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तीन शिक्षिका और लेखाकार मिले गैरहाजिर
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:44 PM IST
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निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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कस्तूरबा स्कूल उझानी में डीएम के निरीक्षण से मचा हड़कंप
नामांकित 88 छात्राओं में से महज 29 छात्राएं मिलीं मौजूद
गुरुजी बने डीएम, शैक्षिक गुणवत्ता से संतुष्ट नजर आए
उझानी ब्लाक के गांव छतुइया में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में डीएम पवन कुमार ने निरीक्षण किया। इसमें तीन शिक्षिकाएं और लेखाकार नदारद मिला। इस पर अनुपस्थित स्टाफ का जवाब तलब कर संविदा राशि कटौती करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित उपस्थित न रहने वाले संविदा स्टाफ की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए।
कस्तूरबा स्कूल में डीएम के अचानक पहुंचने पर हड़कंप मच गया। डीएम को स्कूल में 88 छात्राओं के सापेक्ष मात्र 29 छात्राएं उपस्थित मिलीं। वार्डन विमला शर्मा ने कहा कि अवकाश की वजह से छात्राएं अभी तक वापस नहीं आई हैं। तो डीएम ने उन लोगों से संपर्क करके छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। डीएम ने उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया तो संविदा पर कार्यरत ममता कश्यप, शिप्रा, राकेश कुमार और लेखाकार आदेश कुमार अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद डीएम ने शिक्षण कार्य को परखने के कक्षाओं में जाकर छात्राओं से पूछताछ की और ब्लैकबोर्ड पर बच्चों से लिखवाकर देखा तो संतोष व्यक्त किया। उन्होंने हॉस्टल का भी स्थलीय निरीक्षण कर रात्रि विश्राम की सुविधाओं का जायजा लिया और रसोई घर में जाकर बनाए जा रहे भोजन, आटा, मसाले, दाल, चावल तथा खाद्य तेल और घी की गुणवत्ता को भी देखा।
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नामांकित 88 छात्राओं में से महज 29 छात्राएं मिलीं मौजूद
गुरुजी बने डीएम, शैक्षिक गुणवत्ता से संतुष्ट नजर आए
उझानी ब्लाक के गांव छतुइया में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में डीएम पवन कुमार ने निरीक्षण किया। इसमें तीन शिक्षिकाएं और लेखाकार नदारद मिला। इस पर अनुपस्थित स्टाफ का जवाब तलब कर संविदा राशि कटौती करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित उपस्थित न रहने वाले संविदा स्टाफ की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए।
कस्तूरबा स्कूल में डीएम के अचानक पहुंचने पर हड़कंप मच गया। डीएम को स्कूल में 88 छात्राओं के सापेक्ष मात्र 29 छात्राएं उपस्थित मिलीं। वार्डन विमला शर्मा ने कहा कि अवकाश की वजह से छात्राएं अभी तक वापस नहीं आई हैं। तो डीएम ने उन लोगों से संपर्क करके छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। डीएम ने उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया तो संविदा पर कार्यरत ममता कश्यप, शिप्रा, राकेश कुमार और लेखाकार आदेश कुमार अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद डीएम ने शिक्षण कार्य को परखने के कक्षाओं में जाकर छात्राओं से पूछताछ की और ब्लैकबोर्ड पर बच्चों से लिखवाकर देखा तो संतोष व्यक्त किया। उन्होंने हॉस्टल का भी स्थलीय निरीक्षण कर रात्रि विश्राम की सुविधाओं का जायजा लिया और रसोई घर में जाकर बनाए जा रहे भोजन, आटा, मसाले, दाल, चावल तथा खाद्य तेल और घी की गुणवत्ता को भी देखा।
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