फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   There is no hearse available at night, blades are ordered from outside

Budaun News: रात में नहीं मिलता शव वाहन, बाहर से मंगाया जाता है ब्लेड

Wed, 20 Aug 2025 01:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 20 Aug 2025 01:02 AM IST
विज्ञापन
There is no hearse available at night, blades are ordered from outside
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जितेंद्र को डि्रप लगाता ट्रेनी फार्मासिस्ट। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी का हाल बेहाल है। यहां रात के समय ट्रेनी फार्मासिस्ट ही घायलों को ड्रिप लगाने से लेकर मरहम-पट्टी करते हैं। सोमवार रात की गई पड़ताल में सामने आया कि मरीज से ही सिर के बाल हटाने के लिए ब्लेड बाहर से मंगवाए जाते हैं, साथ ही शव वाहन उपलब्ध न होने की वजह से मरीज किराये पर वाहन लेकर घर तक जाता है।
विज्ञापन

सोमवार रात 9:42 बजे इमरजेंसी कक्ष में तीन ट्रेनी फार्मासिस्ट और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद थे। इस दौरान इस भरकुइया निवासी मरीज जितेंद्र पहुंचे। वह छत से गिर गए थे। उनका बायां पैर टूट गया था। इमरजेंसी में पहुंचते ही ट्रेनी फार्मासिस्ट ने जितेंद्र के हाथ में वीगो डाला और दवा लगा दी।
विज्ञापन

इस दौरान इमरजेंसी में न तो डाॅक्टर थे, न ही फार्मासिस्ट। रात करीब 9:55 बजे पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट पहुंचे। उन्होंने कादरचौक क्षेत्र से मारपीट में घायल आए युवक का मेडिकल परीक्षण करना शुरू कर दिया। इस बीच डीएम रोड निवासी संजीव गुप्ता की पत्नी किरन को सांड़ ने पटक दिया था। इस वजह से उसके सिर में चोट लग गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जैसे ही वह पहुंची तो ट्रेनी फार्मासिस्ट ने बिना डॉक्टर से सलाह लिए ही किरन को इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद किरन के सहयोग में आए जेके सक्सेना से ट्रेनी फार्मासिस्ट ने डिकल स्टोर से ब्लेड मंगवाया। कहा कि ब्लेड से सिर के बाल साफ करके पट्टी की जाएगी।
रात 9:33 बजे शाहजहांपुर जिले के कलान थाना क्षेत्र के गांव गुनोरा दाउदपुर निवासी सुनील (32) पुत्र जैदपाल को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच इमरजेंसी में मौजूद बाहरी व्यक्तियों ने शव घर तक पहुंचाने की एवज में 2100 रुपये तय किए। इसके बाद एंबुलेंस से शव लेकर परिवार के लोग चले गए, जबकि शव को घर तक पहुंचाने के लिए जिला अस्पताल के पास दो एंबुलेंस हैं। इस बात की जानकारी कर्मचारियों और डॉक्टरों द्वारा मृतक के परिवारों को नहीं दी जा रही।


इमरजेंसी का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था को ठीक कराया जाएगा। अगर कोई शव वाहन की मांग करता है तो उसे उपलब्ध कराया जाता है। जानकारी करेंगे कि 2100 रुपये में बाहरी वाहन क्यों ले जाया गया। -डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जितेंद्र को डि्रप लगाता ट्रेनी फार्मासिस्ट। संवाद

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जितेंद्र को डि्रप लगाता ट्रेनी फार्मासिस्ट। संवाद

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जितेंद्र को डि्रप लगाता ट्रेनी फार्मासिस्ट। संवाद

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जितेंद्र को डि्रप लगाता ट्रेनी फार्मासिस्ट। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed