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Budaun News: इस बार डॉक्टरों की भी पकड़ में नहीं आ रहा बुखार का प्रकार
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जिला अस्पताल की ओपीडी में दवा लेने को लगी मरीजों की लाइन। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। इस बार के बुखार में खास यह है कि डॉक्टर इसके प्रकार को समझ नहीं पा रहे। यही कारण है कि हफ्ते भर में ठीक हो जाने वाले बुखार को जाने में 15-20 दिन लग रहे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में करीब 350 मरीज बुखार के पहुंचे।
दिवाली के बाद डेंगू व मलेरिया के मरीजों में कमी आने का अंदेशा जताया जा रहा था। विभाग डेंगू व मलेरिया के केसों में काफी कमी आने का दावा कर रहा है। 15 नवंबर तक मलेरिया के जिले में करीब चार हजार मरीज थे। पिछले एक सप्ताह में मलेरिया का कोई भी मरीज नहीं निकला। यही हाल डेंगू का है।
जिले में 22 नवंबर तक डेंगू के 140 मरीज थे। विभाग का मानना है कि इस बार आंकड़ा काफी कम है। बावजूद इसके बुखार के मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल में बुखार के करीब तीन-चार सौ मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। जो बुखार पहले आठ-दस दिन में ठीक हो जाया करता था वो अब 15-20 दिन ले रहा है।
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जोड़ों में दर्द बता रहा चिकनगुनिया के लक्षण
बुखार के साथ हाथ-पैरों के जोड़ों का दर्द चिकनगुनिया के लक्षण बता रहा है, लेकिन जब डॉक्टर जांच कराते हैं तो जांच रिपोर्ट में कुछ नहीं आता। 10 से 15 दिन तक बुखार न जाने के कारण बढ़ी कमजोरी से थकान का असर लंबे अर्से तक बने रहने की आशंका रहती है। वायरल की वजह से प्लेटलेट भी कम हो रहीं हैं। इसकी वजह से मरीज अचानक ही गंभीर स्थिति में पहुंच जा रहे हैं। समय पर उपचार पाने के बावजूद उन्हें ठीक होने में अधिक समय लग रहा है।
कोरोना संक्रमण के बाद से ही वायरल और डेंगू के मरीजों में लक्षण बदल गए हैं। अधिकतर मरीजों में नए लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पहले अधिकतर मरीज 10 दिन में ठीक हो जाते थे, लेकिन अब उनके ठीक होने में 15 से 20 दिन तक लग रहे हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी की वजह से ऐसा हो रहा है। - डॉ. नितिन सिंह, फिजिशियन, जिला अस्पताल
गला जकड़ रहा वायरल, हो रही खांसी
इस मौसम में वायरल फीवर में गला जकड़ रहा है। जिला अस्पताल में हर पांचवां मरीज वायरल फीवर का शिकार है। बुखार आने के बाद भी 15 से 20 दिन तक खांसी नहीं जा रही। कई मरीजों में सूखी खांसी होने की भी शिकायत मिल रही है।
इन बातों का रखें ख्याल
- गुनगुना पानी पीयें, इसी पानी से गरारे भी कर सकते हैं।
- ठंडा पानी न पीयें, ठेले से कटे-फटे और गले फल न खाएं।
- डॉक्टर के परामर्श से दवा लें और आराम करें।
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दिवाली के बाद डेंगू व मलेरिया के मरीजों में कमी आने का अंदेशा जताया जा रहा था। विभाग डेंगू व मलेरिया के केसों में काफी कमी आने का दावा कर रहा है। 15 नवंबर तक मलेरिया के जिले में करीब चार हजार मरीज थे। पिछले एक सप्ताह में मलेरिया का कोई भी मरीज नहीं निकला। यही हाल डेंगू का है।
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जिले में 22 नवंबर तक डेंगू के 140 मरीज थे। विभाग का मानना है कि इस बार आंकड़ा काफी कम है। बावजूद इसके बुखार के मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल में बुखार के करीब तीन-चार सौ मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। जो बुखार पहले आठ-दस दिन में ठीक हो जाया करता था वो अब 15-20 दिन ले रहा है।
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जोड़ों में दर्द बता रहा चिकनगुनिया के लक्षण
बुखार के साथ हाथ-पैरों के जोड़ों का दर्द चिकनगुनिया के लक्षण बता रहा है, लेकिन जब डॉक्टर जांच कराते हैं तो जांच रिपोर्ट में कुछ नहीं आता। 10 से 15 दिन तक बुखार न जाने के कारण बढ़ी कमजोरी से थकान का असर लंबे अर्से तक बने रहने की आशंका रहती है। वायरल की वजह से प्लेटलेट भी कम हो रहीं हैं। इसकी वजह से मरीज अचानक ही गंभीर स्थिति में पहुंच जा रहे हैं। समय पर उपचार पाने के बावजूद उन्हें ठीक होने में अधिक समय लग रहा है।
कोरोना संक्रमण के बाद से ही वायरल और डेंगू के मरीजों में लक्षण बदल गए हैं। अधिकतर मरीजों में नए लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पहले अधिकतर मरीज 10 दिन में ठीक हो जाते थे, लेकिन अब उनके ठीक होने में 15 से 20 दिन तक लग रहे हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी की वजह से ऐसा हो रहा है। - डॉ. नितिन सिंह, फिजिशियन, जिला अस्पताल
गला जकड़ रहा वायरल, हो रही खांसी
इस मौसम में वायरल फीवर में गला जकड़ रहा है। जिला अस्पताल में हर पांचवां मरीज वायरल फीवर का शिकार है। बुखार आने के बाद भी 15 से 20 दिन तक खांसी नहीं जा रही। कई मरीजों में सूखी खांसी होने की भी शिकायत मिल रही है।
इन बातों का रखें ख्याल
- गुनगुना पानी पीयें, इसी पानी से गरारे भी कर सकते हैं।
- ठंडा पानी न पीयें, ठेले से कटे-फटे और गले फल न खाएं।
- डॉक्टर के परामर्श से दवा लें और आराम करें।