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Budaun News: जिले में 600 से ज्यादा झोलाछाप, भारी पड़ रहे स्वास्थ्य विभाग पर

Fri, 06 Sep 2024 03:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2024 03:47 AM IST
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There are more than 600 quacks in the district, the health department is getting overwhelmed
झोलाछाप डॉक्टर की दुकान पर जांच करते सीएमओ।फाइल फोटो
बदायूं। जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में करीब 680 झोलाछाप हैं। पिछले साल खुद स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है। कार्रवाई के नाम पर महज 10-15 झोलाछाप पर कार्रवाई कर विभाग ने इतिश्री कर ली। हाल यह है कि देहात में आधे से ज्यादा मरीज इन झोलाछाप के सहारे हैं। इनके इलाज के कारण मौतें भी हो रहीं हैं।
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जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचल तक झोलाछाप की भरमार है। मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ 148 अस्पताल व क्लीनिक पंजीकृत हैं, जबकि जिले में करीब 680 से अधिक ऐसे क्लीनिक चल रहे हैं जो पंजीकृत ही नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग पर इन्हें संरक्षण देने के आरोप जब-तब लगते रहते हैं। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की जा रही।
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जिले में इन दिनों बुखार फैला हुआ है। सीएचसी-पीएची पर महज दो बजे तक मरीज देखे जाते हैं। वहीं झोलाछाप की दुकानें सुबह से लेकर शाम तक खुली रहती हैं। हाल यह है कि बुधवार को भगवानपुर गांव में नौ साल की बालिका परी की बुखार से मौत होने के बाद जब सीएमओ वहां जा रहे थे तो रास्ते में उन्हें कई झोलाछाप दिखे। सीएमओ की गाड़ी देख झोलाछाप भाग खड़े हुए। सीएमओ ने दोहरा गांव में एक छोलाछाप की दुकान सील कर दी थी। बाकी दुकानें बंद कर भाग गए।
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स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ही बने अनजान

जिले में 17 सीएचसी व 43 पीएचसी हैं। इनके अधीक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि उनके क्षेत्र में कहीं भी झोलाछाप डॉक्टर दुकानें न चलाएं, लेकिन यह चिकित्सा प्रभारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने रहते हैं। यही कारण है कि जिले में झोलाछाप का मकड़जाल फैला हुआ है।



केस एक
कुंवरगांव में झोलाछाप के इलाज से हो चुकी है छात्रा की मौत
क्षेत्र के गांव असिर्स निवासी महिपाल की आठ वर्षीय पुत्री अंजलि को सोमवार को उल्टी-दस्त हो रहे थे। परिजन उसको झोलाछाप के यहां ले गए। झोलाछाप पहले तो इलाज करता रहा। हालत गंभीर होने पर बरेली ले जाने को कहा। बरेली ले जाते समय रास्ते में अंजलि की मौत हो गई।



केस - 2

भगवानपुर में झोलाछाप के इलाज से छात्रा की मौत
समरेर विकास खंड व बिनावर थाना क्षेत्र के गांव भगवानपुर में बुधवार को नौ साल की छात्रा परी की झोलाछाप के इलाज से मौत हो गई। वह कक्षा पांच की छात्रा थी। उसे बुखार आ रहा था। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी है फिर भी न तो झोलाछाप पर कार्रवाई की गई न उसको तलाश किया गया।

केस तीन-

दातागंज में महिला की झोलाछाप के इलाज से मौत
दातागंज क्षेत्र के गांव खेड़ा जलालपुर निवासी ज्ञान देवी को बुखार आया था। परिजनों ने झोलाछाप से इलाज शुरू करा दिया। उसके गलत इलाज से महिला की 16 अगस्त को मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने जांच कर कार्रवाई की बात कही, लेकिन एक माह होने वाला है कोई कार्रवाई नहीं की गई।




झोलाछाप पर कार्रवाई के लिए एसीएमओ डॉ. जावेद अली को नोडल बनाया गया है। सभी एमओआईसी को क्षेत्र में झोलाछापों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बहुत जल्द अभियान चलाकर झोलाछापों पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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