Budaun: बालिका गृह से दो किशोरियां लापता, खोजबीन में जुटी पुलिस, शासन स्तर से मांगी गई रिपोर्ट
बालगृह (बालिका) के कर्मचारी सुबह सोकर उठे तब उन्हें मामले की जानकारी हुई। इसके बाद इसकी सूचना पर डीएम दीपा रंजन और एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बालगृह पहुंचकर मामले की जानकारी की। किशोरियों की तलाश में सिविल लाइंस पुलिस को लगाया गया है।
विस्तार
बदायूं शहर के नेकपुर मोहल्ले में स्थित बालगृह (बालिका) से गुरुवार रात दो किशोरियां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गईं। सुबह कर्मचारी सोकर उठे तब उन्हें इसका पता चला। इसकी सूचना पर डीएम दीपा रंजन और एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बालगृह पहुंचकर मामले की जानकारी की। किशोरियों की तलाश में सिविल लाइंस पुलिस को लगाया गया है। फिलहाल शुक्रवार देर शाम तक उनका कुछ पता नहीं चला। इस संबंध में शासन स्तर से रिपोर्ट मांगी गई है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नेकपुर मोहल्ले में महिला कल्याण विभाग लखनऊ द्वारा स्थापित बालगृह बना हुआ है। इसमें पांच साल से लेकर 17 साल आयु तक की 25 बालिकाएं व किशोरियां रहती हैं। बताया जा रहा है कि उनमें शहर निवासी लगभग 13 साल और कादरचौक निवासी 16 साल की किशोरी भी शामिल थी। उन्हें बहला फुसलाकर ले जाया गया था, लेकिन उनके बरामद होने के बाद परिवार वालों ने उन्हें घर में रखने से इनकार कर दिया था। इससे पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर एक किशोरी को छह अगस्त को नेकपुर मोहल्ले के बालगृह में शिफ्ट कर दिया था। एक किशोरी उससे पहले लाई गई थी। तब से दोनों किशोरियां बालगृह में थीं।
गुरुवार रात करीब एक बजे बालगृह के कर्मचारियों ने उन्हें शौचालय की ओर जाते देखा था। इसके बाद उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। सुबह जब वार्डन मीना सिंह को इसका पता चला तो उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। इस पर सिविल लाइंस पुलिस दोनों किशोरियों की तलाश में जुट गई। शुक्रवार शाम के समय डीएम दीपा रंजन, एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार समेत कई अधिकारी पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी जुटाई। बताया जा रहा है कि दोनों किशोरियां बालगृह से दूसरी मंजिल की खिड़की से होकर निकली हैं। एसएसपी ने सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राजेश कुमार को जल्द से जल्द उनका पता लगाने के आदेश दिए हैं।
किशोरियों के लापता होने की जांच के लिए कमेटी गठित
डीएम दीपा रंजन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत इसकी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने दो सदस्यीय कमेटी को गठित किया है। इसके लिए डीआरओ महिपाल सिंह और डीपीआरओ श्रेया मिश्रा को नामित किया गया है। उन्हें बताया गया कि वे जल्द से जल्द इसकी जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करें।
बालगृह में मौजूद थे चार कर्मचारी
दोनों किशोरियों के लापता होने के दौरान बालगृह में चार कर्मचारी मौजूद थे। उनमें एक चौकीदार, दो रसोइया और एक हाउस मदर ड्यूटी पर थी। दोनों लड़कियों के लापता होने के संबंध में चौकीदार समेत सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
जानकारी जुटाने जेल पहुंची पुलिस
इस मामले की जांच कर रहे सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राजेश कुमार इसकी तह तक जाने के लिए जिला कारागार पहुंचे। बताया जा रहा है कि दोनों लड़कियां जिन लड़कों के साथ गईं थीं, थाना पुलिस उन्हें जेल भेज चुकी थी। इस समय दोनों लड़के जेल में हैं या उनकी जमानत हो चुकी है। पुलिस ने इस संबंध में जानकारी जुटाई है।
बालगृह (बालिका) से गुरुवार रात दो किशोरियां लापता हुईं हैं। वे स्वयं गईं हैं या उन्हें भगाया गया है। इसकी जांच पुलिस कर रही है। इसमें कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसकी जांच के लिए कमेटी भी गठित हुई है। जांच के बाद पता चलेगा कि किसकी लापरवाही रही। तब इसमें कार्यवाही होगी। -अभय कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी
इसकी सूचना पर डीएम, एसएसपी समेत सभी अधिकारी शाम के समय बालगृह पहुंचे थे। इंस्पेक्टर को सीसीटीवी फुटेज खंगालने और दोनों लड़कियों की तलाश में लगाया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। -अमित किशोर श्रीवास्तव, एसपी सिटी