिल्ली होते हुए सोमवार को बदायूं पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
आनंद बोले-मुश्किलों भरा रहा खारकीव से हंगरी का सफर
बदायूं। शहर के डीएम रोड निवासी पशु चिकित्साधिकारी राघवेंद्र यादव के बेटे आनंद यादव की भी सोमवार को घर वापसी हो गई। आनंद खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी के एमबीबीएस छात्र हैं। खारकीव पर रूसी सेना के हमलों के बीच आनंद यादव बुधवार को ट्रेन से अतिरिक्त दूरी तय कर पोलैंड के लिए निकले थे। यहां बॉर्डर पर प्रवेश न मिलने के कारण उनको हंगरी जाना पड़ा। लंबे सफर और शून्य से पांच-छह डिग्री नीचे तापमान के बीच उनको बुखार भी आ गया।

आनंद ने बताया कि बम धमाकों के बीच मिसाइल के हमले भी हो रहे थे। इस दौरान खारकीव से हंगरी तक का सफर काफी मुश्किलों से भरा रहा। खारकीव से उनकी ट्रेन यूक्रेव की राजधानी कीव होते हुए निकली। बाद में पोलैंड बार्डर तक बस से सफर पूरा किया। यहां बॉर्डर पर भारतीय छात्रों के साथ अभद्रता हुई। पोलैंड में प्रवेश न मिलने पर उनको भारतीय छात्रों के साथ अतिरिक्त सफर तय कर हंगरी जाना पड़ा। बुखार भी आ गया। आनंद यादव ने शनिवार रात हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। स्वास्थ्य खराब होने के कारण दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने मौसी के घर आराम किया। आनंद के पिता बेटे की घर वापसी से बेहद खुश हैं।

यूक्रेन से लौटे तौहीद अपने परिवार के साथ। संवाद

यूक्रेन से लौटे तौहीद अपने परिवार के साथ। संवाद- फोटो : BADAUN

 

यूक्रेन से लौटे इमरान अपने परिवार के साथ। संवाद

यूक्रेन से लौटे इमरान अपने परिवार के साथ। संवाद- फोटो : BADAUN

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed