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शून्य से पांच डिग्री नीचे तापमान में बंकरों में सुरक्षित हैं चार छात्र
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इस्लामनगर के छात्रों ने भेजी सेल्फी। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं / इस्लामनगर। जिले के चार छात्र शनिवार को भी पूरे दिन यूक्रेन के बंकरों में सुरक्षाबलों के साये में बैठे रहे। उन्होंने परिवार वालों को बताया कि वे सुरक्षित तो हैं पर इसके अलावा बहुत सारी परेशानियां झेल रहे हैं। बताया कि शून्य से पांच डिग्री नीचे तापमान में बंकरों में उन्हें वक्त गुजारना पड़ रहा है।
इस्लामनगर के तीन छात्र इमरान, ओसामा व तौहीद यूक्रेन के डेनिप्रो में हैं। इमरान के पिता हाजी सलीम भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा बदायूं के जिलाध्यक्ष हैं। हाजी सलीम दिल्ली में मुख्तार अब्बास नकवी से मिले थे और बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए बात की थी। उन्होंने बताया कि बच्चों ने बताया है कि डेनिप्रो से रूसी सेना केवल 80 किमी दूर है। कुछ छात्र रूमानिया बॉर्डर पहुंच गए थे जिन्हें वहां से भारत भेजा गया है। इन छात्रों से कहा गया है कि इंतजार करें, जल्द ही आपको भी पहुंचाया जाएगा।
परिवार के लोगों को बंकर में बंद ओसामा, इमरान व तौहीद ने बताया है कि कई घंटे से बंकर में हैं जो बहुमंजिला भवन के नीचे बनाया गया है। यहां जो थोड़ा बहुत सामान मिल रहा है वह नकद ही कई गुने रेट पर मिल रहा है। उनके पास नकदी कम बची है। एटीएम बंद हैं। पानी तक की दिक्कत है। बताया कि 24 फरवरी को उनकी फ्लाइट थी मगर वहां मिसाइल आकर गिरी तो घर जाने के अरमान धरे रह गए। ओसामा की मां शाबिया अकील का रो रो कर बुरा हाल है। बताया कि छात्र अगर निजी वाहन की व्यवस्था कर रहे हैं तो पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है।
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आनंद के पिता राघवेंद्र यादव यहां डीएम रोड पर रहते हैं और खीरी में पशु चिकित्साधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि बेटा और उसके साथी जिस बंकर में हैं उसका तामपान माइनस पांच डिग्री है। वह कामना कर रहे हैं कि बेटा जल्दी घर आ जाए। संवाद
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इस्लामनगर के तीन छात्र इमरान, ओसामा व तौहीद यूक्रेन के डेनिप्रो में हैं। इमरान के पिता हाजी सलीम भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा बदायूं के जिलाध्यक्ष हैं। हाजी सलीम दिल्ली में मुख्तार अब्बास नकवी से मिले थे और बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए बात की थी। उन्होंने बताया कि बच्चों ने बताया है कि डेनिप्रो से रूसी सेना केवल 80 किमी दूर है। कुछ छात्र रूमानिया बॉर्डर पहुंच गए थे जिन्हें वहां से भारत भेजा गया है। इन छात्रों से कहा गया है कि इंतजार करें, जल्द ही आपको भी पहुंचाया जाएगा।
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परिवार के लोगों को बंकर में बंद ओसामा, इमरान व तौहीद ने बताया है कि कई घंटे से बंकर में हैं जो बहुमंजिला भवन के नीचे बनाया गया है। यहां जो थोड़ा बहुत सामान मिल रहा है वह नकद ही कई गुने रेट पर मिल रहा है। उनके पास नकदी कम बची है। एटीएम बंद हैं। पानी तक की दिक्कत है। बताया कि 24 फरवरी को उनकी फ्लाइट थी मगर वहां मिसाइल आकर गिरी तो घर जाने के अरमान धरे रह गए। ओसामा की मां शाबिया अकील का रो रो कर बुरा हाल है। बताया कि छात्र अगर निजी वाहन की व्यवस्था कर रहे हैं तो पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है।
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आनंद के पिता राघवेंद्र यादव यहां डीएम रोड पर रहते हैं और खीरी में पशु चिकित्साधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि बेटा और उसके साथी जिस बंकर में हैं उसका तामपान माइनस पांच डिग्री है। वह कामना कर रहे हैं कि बेटा जल्दी घर आ जाए। संवाद