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Budaun News: खाद्य सुरक्षा विभाग की छापामार कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

Wed, 17 Sep 2025 02:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Sep 2025 02:02 AM IST
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Traders protested against the raid by the Food Safety Department
बदायूं। फूड विभाग की विसंगतियों और मनमानी कार्यशैली के विरोध में मंगलवार को उद्योग व्यापार प्रत
बदायूं। खाद्य सुरक्षा विभाग की छापामार कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले सैकड़ों व्यापारी सड़क पर उतर आए। उन्होंने काली पट्टी बांधकर बाइक रैली निकाली। उसके बाद जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन कार्यालय पहुंचे और वहां धरना देकर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम नई दिल्ली के नाम संबोधित 18 सूत्रीय मांगपत्र सहायक आयुक्त सीएल यादव को सौंपा।
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प्रदर्शन का नेतृत्व युवा प्रदेश अध्यक्ष नवनीत गुप्ता, जिला महामंत्री संजीव आहूजा और हाजी राशिद सैफी ने किया। मांगपत्र में कहा गया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के मामलों की सुनवाई प्रशासनिक अधिकारी करते हैं। वह तकनीकी जानकार न होने के कारण अधिकतर मामलों में अधिकतम जुर्माना वसूलते हैं। इसलिए अधिनियम के लिए पूर्णकालिक न्याय निर्णायक अधिकारी नियुक्त किए जाएं।
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अधिनियम की धारा-69 के अनुसार अधिकतर मामलों को शमन शुल्क लेकर समाप्त किया जा सकता है, लेकिन उन्हें अदालतों में भेजा जा रहा है। कार्यालय में शमन शुल्क जमा कराने की व्यवस्था लागू की जाए। पंजीकरण की सीमा 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये वार्षिक टर्नओवर की जाए। फूड लाइसेंस न होने पर सजा का प्रावधान खत्म कर केवल दोगुना जुर्माना ही लिया जाए। पैकिंग कंपनियों से तैयार खाद्य पदार्थों की जिम्मेदारी खुद कंपनियों की हो, न कि रिटेल या थोक व्यापारी की। प्रदर्शन करने वालों में पवन जैन, अवधेश वर्मा, दीपक सक्सेना, सर्वत्र हामिद खान, साहिल, सगीर अहमद, सलिम, संदीप शर्मा, फखरे आलम समेत तमाम व्यापारी शामिल हुए।
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ऑनलाइन फूड सप्लाई पर उठाए सवाल
जिला उपाध्यक्ष नरेश शंखधार और दीपक वर्मा ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन फूड सप्लाई करने वाले व्यक्तियों के पास इसका लाइसेंस नहीं है। उनकी किसी प्रकार की सैंपलिंग नहीं की जा रही है। कहा कि ऑनलाइन कंपनियों और मल्टीनेशनल फूड चेन पर भी वही नियम लागू हो, जो छोटे व्यापारियों पर लागू किए जा रहे हैं। नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता और महामंत्री संजय रस्तोगी ने कहा कि सैंपलिंग के दौरान व्यापारियों से सामान का भुगतान नहीं किया जाता और फार्म-5 ए मौके पर नहीं दिया जाता है। इससे उनका अनावश्यक उत्पीड़न होता है। सैंपलिंग में व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य की जाए।
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