फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Tube staff housing Evacuation notice

नलकूप कर्मियों के आवास खाली कराने को नोटिस

Fri, 19 Jun 2015 08:14 PM IST
badaun
badaun Updated Fri, 19 Jun 2015 08:14 PM IST
विज्ञापन

नलकूप विभाग अपने कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत कराने की बजाय उनसे आवास खाली कराना चाहता है। इसके लिए विभाग के एक्सईएन ने नोटिस जारी कर दिया है। इससे कर्मचारियों में खलबली मच गई है। वे अपने परिवार और सामान को लेकर आखिर कहां नया ठिकाना तलाशें।

विज्ञापन

इधर, आवास प्रभारी/सहायक अभियंता मानते हैं कि आवास तो अधिकारियों के भी खस्ता हाल हैं। ऐसे में कर्मचारी नेताओं का कहना है कि केवल कर्मचारियों के प्रति ही ऐसा क्यों? अधिकारियों को भी नोटिस जारी कराके उनके आवास भी खाली कराए जाएं।
विज्ञापन

यहां बता दें कि नलकूप विभाग के आवास चाहे वे अधिकारियों के हों या कर्मचारियों के लगभग आठ दशक पुराने हैं। अधिकारियों ने अपने तो आवासों को मरम्मत कराकर दुरुस्त करा लिया है लेकिन कभी कर्मचारियों के आवासों की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। कर्मचारियों के आवासों की हालात वास्तव में खराब है लेकिन इसके लिए जिम्मेदार तो अधिकारी ही हैं। उनके आवासों की मरम्मत को धन कहां से आ जाता है? जबकि कर्मचारियों के आवास को धन न मिलने की बात कहकर करीब एक दशक से इन आवासों की मरम्मत तक नहीं हो रही है। कर्मचारियों को नोटिस जारी होने पर कर्मचारी नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दी हैं। नोटिस मिलने से हताश कर्मचारी कर्मचारी नेताओं की शरण में पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गेस्ट हाउस को दिलाया धन, आवासों को नहीं
नलकूप विभाग के अधिकारियों की नेता परस्ती नीति के कारण कर्मचारी इसलिए नाखुश हैं कि उनके विभाग के अधिकारियों ने जब सांसद से पहल कर विभाग के गेस्ट हाउस की मरम्मत और सुविधाओं को धन ले लिया तो वे कर्मचारियों के आवासों के बारे में भी तो सांसद से बात कर सकते थे।

एक कर्मचारी की छत ढह जाने से घबराए अघिकारी
कर्मचारियों की जान माल की चिंता के कारण कर्मचारियों से आवास खाली कराए जाने को नोटिस दिया गया है। इस पर कटाक्ष करते हुए कर्मचारियों का कहना है कि दरअसल यह चिंता नहीं अपना बचाव है। अभी दो दिन पहले ज्ञान सिंह नाम के एक कर्मचारी के आवास की छत गिर जाने से हड़कंप मच गया। उसके बच्चे भी बाल-बाल बच गए। इसके बाद अपनी बचत को अधिकारियों ने ऐसा किया है।

पहले अधिकारी अपने आवास खाली करें। इसके बाद कर्मचारियों से आवास खाली कराएं। अधिकारी अपने आवासों की मरम्मत कराते रहते हैं और कर्मचारियों को मिले आवासों की किसी को चिंता नहीं है। उनका संगठन कर्मचारियों की लड़ाई लड़ेगा।
- अवधेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष, सिंचाई संघ

वह खुद देखेंगे, जिन कर्मचारियों के आवास वास्तव में बेहद खस्ताहाल हैं उनकी बात अलग है लेकिन जो आवास मरम्मत लायक हैं। उनको मरम्मत कराने के लिए अधिकारियों से मिला जाएगा।

- मदन मुरारी गुप्ता, जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

आवास तो अधिकारियों के भी उसी समय के हैं। उनके आवासों को अलग से नोटिस जारी हुए हैं। शासन ने मांग पर अभी तक आवासों की मरम्मत और नवनिर्माण को कोई धन जारी नहीं किया।
- पीके मित्तल सहायक अभियंता/ प्रभारी अधिकारी आवास नलकूप खंड प्रथम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed