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तीन दिनों से गंगा में मची उथल-पुथल, कटान शुरू
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:57 PM IST
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गंगा में मची उथल-पुथल, कटान शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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क्यूसेक गेज पर बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
जिले में गंगा के जलस्तर में तीन दिनों में काफी उतार-चढ़ाव आने से गंगा ने तटीय इलाकों को काटना शुरू कर दिया है। गंगा किनारे के खेतों में भी कटान शुरू हो जाने पर कटरी के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं।
हरिद्वार डेम से 72 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से जिले की गंगा में जलस्तर बढना शुरू हुआ। सोमवार को जलस्तर अबतक के सबसे उच्च स्तर पर 48,778 क्यूसेक था। हालांकि क्यूसेक मीटर पर गंगा का जलस्तर 162.15 तक ही रहा। इसके पीछे माना जा रहा है कि गंगा फाटों में फैलती रही। मंगलवार को गंगा का जलस्तर एकदम कम होकर 36,906 क्यूसेक पर रह गया। जलस्तर तो कम हुआ लेकिन क्यूसेक मीटर पर जलस्तर अबतक के सबसे उच्च स्तर पर 162.80 पर जाकर रुका। रविवार को गंगा में केवल 13,258 क्यूसेक ही पानी रहा। इस तरह पिछले तीन दिनों में गंगा में काफी उथल-पुथल मची हुई है।
नरौरा डेम जिले की सीमा से लगा है इसलिए इससे पानी छोड़े जाने का प्रभाव 12 घंटे में यहां कछला घाट पर दिखाई देने लगता है। बिजनौर का 24 और हरिद्वार का 36 घंटे में प्रभाव जिले की गंगा में दिखाई देता है।
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जलस्तर घटने-बढ़ने से गंगा कर रही कटान
बदायूं। गंगा में पिछले तीन दिनों से पानी के घटने और बढने के के कारण गंगा के तटों पर आफत टूट पड़ी है। गंगा के तटों पर कटान होने लगा है। ऊंची-ऊंची आवाजों के साथ किनारे टूट-टूटकर गंगा में समा रहे हैं। जहां किसानों के खेत हैं, उन किनारों पर भी कटान शुरू हो गया है। सहसवान, सदर और दातागंज में से कटान का प्रभाव सबसे अधिक सहसवान में हो रहा है।
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बिजनौर डेम से पानी छोड़े जाने की स्थिति
बदायूं। पिछले तीन दिनों में बिजनौर डेम की स्थिति में से केवल दो दिनों की स्थिति का ही पता लग सका। सोमवार को बिजनौर ने अपने यहां की स्थिति से अवगत नहीं कराया। मंगलवार को बिजनौर डेम से 31,300 क्यूसेक और रविवार को 61,667 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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हरिद्वार डेम से पानी छोड़े जाने की स्थिति
बदायूं। हरिद्वार डेम से रविवार को 35,879 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सोमवार को 39,847 क्यूसेक पानी छोड़ा और आज मंगलवार को कम लेबल पर 28,931 क्यूसेक पानी रह गया है। इससे पहले शनिवार को हरिद्वार से 72 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण यहां बाढ़ खंड को विशेष सतर्क होना पड़ा था।
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रामगंगा दो दिनों से शांत
बदायूं। जिले में गंगा के बाद रामगंगा भी महत्वपूर्ण नदी है। गंगा पिछले तीन दिनों से जहां उथल-पुथल मचाए हुए हैं, वहीं रामगंगा शांत पड़ी है। रामगंगा क्यूसेक गेज पर सोमवार को 158.520 थी। वहीं मंगलवार को भी यही स्थिति बनी रही।
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मंगलवार को गंगा की स्थिति
नरौरा डेम से डिस्चार्ज- 36,906 क्यूसेक
कछला में गंगा- 162.80 क्यूसेक गेज
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जिले में गंगा के जलस्तर में तीन दिनों में काफी उतार-चढ़ाव आने से गंगा ने तटीय इलाकों को काटना शुरू कर दिया है। गंगा किनारे के खेतों में भी कटान शुरू हो जाने पर कटरी के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं।
हरिद्वार डेम से 72 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से जिले की गंगा में जलस्तर बढना शुरू हुआ। सोमवार को जलस्तर अबतक के सबसे उच्च स्तर पर 48,778 क्यूसेक था। हालांकि क्यूसेक मीटर पर गंगा का जलस्तर 162.15 तक ही रहा। इसके पीछे माना जा रहा है कि गंगा फाटों में फैलती रही। मंगलवार को गंगा का जलस्तर एकदम कम होकर 36,906 क्यूसेक पर रह गया। जलस्तर तो कम हुआ लेकिन क्यूसेक मीटर पर जलस्तर अबतक के सबसे उच्च स्तर पर 162.80 पर जाकर रुका। रविवार को गंगा में केवल 13,258 क्यूसेक ही पानी रहा। इस तरह पिछले तीन दिनों में गंगा में काफी उथल-पुथल मची हुई है।
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नरौरा डेम जिले की सीमा से लगा है इसलिए इससे पानी छोड़े जाने का प्रभाव 12 घंटे में यहां कछला घाट पर दिखाई देने लगता है। बिजनौर का 24 और हरिद्वार का 36 घंटे में प्रभाव जिले की गंगा में दिखाई देता है।
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जलस्तर घटने-बढ़ने से गंगा कर रही कटान
बदायूं। गंगा में पिछले तीन दिनों से पानी के घटने और बढने के के कारण गंगा के तटों पर आफत टूट पड़ी है। गंगा के तटों पर कटान होने लगा है। ऊंची-ऊंची आवाजों के साथ किनारे टूट-टूटकर गंगा में समा रहे हैं। जहां किसानों के खेत हैं, उन किनारों पर भी कटान शुरू हो गया है। सहसवान, सदर और दातागंज में से कटान का प्रभाव सबसे अधिक सहसवान में हो रहा है।
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बिजनौर डेम से पानी छोड़े जाने की स्थिति
बदायूं। पिछले तीन दिनों में बिजनौर डेम की स्थिति में से केवल दो दिनों की स्थिति का ही पता लग सका। सोमवार को बिजनौर ने अपने यहां की स्थिति से अवगत नहीं कराया। मंगलवार को बिजनौर डेम से 31,300 क्यूसेक और रविवार को 61,667 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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हरिद्वार डेम से पानी छोड़े जाने की स्थिति
बदायूं। हरिद्वार डेम से रविवार को 35,879 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सोमवार को 39,847 क्यूसेक पानी छोड़ा और आज मंगलवार को कम लेबल पर 28,931 क्यूसेक पानी रह गया है। इससे पहले शनिवार को हरिद्वार से 72 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण यहां बाढ़ खंड को विशेष सतर्क होना पड़ा था।
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रामगंगा दो दिनों से शांत
बदायूं। जिले में गंगा के बाद रामगंगा भी महत्वपूर्ण नदी है। गंगा पिछले तीन दिनों से जहां उथल-पुथल मचाए हुए हैं, वहीं रामगंगा शांत पड़ी है। रामगंगा क्यूसेक गेज पर सोमवार को 158.520 थी। वहीं मंगलवार को भी यही स्थिति बनी रही।
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मंगलवार को गंगा की स्थिति
नरौरा डेम से डिस्चार्ज- 36,906 क्यूसेक
कछला में गंगा- 162.80 क्यूसेक गेज