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Budaun News: राम मंदिर के निर्माण से लेकर चढ़ावे तक की हो निष्पक्ष जांच
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पत्रकार वार्ता के दौरान बात करते शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती। संवाद
बदायूं। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर के निर्माण, भूमि खरीद, चढ़ावे के प्रबंधन और जांच प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि आस्था के नाम पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पूरा मामला केवल चढ़ावे तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्माण कार्य, भूमि खरीद और ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन तक इसकी जांच होनी चाहिए।
शनिवार को सपा के जिलाध्यक्ष आशीष यादव की ओर से उझानी रोड के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण में तीन बड़े बिंदु सबसे अहम हैं। पहला मंदिर निर्माण में कथित कमीशनखोरी, दूसरा भूमि खरीद में अनियमितता और तीसरा चढ़ावे के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियां।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन तीनों मामलों में अब तक प्रभावी जांच नहीं कराई गई। उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्य से जुड़े एक इंजीनियर ने उन्हें बताया था कि निर्माण कार्यों में करीब 40 प्रतिशत कमीशन लिया गया है। निर्माण मद में अब तक लगभग 1600 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन इस भुगतान और कथित कमीशन की जांच नहीं हो रही।
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उन्होंने भूमि खरीद को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दो करोड़ रुपये की जमीन महज 10 मिनट में 22 करोड़ की हो गई। इसके बाद ट्रस्ट के धन से महंगी दरों पर जमीन की खरीदारी की गई। सीसीटीवी रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए। कहा, प्राण प्रतिष्ठा के बाद का सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। 40 दिनों का फुटेज मिला, उसमें करीब 70 बार चोरी की घटनाएं दर्ज हैं। एसआईटी जांच पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि जांच के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और वास्तविक तथ्यों तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया जा रहा।
यह दो नेता नहीं, दो भाजपा है
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह दो नेता की बात नहीं है, यह दो भाजपा की बात है। एक भाजपा गो भक्त है, जिसके कारण हिंदू उनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। उनमें से कुछ लोग अब भी वैसे ही बने हुए हैं। एक भाजपा वह है जो गाय के मांस के बदले कत्ल खानों से चंदा लेकर राजनीति चमका रही है।
गाय को राष्ट्र माता घोषित करे सरकार : अविमुक्तेश्वरानंद
- शंकराचार्य ने उठाए केंद्र व प्रदेश सरकार की भूमिका पर सवाल
- बोले- आस्था से खिलवाड़ करने वालों पर करें वोट की चोट
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी। गविष्टि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा पर निकले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने गो मांस के व्यापार को लोगों की आस्था से खिलवाड़ करार दिया। कहा कि सरकार से हमने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने मांग की थी, लेकिन उन्होंने सुना ही नहीं, फिर विरोध नहीं तो क्या करते।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गो भक्तों को गोरक्षा के लिए प्रेरित करने शनिवार सुबह शहर के एक पैलेस में पहुंचे। शंकराचार्य ने कहा कि देश और प्रदेश का विकास करना सरकार का नैतिक दायित्व है। कई कार्य ऐसे भी होते हैं, जिन्हें जन भावनाओं के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए। गाय को पशु कहना महापाप है। गोमाता की रक्षा के लिए उन्होंने सरकार से मांग की थी कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए। स्लाटर हाउस में गोमाता पर आरा चल रहा है। गोमांस का व्यापार न होने का दावा किया जाता है, फिर भी गो मांस बिकता है। जब सब कुछ होता है तो गाय की रक्षा कैसे होगी।
उन्होंने कहा कि गाय आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और कृषि अर्थव्यवस्था रीढ़ है। गो संरक्षण के लिए लोगों को आगे आना होगा। समय वोट की चोट करने का आ गया है। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में गोधाम की स्थापना के लिए जन भागीदारी पर जोर दिया।
इस मौके पर पूर्व विधायक हाजी विट्टन, सपा के प्रदेश सचिव रजनीश गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य सुनील यादव, उदयवीर शाक्य, सर्वेश यादव, संजीव यादव, उरमान सिंह, शिवराज सिंह, सुभाष यादव आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को सपा के जिलाध्यक्ष आशीष यादव की ओर से उझानी रोड के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण में तीन बड़े बिंदु सबसे अहम हैं। पहला मंदिर निर्माण में कथित कमीशनखोरी, दूसरा भूमि खरीद में अनियमितता और तीसरा चढ़ावे के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियां।
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उन्होंने आरोप लगाया कि इन तीनों मामलों में अब तक प्रभावी जांच नहीं कराई गई। उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्य से जुड़े एक इंजीनियर ने उन्हें बताया था कि निर्माण कार्यों में करीब 40 प्रतिशत कमीशन लिया गया है। निर्माण मद में अब तक लगभग 1600 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन इस भुगतान और कथित कमीशन की जांच नहीं हो रही।
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उन्होंने भूमि खरीद को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दो करोड़ रुपये की जमीन महज 10 मिनट में 22 करोड़ की हो गई। इसके बाद ट्रस्ट के धन से महंगी दरों पर जमीन की खरीदारी की गई। सीसीटीवी रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए। कहा, प्राण प्रतिष्ठा के बाद का सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। 40 दिनों का फुटेज मिला, उसमें करीब 70 बार चोरी की घटनाएं दर्ज हैं। एसआईटी जांच पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि जांच के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और वास्तविक तथ्यों तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया जा रहा।
यह दो नेता नहीं, दो भाजपा है
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह दो नेता की बात नहीं है, यह दो भाजपा की बात है। एक भाजपा गो भक्त है, जिसके कारण हिंदू उनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। उनमें से कुछ लोग अब भी वैसे ही बने हुए हैं। एक भाजपा वह है जो गाय के मांस के बदले कत्ल खानों से चंदा लेकर राजनीति चमका रही है।
गाय को राष्ट्र माता घोषित करे सरकार : अविमुक्तेश्वरानंद
- शंकराचार्य ने उठाए केंद्र व प्रदेश सरकार की भूमिका पर सवाल
- बोले- आस्था से खिलवाड़ करने वालों पर करें वोट की चोट
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी। गविष्टि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा पर निकले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने गो मांस के व्यापार को लोगों की आस्था से खिलवाड़ करार दिया। कहा कि सरकार से हमने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने मांग की थी, लेकिन उन्होंने सुना ही नहीं, फिर विरोध नहीं तो क्या करते।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गो भक्तों को गोरक्षा के लिए प्रेरित करने शनिवार सुबह शहर के एक पैलेस में पहुंचे। शंकराचार्य ने कहा कि देश और प्रदेश का विकास करना सरकार का नैतिक दायित्व है। कई कार्य ऐसे भी होते हैं, जिन्हें जन भावनाओं के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए। गाय को पशु कहना महापाप है। गोमाता की रक्षा के लिए उन्होंने सरकार से मांग की थी कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए। स्लाटर हाउस में गोमाता पर आरा चल रहा है। गोमांस का व्यापार न होने का दावा किया जाता है, फिर भी गो मांस बिकता है। जब सब कुछ होता है तो गाय की रक्षा कैसे होगी।
उन्होंने कहा कि गाय आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और कृषि अर्थव्यवस्था रीढ़ है। गो संरक्षण के लिए लोगों को आगे आना होगा। समय वोट की चोट करने का आ गया है। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में गोधाम की स्थापना के लिए जन भागीदारी पर जोर दिया।
इस मौके पर पूर्व विधायक हाजी विट्टन, सपा के प्रदेश सचिव रजनीश गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य सुनील यादव, उदयवीर शाक्य, सर्वेश यादव, संजीव यादव, उरमान सिंह, शिवराज सिंह, सुभाष यादव आदि मौजूद रहे।

पत्रकार वार्ता के दौरान बात करते शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती। संवाद