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Budaun News: गोशाला के नाम पर डकार लिए तीन लाख

Tue, 05 May 2026 01:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 01:54 AM IST
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Three Lakhs Embezzled in the Name of a Cow Shelter
करीमपुर में अधूरा पड़ा गौशाला का निर्माण। स्त्रोत ग्रामीण - फोटो : Samvad
म्यांऊ। ग्राम पंचायत करीमपुर में मनरेगा के तहत ग्राम समाज की भूमि पर स्थायी गोशाला निर्माण के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला ठेकेदार, सचिव, रोजगार सेवक और प्रधान में हिस्सा सेट न होने के कारण खुल गया। इसकी शिकायत बीडीओ के साथ डीसी मनरेगा अखिलेश चौबे के पास पहुंची तो उन्होंने मामले की जांच बीडीओ मनीश सिंह वर्मा को सौंप दी। वह जांच करके जिला मुख्यालय रिपोर्ट भेजेंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वर्ष 2022-23 में ग्राम प्रधान करीमपुर ने स्थायी गोशाला के लिए नौ लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया था। इस योजना में भूसा कक्ष, केयरटेकर कक्ष, चन्नी, पक्का फर्श और टिन शेड का निर्माण शामिल था। उस समय ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक ने आपसी तालमेल के कारण योजना के तहत दो कमरों की बुनियाद भरवा कर गोवंशों के लिए चन्नी का निर्माण कराया। इसके बाद इस निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्टॉक रजिस्टर और एमबी (मेजरमेंट बुक) में फर्जी दर्ज कर लगभग 3 लाख रुपये का भुगतान निर्माण सामग्री के नाम पर निकाल लिया गया। यहां तक मामला पूरी तरह दबा रहा।
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ग्रामीणों के अनुसार, 2025-26 में उसी अधूरी गोशाला के निर्माण कार्य को पूर्ण दिखाते हुए नया प्रस्ताव तैयार कर करीब 16 लाख रुपये का एस्टीमेट और बना लिया गया। इसके बाद ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक ने मिलकर कमीशन के आधार पर एक निर्माणदायी संस्था से कार्य शुरू करा दिया।
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इस दौरान ठेकेदार की ओर से 50 प्रतिशत कार्य कराए जाने के बाद भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विवाद बढ़ने पर ठेकेदार, मजदूरों और ग्राम प्रधान-सचिव के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद पूर्व में हुए करीब 3 लाख रुपये के कथित फर्जी भुगतान का मामला उजागर हो गया।

मामला खुलते ही रोजगार सेवक ने भी प्रधान और सचिव पर दबाव में लेकर मुहर लगवाने और फर्जी दस्तावेज करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मामले की जानकारी पर डीसी मनरेगा ने मामले की जांच बीडीओ को दी है। वह जांच कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेेंगे।
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