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Budaun News: एकादशी पर रंग-बिरंगी रोशनी से नहाये शहर के मंदिर
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हर प्रसाद मंदिर के बाहर लगी भीड़। संवाद
बदायूं। जिले में हर्षोल्लास के साथ एकादशी मनाई गई। जन्माष्टमी पर मंदिरों में जहां नाममात्र की सजावट हुई, वहीं एकादशी पर शहर का हर छोटा-बड़ा मंदिर बड़ी भव्यता से सजाया गया। कई मंदिरों में इलेक्ट्रॉनिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तीन दिन बाद सूतक खत्म होते हैं, जिसके बाद एकादशी मनाए जाने की परंपरा है। इसी क्रम में हर साल मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। मंगलवार को सूरज ढलते ही बिजली की रोशनी से शहर के मंदिर और सड़कें जगमगाने लगीं। गली-गली मंदिरों में जहां देवी देवताओं को नवीन वस्त्रों और आभूषणों से अलंकृत किया गया, वहीं मंदिर बिजली झालरों से जगमगाते नजर आ रहे थे।
योगिराज कृष्ण के जीवन की कथा से जुड़ी झांकियां आकर्षक का केंद्र रहीं। भगवान भोले नाथ, पर्वत उठाए महावीर बजरंगबली, दधि मंथन, मां यशोदा, नटखट नंद गोपाल की झांकियों में सजीवता झलक रही थी।
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मंदिरों में तैनात रही पुलिस फोर्स
शहर के सभी मंदिरों में काफी भीड़ रही। ऐसे में मंदिरों के बाहर से लेकर भीतर तक पुलिस तैनात रही। शहर के बिरुआबाड़ी मंदिर, हरप्रसाद मंदिर, गौरीशंकर मंदिर समेत रघुनाथ मंदिर में रात आठ बजे से भीड़ जुटना शुरू हो गई थी, जो मध्यरात्रि तक रही।
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भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तीन दिन बाद सूतक खत्म होते हैं, जिसके बाद एकादशी मनाए जाने की परंपरा है। इसी क्रम में हर साल मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। मंगलवार को सूरज ढलते ही बिजली की रोशनी से शहर के मंदिर और सड़कें जगमगाने लगीं। गली-गली मंदिरों में जहां देवी देवताओं को नवीन वस्त्रों और आभूषणों से अलंकृत किया गया, वहीं मंदिर बिजली झालरों से जगमगाते नजर आ रहे थे।
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योगिराज कृष्ण के जीवन की कथा से जुड़ी झांकियां आकर्षक का केंद्र रहीं। भगवान भोले नाथ, पर्वत उठाए महावीर बजरंगबली, दधि मंथन, मां यशोदा, नटखट नंद गोपाल की झांकियों में सजीवता झलक रही थी।
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मंदिरों में तैनात रही पुलिस फोर्स
शहर के सभी मंदिरों में काफी भीड़ रही। ऐसे में मंदिरों के बाहर से लेकर भीतर तक पुलिस तैनात रही। शहर के बिरुआबाड़ी मंदिर, हरप्रसाद मंदिर, गौरीशंकर मंदिर समेत रघुनाथ मंदिर में रात आठ बजे से भीड़ जुटना शुरू हो गई थी, जो मध्यरात्रि तक रही।

हर प्रसाद मंदिर के बाहर लगी भीड़। संवाद

हर प्रसाद मंदिर के बाहर लगी भीड़। संवाद

हर प्रसाद मंदिर के बाहर लगी भीड़। संवाद

हर प्रसाद मंदिर के बाहर लगी भीड़। संवाद