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लगता है इस बार पप्पू पास नहीं हो पाएगा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2016 11:40 PM IST
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परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
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बोर्ड कॉपियों के मूल्यांकन में शिक्षकों को जल्दबाजी पड़ेगी महंगी
गड़बड़ी पर शिक्षक को परीक्षा संबधी कार्य से किया जाएगा डिबार
यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन में इस बार में शिक्षकों को जल्दबाजी करना महंगा साबित होगा। यदि किसी शिक्षक द्वारा कॉपियों के मूल्यांकन में गलत नंबर या जल्दबाजी करने की स्थिति सामने आती है, तो उसे मूल्यांकन और बोर्ड परीक्षा संबधी कार्यों से डिबार करने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। इससे लग रहा है कि इस बार पप्पू पास नहीं हो पाएगा।
यूपी बोर्ड ने पिछले वर्षों में मूल्यांकन में हुई गलतियों से बचने के लिए इस बार सख्त नियम बनाए गए हैं। जिनके बारे में सभी डीआईओएस को अवगत कराया जा चुका है। इस बार कॉपियों के मूल्यांकन से पूर्व परीक्षकों को अपने योग्यता प्रमाण पत्रों को मूल्यांकन केंद्रों में जमा करना होगा। परीक्षकों को केंद्र पर व्हाइटनर ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। व्हाइटनर के प्रयोग से पिछले वर्षों में हुए मूल्यांकन में कई तरह से विवाद होने के कारण बोर्ड ने इस बार यह फैसला लिया है। शिक्षकों को इस बार मूल्यांकन करते समय पूरी गंभीरता दिखानी होगी। पिछले रिकार्ड बताते हैं मूल्यांकन में गलत सवाल पर भी परीक्षार्थी को अच्छे नंबर दिए गए, जबकि कुछ मेधावी बच्चों की कॉपियों में सही सवाल पर भी शिक्षक द्वारा नंबर पर कैंची चला दी गई। पिछले वर्ष कई परीक्षार्थियों ने शिकायत की जिस पर बोर्ड ने जब स्कूटनी कराई तब ये बात सामने आई। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए इस बार बोर्ड ने मूल्यांकन में नियम बनाए हैं। जिनके अनुसार ही शिक्षकों को मूल्यांकन करना होगा।
तीन कॉलेजों को बनाया गया है केंद्र
बदायूं। जिले में इस बारे तीन कॉलेजों को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। जिसमें इस्लामियां इंटर कॉलेज और श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में हाईस्कूल और जीआईसी बदायूं में इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन होगा। मूल्यांकन केंद्र पर सुरक्षा की पूरी व्यवस्था कराई गई है ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति मूल्यांकन के दौरान केंद्रों में प्रवेश न कर सके।
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फर्नीचर की हो रही पूर्ति
बदायूं। तीनों मूल्यांकन केंद्रो पर परीक्षकों के बैठन के लिए फर्नीचर की पूर्ति कराई जा रही है। तीनों कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से कॉलेज में फर्नीचर की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई साथ ही फर्नीचर के कम होने पर फर्नीचर की पूर्ति कराई गई है।
गड़बड़ी पर शिक्षक को परीक्षा संबधी कार्य से किया जाएगा डिबार
यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन में इस बार में शिक्षकों को जल्दबाजी करना महंगा साबित होगा। यदि किसी शिक्षक द्वारा कॉपियों के मूल्यांकन में गलत नंबर या जल्दबाजी करने की स्थिति सामने आती है, तो उसे मूल्यांकन और बोर्ड परीक्षा संबधी कार्यों से डिबार करने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। इससे लग रहा है कि इस बार पप्पू पास नहीं हो पाएगा।
यूपी बोर्ड ने पिछले वर्षों में मूल्यांकन में हुई गलतियों से बचने के लिए इस बार सख्त नियम बनाए गए हैं। जिनके बारे में सभी डीआईओएस को अवगत कराया जा चुका है। इस बार कॉपियों के मूल्यांकन से पूर्व परीक्षकों को अपने योग्यता प्रमाण पत्रों को मूल्यांकन केंद्रों में जमा करना होगा। परीक्षकों को केंद्र पर व्हाइटनर ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। व्हाइटनर के प्रयोग से पिछले वर्षों में हुए मूल्यांकन में कई तरह से विवाद होने के कारण बोर्ड ने इस बार यह फैसला लिया है। शिक्षकों को इस बार मूल्यांकन करते समय पूरी गंभीरता दिखानी होगी। पिछले रिकार्ड बताते हैं मूल्यांकन में गलत सवाल पर भी परीक्षार्थी को अच्छे नंबर दिए गए, जबकि कुछ मेधावी बच्चों की कॉपियों में सही सवाल पर भी शिक्षक द्वारा नंबर पर कैंची चला दी गई। पिछले वर्ष कई परीक्षार्थियों ने शिकायत की जिस पर बोर्ड ने जब स्कूटनी कराई तब ये बात सामने आई। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए इस बार बोर्ड ने मूल्यांकन में नियम बनाए हैं। जिनके अनुसार ही शिक्षकों को मूल्यांकन करना होगा।
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तीन कॉलेजों को बनाया गया है केंद्र
बदायूं। जिले में इस बारे तीन कॉलेजों को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। जिसमें इस्लामियां इंटर कॉलेज और श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में हाईस्कूल और जीआईसी बदायूं में इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन होगा। मूल्यांकन केंद्र पर सुरक्षा की पूरी व्यवस्था कराई गई है ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति मूल्यांकन के दौरान केंद्रों में प्रवेश न कर सके।
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फर्नीचर की हो रही पूर्ति
बदायूं। तीनों मूल्यांकन केंद्रो पर परीक्षकों के बैठन के लिए फर्नीचर की पूर्ति कराई जा रही है। तीनों कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से कॉलेज में फर्नीचर की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई साथ ही फर्नीचर के कम होने पर फर्नीचर की पूर्ति कराई गई है।