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Budaun News: धर्मेंद्र का टिकट काट शेरवानी और आबिद को साधने की कोशिश
Wed, 21 Feb 2024 02:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 21 Feb 2024 02:53 AM IST
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बदायूं। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव का बदायूं लोकसभा सीट से टिकट काटकर सपा ने पूर्व सांसद सलीम शेरवानी और पूर्व विधायक आबिद रजा को साधने की कोशिश की है। अब बदायूं सीट से धर्मेंद्र यादव के स्थान पर शिवपाल सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया गया है। करीब एक सप्ताह से सपा में उथल-पुथल चल रही है। टिकट बंटवारे के बाद यह और तेज हो गई।
बदायूं लोकसभा सीट से पांच बार सांसद रहे पूर्व विदेश राज्यमंत्री सलीम शेरवानी ने किसी मुस्लिम को राज्यसभा प्रत्याशी न बनाए जाने पर रविवार को सपा राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। 2009 में सपा ने शेरवानी का टिकट काटकर ही धर्मेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाया था। इसके बाद से शेरवानी लोकसभा चुनाव में धर्मेंद्र यादव के खिलाफ कांग्रेस से मैदान में उतरते आ रहे हैं।
एक बार उन्होंने आंवला लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ा। वह आंवला लोकसभा सीट से इस बार आबिद रजा को टिकट की पैरवी कर रहे थे। इससे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव में भी सपा ने शेरवानी के बेटे शाद शेरवानी को शेखूपुर और आबिद रजा को शहर सीट से टिकट नहीं दिया था।
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दूसरी ओर पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव और पूर्व विधायक आबिद रजा के बीच भी लंबे समय से अदावत चल रही है। ऐसे में बदायूं सीट से धर्मेंद्र यादव को चुनाव लड़कर सपा कोई नुकसान उठाना नहीं चाहती थी। रविवार को जब शेरवानी ने राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दिया तो आबिद रजा भी उनके साथ थे। चर्चा थी कि आबिद भी कोई कदम उठा सकते हैं।
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बदायूं लोकसभा सीट से पांच बार सांसद रहे पूर्व विदेश राज्यमंत्री सलीम शेरवानी ने किसी मुस्लिम को राज्यसभा प्रत्याशी न बनाए जाने पर रविवार को सपा राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। 2009 में सपा ने शेरवानी का टिकट काटकर ही धर्मेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाया था। इसके बाद से शेरवानी लोकसभा चुनाव में धर्मेंद्र यादव के खिलाफ कांग्रेस से मैदान में उतरते आ रहे हैं।
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एक बार उन्होंने आंवला लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ा। वह आंवला लोकसभा सीट से इस बार आबिद रजा को टिकट की पैरवी कर रहे थे। इससे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव में भी सपा ने शेरवानी के बेटे शाद शेरवानी को शेखूपुर और आबिद रजा को शहर सीट से टिकट नहीं दिया था।
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दूसरी ओर पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव और पूर्व विधायक आबिद रजा के बीच भी लंबे समय से अदावत चल रही है। ऐसे में बदायूं सीट से धर्मेंद्र यादव को चुनाव लड़कर सपा कोई नुकसान उठाना नहीं चाहती थी। रविवार को जब शेरवानी ने राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दिया तो आबिद रजा भी उनके साथ थे। चर्चा थी कि आबिद भी कोई कदम उठा सकते हैं।