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बदायूं लौटा अयाज, बोला-शून्य से पांच डिग्री तापमान के बीच 14 घंटे खड़ा रहा लाइन में
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बदायूं में परिवार वालों के साथ अयाज (हाफ टीशर्ट में)। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। शहर के मोहल्ला नाहर खां सराय निवासी एमबीबीएस का छात्र मोहम्मद अयाज अंसारी की सोमवार देर रात यूक्रेन से घर वापसी हो गई। इवानो फ्रैंकविस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र अयाज अंसारी ने यूक्रेन में न सिर्फ मिसाइल गिरती देखीं बल्कि वतन वापसी के लिए काफी परेशानी उठाईं। उसके लौटने पर परिवार वालों ने राहत की सांस ली और खुदा का शुक्रिया अदा किया।
सोमवार रात करीब एक बजे अयाज घर पहुंचा तो मां रहनुमा बेगम और पिता मोहम्मद अंजुम की खुशी का ठिकाना न रहा। अयाज ने बताया कि जिस दिन रूस ने यूक्रेन पर हमला किया उस दिन वह अपने कमरे पर था। एक के बाद एक कई धमाके सुनाई दिए। उनके साथियों ने सुबह करीब साढ़े छह बजे बताया कि रूस ने हमला कर दिया है। उसने खिड़की से झांककर देखा तो धुआं ही धुआं नजर आया। एक मिसाइल को उसने अपनी आंखों के सामने गिरते देखा।
अयाज ने बताया कि पांच दिन ठीक से खाने-पीने को भी नहीं मिला। उसके हॉस्टल में 120 भारतीय छात्र थे। हालात लगातार बिगड़ रहे थे। उसने साथियों के साथ निकलने का मन बना लिया। इसके बाद करीब तीन सौ किमी का सफर पूरा करने के बाद रोमानिया पहुंचा। शून्य से पांच डिग्री नीचे तापमान के बीच दस किमी का पैदल सफर तय करने के साथ बॉर्डर पार करने के लिए करीब 13-14 घंटे लिए लाइन में खड़ा रहा। उसके साथ बिजनौर के दो और मुजफ्फर नगर का एक छात्र था। शनिवार रात नौ बजे रोमानिया से दिल्ली की फ्लाइट मिली। अयाज का कहना है कि बॉर्डर पर हजारों छात्र फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। फ्लाइट कम होने के कारण वतन वापसी में ज्यादा समस्या हो रही है। संवाद
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सोमवार रात करीब एक बजे अयाज घर पहुंचा तो मां रहनुमा बेगम और पिता मोहम्मद अंजुम की खुशी का ठिकाना न रहा। अयाज ने बताया कि जिस दिन रूस ने यूक्रेन पर हमला किया उस दिन वह अपने कमरे पर था। एक के बाद एक कई धमाके सुनाई दिए। उनके साथियों ने सुबह करीब साढ़े छह बजे बताया कि रूस ने हमला कर दिया है। उसने खिड़की से झांककर देखा तो धुआं ही धुआं नजर आया। एक मिसाइल को उसने अपनी आंखों के सामने गिरते देखा।
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अयाज ने बताया कि पांच दिन ठीक से खाने-पीने को भी नहीं मिला। उसके हॉस्टल में 120 भारतीय छात्र थे। हालात लगातार बिगड़ रहे थे। उसने साथियों के साथ निकलने का मन बना लिया। इसके बाद करीब तीन सौ किमी का सफर पूरा करने के बाद रोमानिया पहुंचा। शून्य से पांच डिग्री नीचे तापमान के बीच दस किमी का पैदल सफर तय करने के साथ बॉर्डर पार करने के लिए करीब 13-14 घंटे लिए लाइन में खड़ा रहा। उसके साथ बिजनौर के दो और मुजफ्फर नगर का एक छात्र था। शनिवार रात नौ बजे रोमानिया से दिल्ली की फ्लाइट मिली। अयाज का कहना है कि बॉर्डर पर हजारों छात्र फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। फ्लाइट कम होने के कारण वतन वापसी में ज्यादा समस्या हो रही है। संवाद
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