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बच्चों की दी डूबते को बचाने की ट्रेनिंग
बदायूं।
Updated Thu, 25 Feb 2016 08:34 PM IST
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विकासखंड जगत क्षेत्र के गांव मझिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में उच्च और प्राथमिक विद्यालय का दो दिवसीय संयुक्त कब-बुलबुल स्काउट -गाइड प्रशिक्षण गुरुवार से प्राइमरी स्कूल प्रांगण में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ। पहले दिन बच्चों को स्काउटिंग आंदोलन, नियम, प्रतिज्ञा, प्राथमिक उपचार, गांठे बंधन, डूबते हुओं को बचाना, जंगलों में भ्रमण के तौर तरीकों के अलावा प्राकृतिक संसाधनों में सुव्यवस्थित जीवन जीने की कलाओं की ट्रेनिंग दी गई।
मुख्य अतिथि ब्लाक जगत वरिष्ठ सह-समन्यक राधेलाल ने स्काउट ध्वज फहराया और कहा कि युवा अपने पवित्र आचरण से संघर्ष करके प्रतिकूल परिस्थितियों को भी अनुकूल बना लेते हैं। बच्चे चिंता और भय को दूर करके हर परिस्थितियों में प्रसन्नता का अनुभव करें और अपनी अतुलनीय ऊर्जा को सभ्य समाज के निर्माण में लगाएं। सह समन्वयक डॉ. पंकज शर्मा ने शिविर का निरीक्षण किया और बच्चों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चे अपनी दिव्य क्षमताओं से परिचित होकर सृजन का कार्य करें। शिविर संचालक जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि संघर्ष पूर्ण जीवन व्यक्तित्व को प्रकाशित कर कामयाबी का नया मार्ग प्रशस्त करता है। बच्चे कठिन परिश्रम के बाद गर्व और गौरव अनुभव करें। दु:खी और लाचार लोगों की सहायता कर उन्हें संतोष और मुस्कान दें।
शिविर के पहले दिन बच्चों को झंडा गीत, प्रार्थना, राष्ट्रध्वज, स्काउट ध्वज, टोलियों का निर्माण, दलनायक, कंपनी लीडर, टोली नायक और सहायक टोली नायकों की नियुक्ति की गई और उनके उत्तरदायित्वों का बोध कराया गया। प्रधानाध्यापिका नमिता राठौर और उच्च प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका गीता सिंह के नेतृत्व में बच्चों ने कैंप फायर के दौरान लोकगीत, भजन, हास्य व्यंग, चुटकुले आदि प्रस्तुत किए। इस मौके पर संगीता रस्तोगी, श्वेता गुप्ता, रेनू यादव, सपना वासुदेवा, प्रतिभा सिंह, वर्षा, राजीव कुमार आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
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मुख्य अतिथि ब्लाक जगत वरिष्ठ सह-समन्यक राधेलाल ने स्काउट ध्वज फहराया और कहा कि युवा अपने पवित्र आचरण से संघर्ष करके प्रतिकूल परिस्थितियों को भी अनुकूल बना लेते हैं। बच्चे चिंता और भय को दूर करके हर परिस्थितियों में प्रसन्नता का अनुभव करें और अपनी अतुलनीय ऊर्जा को सभ्य समाज के निर्माण में लगाएं। सह समन्वयक डॉ. पंकज शर्मा ने शिविर का निरीक्षण किया और बच्चों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चे अपनी दिव्य क्षमताओं से परिचित होकर सृजन का कार्य करें। शिविर संचालक जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि संघर्ष पूर्ण जीवन व्यक्तित्व को प्रकाशित कर कामयाबी का नया मार्ग प्रशस्त करता है। बच्चे कठिन परिश्रम के बाद गर्व और गौरव अनुभव करें। दु:खी और लाचार लोगों की सहायता कर उन्हें संतोष और मुस्कान दें।
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शिविर के पहले दिन बच्चों को झंडा गीत, प्रार्थना, राष्ट्रध्वज, स्काउट ध्वज, टोलियों का निर्माण, दलनायक, कंपनी लीडर, टोली नायक और सहायक टोली नायकों की नियुक्ति की गई और उनके उत्तरदायित्वों का बोध कराया गया। प्रधानाध्यापिका नमिता राठौर और उच्च प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका गीता सिंह के नेतृत्व में बच्चों ने कैंप फायर के दौरान लोकगीत, भजन, हास्य व्यंग, चुटकुले आदि प्रस्तुत किए। इस मौके पर संगीता रस्तोगी, श्वेता गुप्ता, रेनू यादव, सपना वासुदेवा, प्रतिभा सिंह, वर्षा, राजीव कुमार आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
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