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Budaun News: काले कपड़े पहनकर सड़क पर उतरे हजारों शिक्षक

Wed, 17 Sep 2025 02:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Sep 2025 02:04 AM IST
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Thousands of teachers came out on the streets wearing black clothes
टेट अनिवार्यता का फैसला वापस के लिए शिक्षक- शिक्षिकाओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। संवाद
बदायूं। 25 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने व पदोन्नति के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का शिक्षक विरोध कर रहे हैं। इस फैसले को काला कानून बताते हुए शिक्षकों ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले के करीब तीन हजार से अधिक शिक्षक काले कपड़े पहनकर और काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
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जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा के नेतृत्व में शिक्षक दोपहर एक बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद शिक्षकों ने अपने-अपने विकास क्षेत्रों के बैनरों के पीछे पंक्तिबद्ध होकर डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान काला कानून वापस लो, शिक्षकों की मांगें पूरी करो, राष्ट्र निर्माताओं के साथ अन्याय नहीं चलेगा जैसे नारे गूंजते रहे। डीएम कार्यालय पहुंचकर शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
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उन्होंने कहा कि 2009 में सरकार ने टेट अनिवार्यता का कानून बनाया था। अब उसे 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू किया जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो शिक्षक लखनऊ से दिल्ली तक सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
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जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव ने कहा कि पहले प्रांतीय नेतृत्व सरकार से बातचीत करेगा। यदि सरकार ने बात नहीं मानी तो दिल्ली में विशाल आंदोलन होगा। दहगवां ब्लॉक अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव ने कहा कि जब-जब शिक्षकों के साथ अन्याय हुआ है, संगठन ने संघर्ष कर सरकार को झुकाने का काम किया है।

जिला उपाध्यक्ष अनुराग यादव ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट थोपना अन्याय है। इससे पूरे प्रदेश के शिक्षक आक्रोशित हैं। महिला शिक्षिकाओं ने भी प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न विकास क्षेत्रों की शिक्षिकाओं ने पैदल मार्च का नेतृत्व किया। उनका कहना था कि शिक्षकों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में जिले के सभी 15 विकास खंडों के अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, कार्यसमिति सदस्य, तहसील अध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी सदस्य, संघर्ष समिति एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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