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Budaun News: हत्या के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा
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बदायूं। हत्या के 10 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फराह मतलूब ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव शेखूपुरा निवासी कुंवरपाल ने 28 मई 2014 को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। बताया था कि 27 मई को उनका छोटा भाई शिवराज उर्फ सूखे घर से खाना खाकर दरवाजे पर जाकर खड़ा हो गया था। उसी समय गांव के ही अवनेश, धर्मेंद्र, ठाकुर व रफत सिंह हाथों में तमंचा लेकर आ गए और गाली देने लगे। दो दिन पहले भी इन्हीं चारों ने गालियां दी। गालियों का विरोध किया तो रफत सिंह ने कहा कि हमारे सामने बोलता है इस शिवराज को मार दो। इस पर धर्मेंद्र ने तमंचे से भाई शिवराज को गोली मारकर हत्या कर दी।
आरोपियों को मोहल्ले के लोगों ने पकड़ना चाहा, लेकिन आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए। बिसौली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना उप निरीक्षक सतीश यादव को दी गई। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र 2015 में दाखिल कर दिया। तब से मामला न्यायालय में चल रहा था। शनिवार को न्यायालय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने तीन आरोपी अवनेश, धर्मेंद्र, ठाकुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक-एक लाख का जुर्माना भी लगाया है। चौथे अभियुक्त रफत सिंह की विचारण के दौरान मौत हो जाने से फाइल बंद कर दी गई थी। संवाद
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बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव शेखूपुरा निवासी कुंवरपाल ने 28 मई 2014 को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। बताया था कि 27 मई को उनका छोटा भाई शिवराज उर्फ सूखे घर से खाना खाकर दरवाजे पर जाकर खड़ा हो गया था। उसी समय गांव के ही अवनेश, धर्मेंद्र, ठाकुर व रफत सिंह हाथों में तमंचा लेकर आ गए और गाली देने लगे। दो दिन पहले भी इन्हीं चारों ने गालियां दी। गालियों का विरोध किया तो रफत सिंह ने कहा कि हमारे सामने बोलता है इस शिवराज को मार दो। इस पर धर्मेंद्र ने तमंचे से भाई शिवराज को गोली मारकर हत्या कर दी।
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आरोपियों को मोहल्ले के लोगों ने पकड़ना चाहा, लेकिन आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए। बिसौली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना उप निरीक्षक सतीश यादव को दी गई। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र 2015 में दाखिल कर दिया। तब से मामला न्यायालय में चल रहा था। शनिवार को न्यायालय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने तीन आरोपी अवनेश, धर्मेंद्र, ठाकुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक-एक लाख का जुर्माना भी लगाया है। चौथे अभियुक्त रफत सिंह की विचारण के दौरान मौत हो जाने से फाइल बंद कर दी गई थी। संवाद
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