फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Tulsi Saligram got married by making a sugarcane pavilion

देवोत्थान एकादशी पर गन्ने का मंडप बनाकर तुलसी और शालिग्राम का कराया विवाह

Sat, 05 Nov 2022 01:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2022 01:15 AM IST
विज्ञापन
Tulsi Saligram got married by making a sugarcane pavilion
शादी समारोह में सजा बरातघर। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। जिलेभर में शुक्रवार को देवोत्थान एकादशी के मौके पर गन्ने का मंडप सजाकर भगवान सालिग्राम और तुलसी का विवाह कराया गया। वहीं, शुक्रवार को सहालग की भी शुरुआत हो गई। हालांकि अब विवाह के योग 25 नवंबर से बनेंगे। इसके लिए मैरिज हॉल से लेकर कैटरर्स तक शादियों के लिए पहले से बुक हो चुके हैं। जिन घरों में शादियां होने को है, वहां खरीदारी का दौर चल रहा है।
विज्ञापन

मान्यता है कि तुलसी विवाह से ही देवी-देवता जागते हैं और बेटी स्वरूपा मानकर तुलसी का विवाह कराया जाता है। तुलसी विवाह करते हुए सुख-समृद्धि की मनौती मानी जाती है। इस दिन से शादियों का दौर शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार शुक्र डूबने की वजह से शुक्रवार के बाद 24 नवंबर तक शादी का कोई भी शुभमुहुर्त नहीं है। बाजार में दुकानों पर रौनक देखने को मिल रही है।
विज्ञापन

हो चुकी मैरिज लॉन और कैटरर्स की बुकिंग
इस बार शुक्र डूबने की वजह से शादी का सहालग आगे बढ़ गया है। ऐसे में करीब 20 दिनों तक शादी का शुभ मुहूर्त नहीं है। इसकी वजह से मैरिज हॉल खाली चल रहे है। हालांकि 25 नवंबर के बाद में लगातार 14 जनवरी तक सहालग है। मैरिज लॉन के मैनेजर सोनू आदित्य ने बताया कि शुक्रवार को उनके यहां शादी हुई है। अब शादियां 25 से हैं। लोगों ने पहले से ही बुकिंग करा रखी है। कैटरर्स श्याम मोहन ने बताया कि अभी 20 दिन तक शादी का सीजन नहीं है, लेकिन उसके बाद में लगातार शादी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे में शादियों के लिए बुकिंग हो गई। सात, आठ और नौ दिसंबर को बड़ा सहालग है। ऐसे मेें कर्मचारी तलाशने पर भी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में कुछ पार्टी के लिए तो मना करना पड़ा है। लाइटिंग करने वाले जगत सिंह ने बताया कि सहालग के सीजन में सभी दिन बुक है। कई लोग जान पहचान के अभी भी आ रहे है। मजबूरी में उन्हें मना करना पड़ रहा है।

यह है शादी के शुभ मुहूर्त
पंडित गिरीश ने बताया कि 30 सितंबर को शुक्र अस्त हो गए थे। यहां से विवाह पर विराम लग गया था। अब शुक्रवार के बाद यह 25 नवंबर को उदय होंगे। तब से विवाह योग की स्थिति बनेगी। इसमें भी शुभ विवाह योग दो दिसंबर से शुरू होंगे, जो 14 दिसंबर तक ही चलेंगे, क्योंकि 16 दिसंबर से एक माह तक खरमास (धनु संक्रांति) लग जाएगी। इसमें भी विवाह नहीं होंगे। ऐसे में 14 जनवरी के बाद में विवाह शुरू होंगे।

मेला ककोड़ा में देवोत्थान एकादशी पर पूजन करता एक परिवार। संवाद

मेला ककोड़ा में देवोत्थान एकादशी पर पूजन करता एक परिवार। संवाद- फोटो : BADAUN

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed