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Shahjahanpur News: ग्रामीणों ने धूमधाम से निकाली कलश यात्रा

Sun, 05 Apr 2026 01:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 01:46 AM IST
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The villagers organized a grand Kalash Yatra.
कांट के पल्हौरा गांव में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद
कुर्रियाकलां। पल्हौरा गांव के शिव मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा आरंभ होने से पहले शनिवार को कलश यात्रा ढोल-बाजे के साथ धूमधाम से निकाली गयी।
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कलश यात्रा में यजमान विशाेक मिश्रा श्रीमद्भागवत पुराण और महिलाएं पवित्र जल से भरे कलश लेकर चलीं। कलश यात्रा गांव के कोंचेश्वर महादेव मंदिर, फूलमती देवी मंदिर और शनि मंदिर होते हुए पल्हौरा गांव के शिव मंदिर पर संपन्न हुई।
वहां व्यास पीठ के पास कतार से कलश रखे गए और पं. आशीष वाजपेयी ने विधि-विधान से वेदी एवं नवग्रह पूजन कराया। व्यवस्था में रमेश मिश्रा, विकास मिश्रा, सूरज मिश्र, आकाश मिश्रा, शोभित आदि का सहयोग रहा। संवाद
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शनिदेव की मूर्ति की स्थापना के बाद हुआ भंडारा
खुटार। बाबा बगियानाथ मंदिर में शनिदेव की मूर्ति की स्थापना कराई गई। इसके बाद कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया गया।
शनिवार सुबह से ही तमाम श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और मूर्ति की स्थापना कार्यक्रम में भाग लिया। मूर्ति की स्थापना के बाद श्रद्धालुओं ने शनिदेव की पूजा-अर्चना की। पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई। दोपहर बाद कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया गया।
आयोजन में सत्यम मिश्रा, राकेश दीक्षित, शशिविंद, संजय, शिवम मिश्रा, दीपू, मिलन मिश्रा, सत्यदेव शुक्ला, सुंदरम मिश्रा सहित तमाम लोगों का सहयोग रहा। संवाद
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अशिक्षा और अज्ञान मनुष्य के विनाश का कारण : यशवीर
खुटार। मोहल्ला पूर्वी गढ़ी में आर्य समाज मंदिर परिसर में चल रहे वार्षिकोत्सव में आचार्य यशवीर ने कहा कि अशिक्षा और अज्ञान मनुष्य के विनाश का कारण है। सभी को अपने बच्चों को हर हाल में संस्कारयुक्त शिक्षा देने का प्रयास करना चाहिए।
शुक्रवार रात प्रवचन करते हुए आचार्य ने कहा कि श्रेष्ठजन के सत्संग से भी शिक्षा और ज्ञान मिलता है। ज्ञान ही ईश्वर की अनुभूति कराता है। अज्ञानी को परम आनंद की प्राप्ति नहीं होती। अशिक्षित और अज्ञानी अंधे के समान हैं। शिक्षा से ही राष्ट्र और मानवता का कल्याण होने के साथ ही धर्म का उन्नयन होगा।
यशदेव आर्य ने प्रवचन करते हुए कहा कि निर्बल, वंचित और असहायों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची उपासना है। आडंबर झूठ का पर्याय है जो विनाश का कारण बनता है। आडंबर और कुरीतियों को जितना शीघ्र हो, त्याग देना चाहिए। सत्यव्रत आर्य ने भजनों के माध्यम से वेदों को पढ़ने का संदेश दिया। शनिवार सुबह यज्ञ में तमाम लोगों ने भाग लेकर आहुतियां दीं। संवाद
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रासलीला में सुंदर झांकियों ने मन मोहा

पुवायां। हरेराम पक्का तालाब मंदिर परिसर में चल रहे श्री भगवन्नाम जप वार्षिकोत्सव में कलाकारों ने रासलीला के मंचन के दौरान झांकियां प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
कलाकारों ने भगवान कृष्ण की बाललीला का मंचन किया। इस दौरान भगवान कृष्ण और राधा की कई झांकियां प्रस्तुत की गईं। देर रात तक चले रासलीला मंचन में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शनिवार शाम को कथाव्यास गोपाल त्रिपाठी और मयंकशेखर पांडे ने श्रीराम कथा के महत्व काे बताया और सत्संगति पर जोर देते हुए कहा कि क्षणभर के सत्संग से भी जीवन सुधर सकता है।
संतों की संगति से काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार दूर होता है, जिससे परिवार में सुख का वातावरण बनता है। कथा व्यास ने कहा कि पुत्र, पत्नी और धन पापी के पास भी हो सकता है, लेकिन सत्संगति और हरिकथा अत्यंत दुर्लभ हैं और अच्छे कर्म करने वालों को ही हरिकथा सुनने का सौभाग्य मिलता है। संवाद

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ईश्वर भक्ति के साथ अच्छे संस्कार और सेवाभाव के लिए किया प्रेरित

चांदपुर। श्री शिवा-महेश्वरनाथ धाम पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को कथा व्यास पंडित अनिल दीक्षित ने श्रद्धालुओं को महाराजा पृथ्वी का प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया। ईश्वर की भक्ति के साथ अच्छे संस्कार और सेवाभाव अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि महाराजा पृथ्वी का जीवन त्याग, धर्म और न्याय का प्रतीक था। उन्होंने सदैव सत्य के मार्ग पर चलकर प्रजा की सेवा को ही अपना धर्म माना। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी हमें धर्म और कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहिए।
मनुष्य यदि अपने जीवन में अच्छे संस्कार, सेवा भाव और ईश्वर भक्ति को अपनाए, तो उसका जीवन सफल हो जाता है। कथा के बीच-बीच में भजनों की प्रस्तुति से पांडाल भक्तिरस से सराबोर हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। बाद में भगवान की आरती हुई और भोग लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संवाद

कांट के पल्हौरा गांव में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद

कांट के पल्हौरा गांव में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद

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