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प्राइवेट मिलों पर कसा शिकंजा, सहकारी चीनी मिल पर अब भी बकाया
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बदायूं। प्रदेश सरकार ने निर्देश दिया है कि चीनी मिलें लोन लेकर किसानों का गन्ना बकाया चुका सकेंगी। जिले की निजी चीनी मिलों ने तो किसानों का भुगतान कर दिया है पर सहकारी चीनी मिल अब भी पिछले सत्र का करीब सवा दो करोड़ रुपये से अधिक दबाए बैठी है।
मुख्यमंत्री योगी किसानों की आय बढ़ाने व उपज के मूल्य भुगतान को लेकर कई योजनाएं संचालित कर रहे हैं। इसके बावजूद जिले के गन्ना किसान परेशान हैं। सहकारी चीनी मिल ने आज तक पिछले वर्ष का किसानों को बकाया नहीं दिया है। निर्देश हैं कि गन्ना खरीद के 14 दिनों के अंदर किसानों को उनकी धनराशि दे दी जाए, लेकिन यहां शेखूपुर में स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल पर गन्ना किसानों का पिछले वर्ष का करीब दो करोड़ 37 लाख 94 हजार रुपये बकाया है।
इसकी वजह से किसानों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इस सत्र में चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू हुए भी 20 दिन हो चुके हैं। यही हाल प्रदेश की अधिकांश सहकारी चीनी मिलों का है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने सहकारी चीनी मिलों को बकाया भुगतान करने के लिए उप्र कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से ऋण लेने की व्यवस्था की है। वहां से चीनी मिल ऋण लेकर अपने पुराने बकाये का भुगतान किसानों को करेंगी।
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चीनी मिल पर किसानों का पिछले साल का करीब सवा दो करोड़ रुपया बकाया है। इसका जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। अब शासन स्तर से बैंक से लोन की व्यवस्था की गई है। - राजीव रस्तोगी, जीएम, किसान सहकारी चीनी मिल
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मुख्यमंत्री योगी किसानों की आय बढ़ाने व उपज के मूल्य भुगतान को लेकर कई योजनाएं संचालित कर रहे हैं। इसके बावजूद जिले के गन्ना किसान परेशान हैं। सहकारी चीनी मिल ने आज तक पिछले वर्ष का किसानों को बकाया नहीं दिया है। निर्देश हैं कि गन्ना खरीद के 14 दिनों के अंदर किसानों को उनकी धनराशि दे दी जाए, लेकिन यहां शेखूपुर में स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल पर गन्ना किसानों का पिछले वर्ष का करीब दो करोड़ 37 लाख 94 हजार रुपये बकाया है।
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इसकी वजह से किसानों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इस सत्र में चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू हुए भी 20 दिन हो चुके हैं। यही हाल प्रदेश की अधिकांश सहकारी चीनी मिलों का है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने सहकारी चीनी मिलों को बकाया भुगतान करने के लिए उप्र कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से ऋण लेने की व्यवस्था की है। वहां से चीनी मिल ऋण लेकर अपने पुराने बकाये का भुगतान किसानों को करेंगी।
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चीनी मिल पर किसानों का पिछले साल का करीब सवा दो करोड़ रुपया बकाया है। इसका जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। अब शासन स्तर से बैंक से लोन की व्यवस्था की गई है। - राजीव रस्तोगी, जीएम, किसान सहकारी चीनी मिल