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Budaun News: युवाओं ने सफलता की सीढ़ी चढ़ने लिए खुद बनाया रास्ता
Sun, 30 Mar 2025 12:56 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 30 Mar 2025 12:56 AM IST
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अंशु सिंह।
दहगवां। दुर्गपुर जरीफनगर गांव में युवाओं ने खुद फोर्स में जाने का रास्ता बनाया है। यह रास्ता भविष्य को संवारने के साथ ही सेना व पुलिस की वर्दी पहनने के सपने को भी पूरा करेगा।
पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने 2014-2019 के बीच अपने कार्यकाल में दुर्गपुर जरीफनगर गांव को गोद लिया था। तब युवाओं की मांग पर उन्होंने खेल मैदान विकसित करने का वायदा किया था। जमीन चिह्नित हुई, लेकिन काम नहीं हुआ।
समसपुर कुवरी निवासी पप्पू यादव ने श्रमदान से मैदान संवारने की पहल की तो उनसे युवा जोड़ने लगे। अब युवाओं ने खुद की मेहनत से मैदान को संवारा है। भूमि को समतल करके दौड़ के लिए 400 मीटर का ट्रैक तैयार किया गया है। अब मैदान में तैयारी करके हर वर्ष दो से तीन युवा पुलिस और सेना में भर्ती हो रहे हैं। अगर, प्रशासन मैदान का सौंदर्यीकरण कराए तो युवाओं को जरूरी खेल की सुविधाएं भी मिल जाएंगी। पप्पू यादव का कहना है कि साल 2015 में क्षेत्र के युवा सड़क पर दौड़ लगाते थे। कई युवा हादसे का शिकार होते-होते बच गए। इसके बाद मैदान को ट्रैक्टर से समतल कराने का काम किया। युवा इसी मैदान में बिना सुविधा के ही तैयारी करते आ रहे हैं।
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युवा पुलिस व फौज में जाने को उत्सुक तो रहते हैं, लेकिन गांव में तैयारी करने की कोई सुविधा नहीं है। कुछ युवा ही अपने दम पर तैयारी कर फोर्स में जा रहे हैं। अगर प्रशासन का समर्थन मिले तो क्षेत्र के अधिकांश युवा पुलिस में होंगे।
-अंशु ठाकुर
खेल विभाग से लेकर प्रशासन युवाओं के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रहा है। खेल विभाग अगर इस ओर ध्यान दे तो मैदान उपकरणों से लैस हो सकता है। -यतेंद्र राणा, युवा
खेल मैदान को जमीन है, लेकिन वह जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार होकर रह गया है। युवा अपनी प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं। -आनंद कुमार
युवाओं ने मेहनत करके ट्रैक बनाया है। मैदान में कई हिस्सों में घास ही घास है। शारीरिक अभ्यास के लिए किसी सरकारी मशीनरी का समर्थन नहीं है। सुविधाएं मिलें तो युवा अच्छे से तैयारी कर सकते हैं।
-रानू यादव
खेल मैदान के बारे में जानकारी नहीं है। हमारे समय में कोई खेल मैदान नहीं छोड़ा गया है। अगर पहले इसकाे चिह्नित किया गया है तो उसको ठीक कराने का काम किया जाएगा, जिससे युवाओं को इसका लाभ मिल सके।
- प्रवीन कुमार, बीडीओ दहगवां
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पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने 2014-2019 के बीच अपने कार्यकाल में दुर्गपुर जरीफनगर गांव को गोद लिया था। तब युवाओं की मांग पर उन्होंने खेल मैदान विकसित करने का वायदा किया था। जमीन चिह्नित हुई, लेकिन काम नहीं हुआ।
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समसपुर कुवरी निवासी पप्पू यादव ने श्रमदान से मैदान संवारने की पहल की तो उनसे युवा जोड़ने लगे। अब युवाओं ने खुद की मेहनत से मैदान को संवारा है। भूमि को समतल करके दौड़ के लिए 400 मीटर का ट्रैक तैयार किया गया है। अब मैदान में तैयारी करके हर वर्ष दो से तीन युवा पुलिस और सेना में भर्ती हो रहे हैं। अगर, प्रशासन मैदान का सौंदर्यीकरण कराए तो युवाओं को जरूरी खेल की सुविधाएं भी मिल जाएंगी। पप्पू यादव का कहना है कि साल 2015 में क्षेत्र के युवा सड़क पर दौड़ लगाते थे। कई युवा हादसे का शिकार होते-होते बच गए। इसके बाद मैदान को ट्रैक्टर से समतल कराने का काम किया। युवा इसी मैदान में बिना सुविधा के ही तैयारी करते आ रहे हैं।
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युवा पुलिस व फौज में जाने को उत्सुक तो रहते हैं, लेकिन गांव में तैयारी करने की कोई सुविधा नहीं है। कुछ युवा ही अपने दम पर तैयारी कर फोर्स में जा रहे हैं। अगर प्रशासन का समर्थन मिले तो क्षेत्र के अधिकांश युवा पुलिस में होंगे।
-अंशु ठाकुर
खेल विभाग से लेकर प्रशासन युवाओं के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रहा है। खेल विभाग अगर इस ओर ध्यान दे तो मैदान उपकरणों से लैस हो सकता है। -यतेंद्र राणा, युवा
खेल मैदान को जमीन है, लेकिन वह जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार होकर रह गया है। युवा अपनी प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं। -आनंद कुमार
युवाओं ने मेहनत करके ट्रैक बनाया है। मैदान में कई हिस्सों में घास ही घास है। शारीरिक अभ्यास के लिए किसी सरकारी मशीनरी का समर्थन नहीं है। सुविधाएं मिलें तो युवा अच्छे से तैयारी कर सकते हैं।
-रानू यादव
खेल मैदान के बारे में जानकारी नहीं है। हमारे समय में कोई खेल मैदान नहीं छोड़ा गया है। अगर पहले इसकाे चिह्नित किया गया है तो उसको ठीक कराने का काम किया जाएगा, जिससे युवाओं को इसका लाभ मिल सके।
- प्रवीन कुमार, बीडीओ दहगवां

अंशु सिंह।

अंशु सिंह।

अंशु सिंह।

अंशु सिंह।