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Budaun News: ठंड से हाल-बेहाल, 8.8 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान
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मंगलवार को घने कोहरे के बीच गुजरते लोग। संवाद
बदायूं। मंगलवार इस मौसम का सबसे ठंडा दिन रहा। सुबह से ही गलन का एहसास बना रहा जो शाम होते-होते सर्दी चरम पर पहुंच गई। न्यूनतम पारा लुढ़ककर डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ऐसे में आम जनजीवन पर ठंड का सीधा असर दिखा। आने वाले दिनों में भी सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। हालांकि बीच-बीच में खिलने वाली धूप कुछ राहत जरूर दे सकती है।
सर्दी अब अपनी पूरी रौ में आ चुकी है। सोमवार को सुबह 10 बजे ही धूप निकल आई थी जिससे कुछ राहत मिली थी। इससे दोपहर में लोग जगह-जगह धूप का आनंद लेते दिखाई दिए। हालांकि सर्द हवा शीतलहर का अहसास कराती रही।
रविवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री तथा न्यूनतम 10.2 डिग्री रहा था जबकि सोमवार को इसमें और कमी देखी गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 20.3 तथा न्यूनतम 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को सोमवार की अपेक्षा अधिकतम तापमान में तो कोई फर्क नहीं आया लेकिन न्यूनतम पारा गिरकर 8.8 डिग्री सेल्सियस तक आ गया।
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इसका असर मंगलवार को साफ दिखाई दिया। सुबह से ही कोहरा छाया रहा तो शीतलहर ने ठंड बढ़ा दी। दिन चढ़ते-चढ़ते ठंड में इजाफा होता गया और गलन बढ़ती गई। शाम तक और बुरा हाल हो गया। शीतलहर कंपकपी छुड़ाने लगी। लोग जल्दी घरों में घुस गए।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम के अनुसार, इस सप्ताह सर्दी से निजात मिलने के कोई आसार नहीं है। कोहरा अभी परेशान करेगा तो गलन ऐसे ही जारी रहेगी। बीच-बीच में किसी दिन धूप के दर्शन हो सकते हैं लेकिन यह फौरी राहत ही दे पाएगी। सर्दी में कोई कमी नहीं आने वाली है।
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एक्यूआई 160 के पार पहुंचने की संभावना
सर्दी रिकॉर्ड तोड़ रही है तो कोहरे के कारण प्रदूषण का लेवल भी बढ़ रहा है। कोहरा होने के कारण धूल के कण हवा में ही तैरते रहते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। मंगलवार को जिले का एक्यूआई 110 रहा लेकिन बुधवार को इसके 161 होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में घर से निकलने में सावधानी रखनी चाहिए। विशेषकर वे लोग घर से निकलने की कोशिश न करें जो सांस के मरीज हैं या फिर जिन्हें कोरोना हो चुका है। एक्यूआई का ये लेवल उनकी परेशानी को और बढ़ा सकता है।
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सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत दिखाएं डॉक्टर को
सर्दी के इस सीजन में सांस के रोगियों को परेशानी हो सकती है। प्रदूषण का असर सीधा फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे सांस की परेशानी होना आम है। विशेषकर लंग फाइब्रोसिस के मरीजों को तो मास्क लगाए बगैर घर से बाहर ही नहीं निकलना चाहिए। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुरेश चंद्र नौगरिया बताते हैं कि सर्दी में निमोनिया होने की संभावना ज्यादा रहती है। जिन लोगों को कोरोना हो चुका है तो उनके फेफड़ों की क्रियाशीलता वैसे ही कम हो चुकी है ऐसे में सर्दी ज्यादा असर डाल सकती है। ऐसे में यदि जरा भी सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सांस के मरीजों को नेबुलाइजर का प्रयोग भी करते रहना चाहिए, ये फेफड़ों की सफाई करते हैं।
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सर्दी अब अपनी पूरी रौ में आ चुकी है। सोमवार को सुबह 10 बजे ही धूप निकल आई थी जिससे कुछ राहत मिली थी। इससे दोपहर में लोग जगह-जगह धूप का आनंद लेते दिखाई दिए। हालांकि सर्द हवा शीतलहर का अहसास कराती रही।
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रविवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री तथा न्यूनतम 10.2 डिग्री रहा था जबकि सोमवार को इसमें और कमी देखी गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 20.3 तथा न्यूनतम 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को सोमवार की अपेक्षा अधिकतम तापमान में तो कोई फर्क नहीं आया लेकिन न्यूनतम पारा गिरकर 8.8 डिग्री सेल्सियस तक आ गया।
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इसका असर मंगलवार को साफ दिखाई दिया। सुबह से ही कोहरा छाया रहा तो शीतलहर ने ठंड बढ़ा दी। दिन चढ़ते-चढ़ते ठंड में इजाफा होता गया और गलन बढ़ती गई। शाम तक और बुरा हाल हो गया। शीतलहर कंपकपी छुड़ाने लगी। लोग जल्दी घरों में घुस गए।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम के अनुसार, इस सप्ताह सर्दी से निजात मिलने के कोई आसार नहीं है। कोहरा अभी परेशान करेगा तो गलन ऐसे ही जारी रहेगी। बीच-बीच में किसी दिन धूप के दर्शन हो सकते हैं लेकिन यह फौरी राहत ही दे पाएगी। सर्दी में कोई कमी नहीं आने वाली है।
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एक्यूआई 160 के पार पहुंचने की संभावना
सर्दी रिकॉर्ड तोड़ रही है तो कोहरे के कारण प्रदूषण का लेवल भी बढ़ रहा है। कोहरा होने के कारण धूल के कण हवा में ही तैरते रहते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। मंगलवार को जिले का एक्यूआई 110 रहा लेकिन बुधवार को इसके 161 होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में घर से निकलने में सावधानी रखनी चाहिए। विशेषकर वे लोग घर से निकलने की कोशिश न करें जो सांस के मरीज हैं या फिर जिन्हें कोरोना हो चुका है। एक्यूआई का ये लेवल उनकी परेशानी को और बढ़ा सकता है।
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सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत दिखाएं डॉक्टर को
सर्दी के इस सीजन में सांस के रोगियों को परेशानी हो सकती है। प्रदूषण का असर सीधा फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे सांस की परेशानी होना आम है। विशेषकर लंग फाइब्रोसिस के मरीजों को तो मास्क लगाए बगैर घर से बाहर ही नहीं निकलना चाहिए। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुरेश चंद्र नौगरिया बताते हैं कि सर्दी में निमोनिया होने की संभावना ज्यादा रहती है। जिन लोगों को कोरोना हो चुका है तो उनके फेफड़ों की क्रियाशीलता वैसे ही कम हो चुकी है ऐसे में सर्दी ज्यादा असर डाल सकती है। ऐसे में यदि जरा भी सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सांस के मरीजों को नेबुलाइजर का प्रयोग भी करते रहना चाहिए, ये फेफड़ों की सफाई करते हैं।

मंगलवार को घने कोहरे के बीच गुजरते लोग। संवाद